बिटकॉइन के रिजर्व को घटा रहा भूटान, क्रिप्टो माइनिंग में भी हुई कमी!

पिछले कुछ महीनों में भारत के इस पड़ोसी देश ने बिटकॉइन में बिकवाली की है। भूटान में हाइड्रोपावर प्लांट्स से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है। इस इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल बिटकॉइन माइनिंग में भी किया जाता है

बिटकॉइन के रिजर्व को घटा रहा भूटान, क्रिप्टो माइनिंग में भी हुई कमी!

भूटान के पास इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का रिजर्व घटकर 3,774 बिटकॉइन का रह गया है

ख़ास बातें
  • पिछले कुछ महीनों में भारत के इस पड़ोसी देश ने बिटकॉइन में बिकवाली की है
  • भूटान में बिटकॉइन माइनिंग से मिलने वाले रेवेन्यू में भी कमी हुई है
  • पिछले वर्ष भूटान ने क्रिप्टो पेमेंट सिस्टम को लॉन्च करने की घोषणा की थी
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पिछले कुछ वर्षों में Bhutan ने सबसे अधिक वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में काफी इनवेस्टमेंट किया था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में भारत के इस पड़ोसी देश ने बिटकॉइन में बिकवाली की है। भूटान में हाइड्रोपावर प्लांट्स से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है। इस इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल बिटकॉइन माइनिंग में भी किया जाता है। 

भूटान के पास 2024 के अंत में लगभग 13,000 बिटकॉइन थे। इन बिटकॉइन की मौजूदा वैल्यू लगभग 93.1 करोड़ डॉलर की है। Arkham Intelligence के डेटा से पता चलता है कि भूटान के पास इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी का रिजर्व घटकर 3,774 बिटकॉइन का रह गया है। इस बिटकॉइन रिजर्व की वैल्यू लगभग 27 करोड़ डॉलर की है। पिछले कुछ दिनों में ही भूटान ने 1.2 करोड़ डॉलर के बिटकॉइन की बिक्री की है। इसके अलावा बिटकॉइन माइनिंग से मिलने वाले रेवेन्यू में भी कमी हुई है। 

इस बारे में भूटान की सरकार और इसके सॉवरेन फंड मैनेजर, Druk Holding and Investments ने कोई जानकारी नहीं दी है। क्रिप्टो मार्केट के एनालिस्ट्स का कहना है कि ऐसा संकेत है कि हाइड्रोपावर के इस्तेमाल से होने वाली बिटकॉइन माइनिंग रुक गई है। पिछले वर्ष भूटान ने क्रिप्टो पेमेंट सिस्टम को लॉन्च करने की घोषणा की थी। इसके लिए बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में से एक Binance के साथ टाई-अप किया गया था। इस फैसले का उद्देश्य पर्यटकों को करेंसी एक्सचेंज रेट्स और इंटरनेशनल कार्ड्स की कम उपलब्धता जैसी उलझनों से बचाना और पेमेंट्स का आसान जरिया उपलब्ध कराना था। भूटान की इकोनॉमी में पर्यटन से मिलने वाली आमदनी की बड़ी हिस्सेदारी है। 

बिटकॉइन का मौजूदा प्राइस 71,000 डॉलर से कुछ अधिक का है। पिछले वर्ष अक्टूबर में इस सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी ने 1,26,198 डॉलर का पीक लेवल बनाया था। इसके बाद से इसका प्राइस 40 प्रतिशत से अधिक घटा है। हाल ही में क्रिप्टो एनालिस्ट Peter Schiff ने बिटकॉइन में नुकसान बढ़ने की चेतावनी दी थी। Schiff ने कहा था, "अगर बिटकॉइन का प्राइस 50,000 डॉलर से नीचे जाता है तो यह 20,000 डॉलर तक गिर सकता है। यह इसके पीक लेवल से लगभग 84 प्रतिशत की गिरावट होगी। बिटकॉइन की सर्कुलेशन में सप्लाई दो करोड़ टोकन से ज्यादा हो गई है। इसके बाद लगभग 10 लाख बिटकॉइन की माइनिंग ही की जा सकती है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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