भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार

मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स और शिपिंग मिनिस्ट्री की ओर से स्थिति का आकलन करने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे भारत से जुड़े जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए हरी झंडी दी जाती है

भारत ने होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान को क्रिप्टो में पेमेंट देने से किया इनकार

कुछ स्कैमर्स होर्मुज से सुरक्षित निकलने के लिए जहाजों से क्रिप्टो में पेमेंट मांग रहे हैं

ख़ास बातें
  • पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी।
  • इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था
  • अमेरिक और ईरान के बीच होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर विवाद है
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ईरान के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए क्रिप्टोकरेंसी या कैश में किसी भुगतान से भारत ने इनकार किया है। पिछले सप्ताह दो भारतीय जहाजों पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने की कोशिश में ईरान के सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। इसके बाद इन जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। 

इनमें से एक टैंकर Sanmar Herald के कैप्टन की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। इसमें ईरान के सुरक्षा बलों से इस टैंकर के कैप्टन फायरिंग रोकने का निवेदन कर रहे थे। उन्होंने ईरानी सुरक्षा बलों को बताया था कि उनके पास होर्मुज से निकलने के लिए अनुमति है। इसके बावजूद फायरिंग की जा रही है। इस कैप्टन ने सुरक्षा बलों को वापस लौटने की जानकारी दी थी। 

भारत ने इन दावों को गलत बताया है कि होर्मुज से जहाजों के मूवमेंट के लिए ईरान के साथ डील की गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पिछले सप्ताह हुई यह घटना क्रिप्टो स्कैम से जुड़ी है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि होर्मुज से सुरक्षित निकलने के लिए स्कैमर्स ने जहाजों के मालिकों को क्रिप्टो में भुगतान करने को कहा है। इस स्कैम का कम से कम एक जहाज शिकार हुआ है। हालांकि, होर्मुज से निकलने पर इस जहाज पर फायरिंग की गई थी। भारत की शिपिंग मिनिस्ट्री ने बताया है कि Sanmar Herald के सुरक्षित रास्ते के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया था। 

मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स और शिपिंग मिनिस्ट्री की ओर से स्थिति का आकलन करने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे भारत से जुड़े जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के लिए हरी झंडी दी जाती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान से जुड़े कुछ ग्रुप मिलिट्री ड्रोन खरीदने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा रूस के भी कुछ ग्रुप के क्रिप्टोकरेंसी से ड्रोन और कंपोनेंट्स खरीदने की रिपोर्ट है। यूक्रेन के खिलाफ हमलों में रूस बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Chainalysis की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ड्रोन्स की अधिकतर खरीदारी सामान्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जरिए होती है। हालांकि, कुछ मामलों में ब्लॉकचेन के साथ संपर्क होने की वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए ड्रोन खरीदने का भी पता चला है। 


 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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