ईरान और रूस में ड्रोन खरीदने के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

यूक्रेन पर 2022 में हमले की शुरुआत के बाद से रूस से जुड़े ग्रुप्स ने क्रिप्टोकरेंसी में मिली डोनेशंस के जरिए 80 लाख डॉलर से अधिक की रकम जुटाई है। इस रकम का इस्तेमाल ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने के लिए भी किया जा रहा है

ईरान और रूस में ड्रोन खरीदने के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

हाल के वर्षों में बिटकॉइन माइनिंग में भी ईरान की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है

ख़ास बातें
  • यूक्रेन पर हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है
  • कुछ विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कम कॉस्ट वाले ड्रोन उपलब्ध हैं
  • हाल के वर्षों में बिटकॉइन माइनिंग में ईरान की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है
विज्ञापन

पिछले कुछ सप्ताह से लगातार हमलों का सामना कर रहे ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। 

Reuters ने ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि कुछ इंटरनेशनल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कम कॉस्ट वाले ड्रोन्स आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, अथॉरिटीज के लिए यह ट्रैक करना मुश्किल होता है कि इन ड्रोन को कौन खरीद रहा है और इसके पीछे उसका क्या उद्देश्य है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन्स की अधिकतर खरीदारी सामान्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जरिए होती है। हालांकि, कुछ मामलों में ब्लॉकचेन के साथ संपर्क होने की वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए ड्रोन खरीदने का भी पता चला है। 

ब्लॉकचेन एक पब्लिक डिजिटल लेजर होता है जिस पर क्रिप्टोकरेंसीज बेस्ड होती हैं। इस लेजर से जांचकर्ताओं को ट्रांजैक्शन का पता लगाने में आसानी होती है। Chainalysis के ब्लॉकचेन रिसर्चर्स ने कुछ ई-कॉमर्स  प्लेटफॉर्म्स पर ड्रोन के डिवेलपर्स और मिलिट्री ग्रुप्स से जुड़े वॉलेट्स से क्रिप्टोकरेंसी की ट्रांजैक्शंस का पता लगाया है। यूक्रेन पर 2022 में हमले की शुरुआत के बाद से रूस से जुड़े ग्रुप्स ने क्रिप्टोकरेंसी में मिली डोनेशंस के जरिए 80 लाख डॉलर से अधिक की रकम जुटाई है। इस रकम का इस्तेमाल ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने के लिए भी किया जा रहा है। 

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान से जुड़े ग्रुप्स भी ड्रोन के पार्ट्स खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें विशेषतौर पर ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ कनेक्शन वाले एक क्रिप्टो वॉलेट की जानकारी दी गई है। इस क्रिप्टो वॉलेट के इस्तेमाल से हांगकांग के एक सप्लायर से ड्रोन के पार्ट्स खरीदे गए हैं। हाल के वर्षों में बिटकॉइन माइनिंग में ईरान की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। इसके पीछे बड़ा कारण ईरान में इलेक्ट्रिसिटी पर मिलने वाली भारी सब्सिडी है। हालांकि, ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए जा रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से क्रिप्टो माइनिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Edge 70 सीरीज में शामिल हो सकते हैं 3 नए Pro मॉडल्स
  2. ईरान और रूस में ड्रोन खरीदने के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
  3. WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
  4. SIM Binding: खुशखबरी! सिम बाइंडिंग की डेडलाइन इस तारीख तक बढ़ी, अभी बिना सिम नहीं बंद होंगे WhatsApp, Telegram जैसे ऐप
  5. Xiaomi Mijia Garment Steamer 2 हुआ लॉन्च, जिद्दी सिलवटें निकालने का दावा, 6 आयरन मोड, जानें कीमत
  6. लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
  7. Infinix Note 60 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, रियर पैनल पर मिलेगा Active Matrix Display
  8. Airtel के ग्राहक 65 करोड़ के पार! बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
  9. सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
  10. आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »