अमेरिका में प्रेसिडेंट Donald Trump के कई देशों पर टैरिफ लगाने से मार्केट्स में गिरावट हुई है। हालांकि, क्रिप्टो मार्केट पर शुक्रवार को इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस 1.30 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश किए जाने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज
Binance पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 84,660 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग एक प्रतिशत की तेजी थी। Ether का प्राइस लगभग 1,830 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। तेजी वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में Solana, BNB, Tron, Cardano और XRP शामिल थे। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट पर भी ट्रंप के टैरिफ से जुड़े फैसलों से प्रेशर है। बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से भी विड्रॉल किया जा रहा है।
अमेरिका ने कई देशों पर विभिन्न स्लैब में टैरिफ लगाए हैं। ट्रंप की टैरिफ की घोषणा से
बिटकॉइन में वोलैटिलिटी है। बिटकॉइन में मजबूती आ रही थी और इसका प्राइस 88,000 डॉलर से अधिक पर पहुंच गया था लेकिन इसके बाद इसमें दोबारा गिरावट हो रही है। Ether में मंदी का ट्रेंड है। हाल ही में व्हाइट हाउस के डिजिटल एसेट्स पर प्रेसिडेंट की एडवाइजर्स की काउंसिल के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, Bo Hines ने बताया था कि अमेरिका की सरकार बिटकॉइन जमा करने के लिए अपने गोल्ड के रिजर्व का इस्तेमाल करने के तरीकों पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, "अगर हम गोल्ड के रिजर्व पर प्रॉफिट को भुनाते हैं तो यह बिटकॉइन खरीदने का एक अच्छा तरीका होगा।" Hines ने सीनेटर Cynthia Lummis की ओर से पेश किए गए बिटकॉइन एक्ट का भी जिक्र किया था। इसमें लगभग 10 लाख बिटकॉइन खरीदने का पक्ष लिया गया है। यह बिटकॉइन की कुल सप्लाई का लगभग पांच प्रतिशत होगा।
हाल ही में ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए थे। अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में सरकार की ओर से जब्त किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे। क्रिप्टो मार्केट का अनुमान था कि इस रिजर्व के लिए अमेरिकी सरकार की ओर से बड़ी संख्या में बिटकॉइन की खरीदारी की जाएगी और इससे डिमांड मजबूत होगी। हालांकि, ट्रंप ने जिस एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं उसमें यह स्पष्ट है कि क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए टैक्सपेयर्स की रकम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।