Whatsapp Security

Whatsapp Security - ख़बरें

  • WhatsApp ने तोड़ी चुप्पी! Username फीचर पर उठे सवालों का एक-एक कर दिया जवाब
    WhatsApp ने अपने आने वाले Username फीचर को लेकर उठ रही प्राइवेसी और साइबर फ्रॉड की चिंताओं पर पहली बार विस्तार से सफाई दी है। X पर शेयर किए गए पोस्ट में कंपनी ने सात बड़े सवालों के जवाब दिए और कहा कि Username फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा। कंपनी के मुताबिक, पब्लिक फिगर और सरकारी संस्थाओं के Username पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, Username सर्च नहीं किया जा सकेगा और यूजर्स को Username Key जैसी अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। WhatsApp का दावा है कि फीचर लॉन्च से पहले सभी जरूरी सेफ्टी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
  • WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
    WhatsApp इस साल के आखिर तक Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले भारत सरकार इसके रोलआउट को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को चिंता है कि इस फीचर की मदद से फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि Username फीचर से मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत कम होगी, लेकिन इससे Name Squatting और फर्जी अकाउंट्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
    WhatsApp जल्द ही Android और iPhone यूजर्स के लिए नया सिक्योरिटी फीचर रोलआउट कर सकता है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, अब किसी अनजान नंबर के साथ चैट शुरू करने से पहले यूजर्स को एक वार्निंग स्क्रीन दिखाई जाएगी। इसमें नंबर से जुड़ी जानकारी जैसे उसका रजिस्ट्रेशन देश, कॉन्टैक्ट स्टेटस और कॉमन ग्रुप्स की जानकारी मिल सकती है। इसका मकसद यूजर्स को संभावित स्कैम और फर्जी मैसेज से बचाना है। WhatsApp का यह फीचर यूजर्स को चैट शुरू करने से पहले अतिरिक्त जानकारी देकर बेहतर फैसला लेने में मदद कर सकता है।
  • WhatsApp पर आ रही इस फाइल से रहें सावधान, हैक हो सकता है आपका PC
    WhatsApp यूजर्स को निशाना बनाने वाला एक नया मालवेयर कैंपेन सामने आया है। एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि अटैकर्स WhatsApp Desktop और WhatsApp Web यूजर्स को मालिशियस फाइल्स भेजकर उनके सिस्टम तक एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कैंपेन कई देशों में देखा गया है, जिनमें मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर, ताइवान और वियतनाम शामिल हैं।Kaspersky ग्लोबल रिसर्च एंड एनालेसिस टीम (GReAT) ने जून 2026 में इस कैंपेन का खुलासा किया। रिसर्च के अनुसार, अटैकर पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से उनके कॉन्टैक्ट्स को मालिशियस VBScript फाइल्स भेजी जाती हैं। चूंकि मैसेज किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति के अकाउंट से आता है, इसलिए रिसीवर के फाइल खोलने की संभावना बढ़ जाती है।
  • WhatsApp हैक हो गया? दिल्ली पुलिस ने बताई ##21# कोड वाली जरूरी ट्रिक
    WhatsApp अकाउंट हैक होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार यूजर्स अचानक अपने अकाउंट से लॉगआउट हो जाते हैं और उनका WhatsApp किसी दूसरे डिवाइस पर इस्तेमाल होने लगता है। ऐसे में सबसे पहले कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग को बंद करना जरूरी माना जाता है। इसके लिए ##21# USSD कोड डायल किया जा सकता है। इसके बाद Meta के आधिकारिक शिकायत फॉर्म के जरिए अकाउंट रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सही जानकारी देने और जांच पूरी होने के बाद यूजर अपने नंबर और OTP की मदद से दोबारा अकाउंट एक्सेस कर सकता है।
  • WhatsApp Alert! ऐप में मिली बड़ी सिक्योरिटी खामी, तुरंत अपडेट नहीं किया तो...
    Meta ने WhatsApp के लिए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है, जिसमें दो खतरनाक कमजोरियों को ठीक किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इन खामियों का इस्तेमाल करके संदिग्ध मैसेज या फाइल के जरिए यूजर्स के डिवाइस पर जोखिम वाला कंटेंट खोला जा सकता था। एक समस्या Android और iPhone वर्जन से जुड़ी थी, जबकि दूसरी Windows वर्जन में मिली थी। Meta का कहना है कि फिलहाल इन कमजोरियों के गलत इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन यूजर्स को जल्द से जल्द WhatsApp अपडेट करने की सलाह दी गई है। नया अपडेट Google Play Store, App Store और Microsoft Store पर उपलब्ध है।
  • पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
    Booking.com ने कन्फर्म किया है कि एक सिक्योरिटी ब्रीच में कुछ यूजर्स की पर्सनल और बुकिंग डिटेल्स तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है। इसमें नाम, ईमेल, फोन नंबर और बुकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को पहले ही फिशिंग मैसेज मिल चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि हैकर्स इस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने इस गतिविधि को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रभावित बुकिंग्स के PIN अपडेट किए गए हैं। हालांकि कितने यूजर्स प्रभावित हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • WhatsApp प्राइवेसी सेटिंग्स की फुल गाइड, यहां समझे अकाउंट को सेफ रखने के सभी तरीके
