ChatGPT, DeepSeek पर सरकार का सख्त रवैया, फाइनेंस मिनिस्ट्री में AI टूल्स  पर लगी रोक

DeepSeek ने AI के सेगमेंट में बड़ा बदलाव किया है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता से कई बड़े देशों में टेक कंपनियों के शेयर्स में भारी बिकवाली हुई थी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 5 फरवरी 2025 21:22 IST
ख़ास बातें
  • भारत में इन AI टूल्स को लेकर केंद्र सरकार का रवैया सख्त है
  • फाइनेंस मिनिस्ट्री ने अपने कर्मचारियों से AI टूल्स से बचने को कहा है
  • चीन के DeepSeek की भारतीय सर्वर्स पर होस्टिंग की जाएगी

चीन के DeepSeek की भारतीय सर्वर्स पर होस्टिंग की जाएगी

पिछले कुछ वर्षों में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस ( AI) से जुड़े टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इन टूल्स में ChatGPT और हाल ही में पेश किया गया चीन का DeepSeek शामिल हैं। भारत में इन AI टूल्स को लेकर केंद्र सरकार का रवैया सख्त है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने सरकारी दस्तावेजों और डेटा की गोपनीयता को रिस्क के मद्देनजर अपने कर्मचारियों से इन AI टूल्स से बचने को कहा है। 

Reuters की एक रिपोर्ट में इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री की ओर से जारी की गई इंटरनल एडवाइजरी के हवाले से यह जानकारी दी है। हाल ही में जारी की गई इस एडवाइजरी में कहा गया है, "ऑफिस के कंप्यूटर्स और डिवाइसेज में AI ऐप्स (जैसे  ChatGPT, DeepSeek) से दस्तावेजों और डेटा की गोपनीयता के लिए रिस्क है।" ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे देशों ने भी डेटा की सिक्योरिटी के लिए रिस्क की वजह से DeepSeek के इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाई हैं। 

इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री, ChatGPT को ऑपरेट करने वाली OpenAI और DeepSeek ने टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदनों का उत्तर नहीं दिया। अमेरिका की OpenAI के चीफ, Sam Altman का भारत का विजिट तय है और IT मिनिस्टर के साथ भी उनकी मीटिंग होनी है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के तीन अधिकारियों ने बताया है कि इस एडवाइजरी को इस सप्ताह जारी किया गया था। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि क्या इस प्रकार के निर्देश अन्य मिनिस्ट्रीज ने भी दिए हैं या नहीं। 

चीन के DeepSeek की भारतीय सर्वर्स पर होस्टिंग की जाएगी। पिछले सप्ताह इनफॉर्मेशन एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने बताया कि इससे विदेश में डेटा ट्रांसफर को लेकर प्राइवेसी से जुड़ी आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा। DeepSeek ने AI के सेगमेंट में बड़ा बदलाव किया है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता से कई बड़े देशों में टेक कंपनियों के शेयर्स में भारी बिकवाली हुई थी। विदेश में डेटा ट्रांसफर को लेकर भारत में सतर्कता बरती जाती है। केंद्र सरकार ने डेटा की लोकल स्टोरेज के लिए रूल्स भी जारी किए हैं। Vaishnaw ने कहा था कि देश में अगले दो-तीन वर्षों में डेटा सेंटर्स और हायपरस्केलर्स में लगभग 30 अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट किया जाएगा। उन्होंने बताया था कि India AI मिशन ने GPU के शुरुआती लक्ष्य को पार कर लिया है। देश में रिसर्चर्स, कारोबारों और स्टार्टअप्स के लिए लगभग 18,693 GPU उपलब्ध हैं। यह विभिन्न AI प्रोजेक्ट्स के लिए महत्वपूर्ण रिसोर्स होगा। 
 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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