ईरान के छिपे हुए क्रिप्टो नेटवर्क्स को निशाना बना रहा अमेरिका

इस इस्लामिक देश से जुड़े कई संगठन बड़ी ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस करने के लिए विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसमें सरकार के अलावा प्राइवेट फर्में भी शामिल हैं

ईरान के छिपे हुए क्रिप्टो नेटवर्क्स को निशाना बना रहा अमेरिका

पिछले कुछ वर्षों में अरबों डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस का ईरान के साथ लिंक मिला है

ख़ास बातें
  • अमेरिका ने ईरान पर इकोनॉमिक प्रेशर को बढ़ाने की तैयारी की है
  • ईरान के डिजिटल एसेट्स को फ्रीज किया जा रहा है
  • पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का दायरा बदल रहा है। ईरान पर भीषण हमले कर भारी नुकसान पहुंचाने के बाद अमेरिका ने इकोनॉमिक प्रेशर को बढ़ाने की तैयारी की है। इसके लिए ईरान के क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क्स को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिका गैर कानूनी फंड्स का पता लगाने के साथ ही डिजिटल एसेट्स को फ्रीज भी कर रहा है। 

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान से जुड़े क्रिप्टो एकाउंट्स में लाखों डॉलर को जब्त या ब्लॉक किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर डॉलर में चलने वाले इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम को ईरान चकमा दे सकता है। अमेरिका और बहुत से पश्चिमों देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों से बचने का भी यह एक जरिया बन रहा है। Reuters की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि विशेषतौर पर कड़े प्रतिबंधों की अवधि के दौरान अरबों डॉलर की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस का ईरान के साथ लिंक मिला है। इसके अलावा इस इस्लामिक देश से जुड़े कई संगठन बड़ी ट्रांजैक्शंस को प्रोसेस करने के लिए विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसमें सरकार के अलावा प्राइवेट फर्में भी शामिल हैं। 

ईरान से ऑयल के एक्सपोर्ट का भुगतान हासिल करने के लिए भी क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। 

ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कुछ इंटरनेशनल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कम कॉस्ट वाले ड्रोन्स आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, अथॉरिटीज के लिए यह ट्रैक करना मुश्किल होता है कि इन ड्रोन को कौन खरीद रहा है और इसके पीछे उसका क्या उद्देश्य है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन्स की अधिकतर खरीदारी सामान्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जरिए होती है। हालांकि, कुछ मामलों में ब्लॉकचेन के साथ संपर्क होने की वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए ड्रोन खरीदने का भी पता चला है। Chainalysis के ब्लॉकचेन रिसर्चर्स ने कुछ ई-कॉमर्स  प्लेटफॉर्म्स पर ड्रोन के डिवेलपर्स और मिलिट्री ग्रुप्स से जुड़े वॉलेट्स से क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस का पता लगाया है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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