    WhatsApp में कई प्राइवेसी सेटिंग्स दी गई हैं, जो यूजर्स को अपनी पर्सनल जानकारी कंट्रोल करने की सुविधा देती हैं। इसमें Last Seen, Profile Photo, Status, Groups और Read Receipts जैसे ऑप्शन्स शामिल हैं, जिन्हें “Everyone” से लेकर “Nobody” तक कस्टमाइज किया जा सकता है। इसके अलावा Two-Step Verification, End-to-End Encrypted Backup और App Lock जैसे फीचर्स सिक्योरिटी को और मजबूत बनाते हैं। अगर इन सेटिंग्स को सही तरीके से सेट किया जाए, तो यूजर अपनी चैट्स और प्रोफाइल को अनजान लोगों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
  • Facebook और WhatsApp पर अब AI से पकड़े जाएंगे ऑनलाइन स्कैमर्स, जानें क्या है नया अलर्ट सिस्टम
    Meta ने ऑनलाइन स्कैम से यूजर्स को बचाने के लिए नए AI आधारित टूल्स और सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक Facebook, WhatsApp और Messenger पर अब ऐसे सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जो संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी अकाउंट को पहचान सकते हैं। नए फीचर्स में संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट के लिए Facebook अलर्ट, WhatsApp पर संदिग्ध डिवाइस लिंकिंग चेतावनी और Messenger में एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन शामिल हैं। Meta का कहना है कि AI तकनीक की मदद से नकली वेबसाइट, ब्रांड इम्पर्सोनेशन और दूसरे स्कैम पैटर्न को पहचानने की क्षमता बेहतर बनाई जा रही है।
  • भारतीय SIM कार्ड और WhatsApp से की पाकिस्तान के लिए जासूसी, लंबे समय के लिए हुई जेल
    विशाखापत्तनम की NIA विशेष अदालत ने पाकिस्तान-प्रेरित जासूसी साजिश से जुड़े एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 साल 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने भारतीय SIM कार्ड और OTP का गलत इस्तेमाल कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को WhatsApp नंबर ऑपरेट करने में मदद की। इन नंबरों के जरिए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों से संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। NIA ने इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
  • अब छूटेंगे हैकर्स के पसीने! WhatsApp में आया हाई-सिक्योरिटी फीचर, एक क्लिक में लग जाएगा लॉकडाउन
    Meta ने WhatsApp यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए Strict Account Settings नाम का नया फीचर पेश किया है। यह फीचर खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें उनके काम या पहचान की वजह से एडवांस साइबर अटैक्स का खतरा रहता है। फीचर ऑन करने पर WhatsApp की कई सेटिंग्स अपने आप सबसे सख्त लेवल पर लॉक हो जाती हैं, जिससे अनजान लोगों से आने वाले अटैचमेंट्स और कॉल्स ब्लॉक हो जाते हैं। यह फीचर Settings > Privacy > Advanced में मिलेगा और आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे रोलआउट किया जाएगा।
  • Digtal Arrest Case: पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 85 वर्ष के बुजुर्ग से ठगे 9 करोड़, इस तरह के स्कैम से सावधान!
    मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले साइबर फ्रॉड मामले में 85 वर्षीय बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी कोर्ट और RBI दस्तावेजों के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। डर के चलते बुजुर्ग ने अपनी सेविंग्स, म्यूचुअल फंड और FD तोड़कर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक कर्मचारी की सतर्कता से मामला उजागर हुआ।
  • आपका WhatsApp डेटा खतरे में? 56 हजार डाउनलोड्स के बाद खुला राज, एक्सपर्ट ने दी सलाह
    npm रजिस्ट्री पर मौजूद एक खतरनाक पैकेज ने खुद को WhatsApp Web API लाइब्रेरी बताकर हजारों डेवलपर्स को निशाना बनाया है। lotusbail नाम का यह पैकेज पिछले छह महीनों से उपलब्ध था और अब तक 56 हजार से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, यह पैकेज WhatsApp के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और ऑथेंटिकेशन टोकन चोरी कर सकता है और अटैकर के डिवाइस को अकाउंट से लिंक कर देता है। डेवलपर्स को इसे तुरंत हटाने की सलाह दी गई है।
  • SIM बदला तो WhatsApp बंद, सरकार के इस नियम से जनता नाखुश! जानें सर्वे में क्या पता चला
    WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए प्रस्तावित SIM-बाइंडिंग नियम को लेकर यूजर्स में असहमति बढ़ रही है। LocalCircles के सर्वे में 60% लोगों ने कहा कि यह बदलाव उनकी रोजमर्रा की चैटिंग को मुश्किल बना देगा, खासकर मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए।

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