गूगल मैप्स अब बताएगा और सटीक रास्ता, जोड़े गए प्लस कोड

गूगल ने नई दिल्ली में मंगलवार को गूगल मैप्स में प्लस कोड जोड़े जाने का ऐलान किया। दरअसल, ये एरिया व लोकल कोड हैं, जिनकी मदद से गूगल मैप्स यूज़र को पता जानने में आसानी होगी।

गूगल मैप्स अब बताएगा और सटीक रास्ता, जोड़े गए प्लस कोड
ख़ास बातें
  • गूगल मैप्स में सटीक रास्ते बताने को प्लस कोड जोड़े गए
  • यूज़र को अब वॉयस नैविगेशन की सुविधा 6 अन्य भाषाओं में मिलेगी
  • यूज़र ऐप में वॉयस नेविगेशन को दूसरी भाषा में तुरंत स्विच कर पाएंगे
विज्ञापन

गूगल ने नई दिल्ली में मंगलवार को गूगल मैप्स में प्लस कोड जोड़े जाने का ऐलान किया। दरअसल, ये एरिया व लोकल कोड हैं, जिनकी मदद से गूगल मैप्स यूज़र को पता जानने में आसानी होगी। साथ ही यूज़र को अब वॉयस नैविगेशन की सुविधा 6 अन्य भाषाओं (बंगाली, गुजराती, कन्नड़, तेलगू, तमिल और मलयालम) में भी मिलेगी। गूगल ने जानकारी दी है कि अब यूज़र ऐप में वॉयस नेविगेशन को दूसरी भाषा में तुरंत स्विच कर पाने में सक्षम होंगे। इसके अलावा कंपनी अब ऐप में पते को और सटीक दिखाने व बेहतर परिणाम देने पर ध्यान दे रही है।  

जैसा कि हमने पहले बताया, बेहतर अनुभव देने की ओर कदम बढ़ाते हुए गूगल मैप्स भारत में प्लस कोड जोड़ेगी। गूगल मैप्स टीम ने बताया, ''प्लस कोड जेनरेट करने के लिए यूज़र को लोकेशन पर ज़ूम करना होगा। लोकेशन का पिन डालना होगा और फिर पिन पर टैप कर कोड देखना होगा।'' कंपनी की ओर से कहा गया कि प्लस कोड इस्तेमाल के लिए बिल्कुल मुफ्त होंगे। इन्हें ऑफलाइन भी इस्तेमाल किया जा सकेगा और किसी अन्य यूज़र के साथ साझा करना भी सुविधाजनक होगा।

गूगल सर्च में भी अब प्लस कोड के ज़रिए लोकेशन की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। प्लस कोड फिलहाल एंड्रॉयड के लिए उपलब्ध करवाए गए हैं। आईओएस के लिए इन्हें बाद में लाया जाएगा। फीचर को मैप माय इंडिया पर लाया गया है, जिसकी शुरुआत पिछले साल हुई थी। गूगल ने बताया, ''कंपनी की सरकार से प्लस कोड बढ़ाने को लेकर बात चल रही है। हम बुक माय शो के साथ पहले ही प्लस कोड पर काम कर चुके हैं।''

गूगल मैप्स में ''ऐड एन एड्रेस'' फीचर भी जोड़ा गया है। इसके लिए यूज़र को गूगल मैप्स ऐप - सर्च फॉर ए लोकेशन (कहें कनॉट प्लेस) - जगह - घर या अपार्टमेंट का नाम डालना होगा। इसके बाद ऐप सैटेलाइट के ज़रिए पूछी गई लोकेशन को ढूंढने में लग जाएगा। इसके बाद एड्रेस, सिटी, स्टेट और पिन कोड के विकल्प उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।

google

तस्वीर - गूगल मैप्स इवेंट

एप्रूव होने के बाद यूज़र को 15 प्वॉइंट्स दिए जाएंगे। गूगल मैप्स फॉर इमर्जिंग मार्केट के डायरेक्टर सुरेन रुहेला ने बताया, ''पते में सिर्फ सार्वजनिक सूचना शामिल होनी चाहिए, जैसे - हाउस नंबर, लैंडमार्क। इसमें कोई निजी सूचना शामिल ना हो। जैसे कि नाम और फोन नंबर।'' इवेंट में गूगल ने ज़िक्र किया कि बाकी विकासशील देशों की तरह, भारत में भी जीपीएस की समस्या है। नई क्षमताओं के साथ गूगल मैप्स अपने आप आस-पास के लैंडमार्क और पते की पहचान कर लेगा। साथ ही सर्टीफाइड यूज़र तक पहुंचाने में यूज़र की मदद करेगा।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Android, Apple, Apps, Google, Google Maps, Indic Languages, MapMaker
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17 Ultra जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh हो सकती है बैटरी
  2. Oppo Reno 15c 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  3. iQOO 15R में मिलेगा 50 मेगापिक्सल Sony LYT कैमरा, जल्द होगा भारत में लॉन्च
  4. 10000mAh बैटरी वाला पावरबैंक Portronics Moji 10 लॉन्च, जानें कीमत
  5. realme P4 Power 5G की रिकॉर्ड सेल! 10001mAh बैटरी वाले फोन ने मचाई धूम
  6. Oppo Reno 15c 5G की सेल लाइव, 7000mAh बैटरी वाले नए ओप्पो फोन को 10% डिस्काउंट पर खरीदने का मौका!
  7. Bharat Taxi Launched: Ola, Uber, Rapido को चुनौती देने आया कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म, जानें क्या है खास
  8. Airtel के प्लान महंगे! कंपनी ने 100 रुपये तक बढ़ाई इन प्रीपेड प्लान्स की कीमत
  9. Windows लैपटॉप बनाने वाले ब्रांड्स की बढ़ेगी टेंशन? Apple ला रहा है सस्ता MacBook, कीमत हुई लीक
  10. NASA के ऐतिहासिक Artemis II मिशन लॉन्च में होगी देरी! बताई वजह
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »