बिटकॉइन का प्राइस 71,840 डॉलर से ज्यादा पर था। पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन में यह एक बड़ा मूवमेंट है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी। Ethereum का प्राइस लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,277 डॉलर पर था
अमरेिका में Crypto CLARITY Act को जल्द पास किया जा सकता है
अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड कम होने, कमजोर डॉलर और मजबूत इंस्टीट्यूशनल डिमांड का क्रिप्टो मार्केट को फायदा मिला है। मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin ने 70,000 डॉलर के लेवल को पार किया है। अमेरिका में क्रिप्टो से जुड़े एक्ट के भी जल्द पास होने की संभावना है।
इस रिपोर्ट को पब्लिश करने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Coinmarketcap पर बिटकॉइन का प्राइस 71,840 डॉलर से ज्यादा पर था। पिछले कुछ महीनों में बिटकॉइन में यह एक बड़ा मूवमेंट है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum में भी तेजी थी। Ethereum का प्राइस लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,277 डॉलर पर था। प्रॉफिट वाली अन्य क्रिप्टोकरेंसीज में Tether, BNB, Solana और XRP शामिल थे। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग आठ प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.37 लाख करोड़ डॉलर पर था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट में तेजी के पीछे इंटरनेशनल मार्केट में लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार होना एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कम होने और कमजोर डॉलर के साथ ही इंस्टीट्यूशनल डिमांड में बढ़ोतरी का भी मार्केट को फायदा मिला है। अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump ने पार्लियामेंट से Crypto CLARITY Act को पास करने का निवेदन किया है। इससे क्रिप्टो मार्केट को लेकर रेगुलेटरी स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है। भारत मे क्रिप्टो मार्केट को लेकर रेगुलेटर्स की आशंका बरकरार है। केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेट करने या इस सेगमेंट पर बैन लगाने के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का मानना है कि बैंकों और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को क्रिप्टोकरेंसीज या प्राइवेट एंटिटीज के स्टेबलकॉइन्स को होल्ड करने, ट्रेडिंग या इनमें फंड लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके साथ ही RBI का सुझाव है कि क्रिप्टोकरेंसीज को रेगुलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी क्रिप्टोकरेंसीज में ट्रेडिंग को लेकर आशंका जताई है। हाल ही में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों और अन्य इंटरमीडियरीज के लिए मौजूदा टैक्स कानूनों के तहत ट्रांजैक्शंस की रिपोर्टिंग के लिए एक विस्तृत गाइडेंस जारी किया है। CBDT ने इस गाइडेंस में कहा है कि टैक्स की चोरी से लड़ने और रेवेन्यू बेस की सुरक्षा करने की देश की प्रतिबद्धता मजबूत है। हालांकि, क्रिप्टो-एसेट्स की तेजी से हो रही ग्रोथ से नई चुनौती सामने आई है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
iQOO Z11 vs OnePlus Nord CE 6 vs Vivo T5 Pro 5G: ₹40 हजार में कौन सा है बेस्ट
82% स्मार्टफोन खरीदारों का रहता है AI पर फोकस, पर आज भी ये फीचर है सबसे जरूरी: Amazon सर्वे