Whatsapp Security

Whatsapp Security - ख़बरें

  • आपका WhatsApp डेटा खतरे में? 56 हजार डाउनलोड्स के बाद खुला राज, एक्सपर्ट ने दी सलाह
    npm रजिस्ट्री पर मौजूद एक खतरनाक पैकेज ने खुद को WhatsApp Web API लाइब्रेरी बताकर हजारों डेवलपर्स को निशाना बनाया है। lotusbail नाम का यह पैकेज पिछले छह महीनों से उपलब्ध था और अब तक 56 हजार से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, यह पैकेज WhatsApp के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और ऑथेंटिकेशन टोकन चोरी कर सकता है और अटैकर के डिवाइस को अकाउंट से लिंक कर देता है। डेवलपर्स को इसे तुरंत हटाने की सलाह दी गई है।
  • SIM बदला तो WhatsApp बंद, सरकार के इस नियम से जनता नाखुश! जानें सर्वे में क्या पता चला
    WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए प्रस्तावित SIM-बाइंडिंग नियम को लेकर यूजर्स में असहमति बढ़ रही है। LocalCircles के सर्वे में 60% लोगों ने कहा कि यह बदलाव उनकी रोजमर्रा की चैटिंग को मुश्किल बना देगा, खासकर मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए।
  • WhatsApp, Telegram जैसे ऐप्स पर करना होगा प्रत्येक छह घंटे में लॉगिन, जल्द लागू होगा रूल!
    इससे यह पक्का किया जा सकेगा कि जो व्यक्ति किसी कम्युनिकेशन ऐप पर वेब सेशन का इस्तेमाल कर रहा है वह उस एकाउंट से जुड़े SIM का वास्तविक एक्सेस रखता है। इससे दूरदराज के इलाकों से आपराधिक गतिविधियों को चलाने वाले स्कैमर्स पर नियंत्रण किया जा सकेगा। इस प्रकार का एक सिक्योरिटी फीचर Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट सर्विसेज से जुड़े ऐप्स में पहले से एक स्टैंडर्ड के तौर पर मौजूद है।
  • Arattai में आया Whatsapp को टक्कर देने वाला तगड़ा फीचर! ऐसे करें अपडेट
    Arattai में चैट्स के लिए अब नया प्राइवेसी फीचर रोल आउट किया गया है। अपग्रेड के आने के बाद मैसेजिंग ऐप पर सभी डायरेक्ट चैट E2E की प्राइवेसी के साथ भेजे जाएंगे। यूजर की ओर से भेजे जाने से पहले चैट अब एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड होगी। यानी अब सेंडर और रिसीवर ही चैट को पढ़ पाएंगे। यह नया अपग्रेड कंपनी ने Android, iOS और डेस्कटॉप वर्जन के लिए पहले से ही रोलआउट कर दिया है। सिर्फ यूजर को नए ऐप वर्जन से अपडेट करना होगा
  • WhatsApp चलाने वाले Apple यूजर्स पर बड़ा खतरा! हैकर्स कर रहे टारगेट
    हैकर्स WhatsApp और एप्पल डिवाइसेज में कई सिक्योरिटी खामियों का फायदा उठाकर टारगेट कर रहे थे। WhatsApp ने एक साइबर जासूसी या हैकिंग कैंपेन का खुलासा किया है। कथित तौर पर सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट पर खास टारगेट था। मेटा के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने एक स्टेटमेंट में कहा कि उसने उन दिक्कतों को दूर कर दिया है जिनका उपयोग हैकर खास यूजर्स पर अटैक करने के लिए करते थे।
  • WhatsApp ने भारत में बैन किए 98 लाख से ज्यादा एकाउंट्स, गलत इस्तेमाल, नुकसान की थी आशंका
    जून में इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को यूजर्स से 23,596 शिकायतें मिली थी। इन शिकायतों से जुड़े 1,001 एकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसमें एकाउंट्स को बैन करना शामिल है। इन शिकायतों में से 16,069 बैन की अपील से जुड़ी थी। इसके नतीजे में 756 एकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जून में वॉट्सऐप को यूजर्स से कुल 23,596 शिकायतें मिली थी।
  • हैक नहीं होगा आपका WhatsApp! ऑन करें ये एक सिंपल सेटिंग
    आज के टाइम में WhatsApp हमारे हर दिन का अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे दोस्तों से बात करनी हो या बैंक से OTP लेना हो, सब कुछ WhatsApp पर होता है। लेकिन जितना ज्यादा हम इस ऐप पर डिपेंड हो गए हैं, उतना ही ये हैकर्स की नजरों में भी आ गया है। और अगर आपने Two-Factor Authentication (2FA) अब तक ऑन नहीं किया है, तो आप भी खतरे के दायरे में हैं। Two-Factor Authentication एक सिक्योरिटी लेयर है जो आपके WhatsApp अकाउंट को अनवॉन्टेड ऐक्सेस से बचाती है।
  • अमेरिकी पॉर्लियामेंट के स्टाफ के लिए बैन हुआ WhatsApp, ये है कारण....
    अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्टाफ के लिए जारी किए गए एक मेमो में कहा गया है कि ऑफिस ऑफ सायबरसिक्योरिटी वॉट्सऐप को यूजर्स के लिए अधिक रिस्क वाला ऐप मानता है। इसका कारण यूजर डेटा के प्रोटेक्शन को लेकर ट्रांसपेरेंसी की कमी, स्टोर किए गए डेटा का एनक्रिप्शन न होना और इसके इस्तेमाल से सिक्योरिटी को लेकर आशंका प्रमुख कारण हैं।
  • Bharti Airtel ने 1.80 लाख जाली लिंक्स को किया ब्लॉक, लाखों यूजर्स को किया सुरक्षित
    भारती एयरटेल के सभी मोबाइल और ब्रॉडबैंड कस्टमर्स के लिए ऑटोमैटिक तरीके से एडवांस्ड सिस्टम स्कैन्स और फिल्टर्स को SMS, WhatsApp, Telegram, Instagram, ईमेल और अन्य ब्राउजर्स पर एनेबल किया गया है। इससे प्रति दिन एक अरब से अधिक URLs की पड़ताल के लिए रियल-टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इससे नुकसानदायक साइट्स का एक्सेस 100 मिलिसेकेंड्स से कम में ब्लॉक किया जाता है।
  • UPI से 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस पर GST लगाने से सरकार ने किया इनकार
    हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि UPI से 2,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शंस पर GST लग सकता है। सरकार ने इस तरह की रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। एक नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के किसी प्रपोजल पर विचार नहीं किया जा रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर में UPI के जरिए ट्रांजैक्शंस की कुल वैल्यू लगभग 23.25 लाख करोड़ रुपये की थी।
  • मोबाइल से पेमेंट्स 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची, UPI ट्रांजैक्शंस बढ़ने का असर
    पिछले वर्ष की दूसरी छमाही में मोबाइल फोन्स के इस्तेमाल से ट्रांजैक्शंस की वैल्यू बढ़कर 198 लाख करोड़ रुपये की थी। यह वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शंस की बढ़ी हिस्सेदारी है। पिछले वर्ष की दूसरी छमाही में मोबाइल से पेमेंट्स क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स के जरिए खर्च की गई रकम की तुलना में लगभग 14.5 प्रतिशत अधिक थी।
  • डिजिटल फ्रॉड और स्कैम से निपटने के लिए WhatsApp का टेलीकॉम डिपार्टमेंट से टाई-अप
    इस मैसेजिंग ऐप के यूजर्स को ऑनलाइन स्कैम और स्पैम की पहचान करने में मदद के लिए कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। यह कंटेंट आठ क्षेत्रीय भाषाओं में होगा। पिछले वर्ष वॉट्सऐप ने मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 'स्कैम से बचो' कैम्पेन शुरू किया था। वॉट्सऐप का कंट्रोल अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी Meta के पास है।
  • सोशल मीडिया पर स्टॉक मार्केट के टिप्स पर कसेगा SEBI का शिकंजा!
    सोशल मीडिया पर स्टॉक मार्केट से जुड़े टिप्स और अनधिकृत सोर्सेज से फाइनेंशियल एडवाइज पर नियंत्रण करने के लिए SEBI ने केंद्र सरकार से अधिक पावर देने की मांग की है। SEBI ने WhatsApp और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से स्टॉक मार्केट से जुड़ी अनधिकृत जानकारी हटाने के लिए पावर और स्टॉक मार्केट से जुड़े नियमों के उल्लंघन की जांच करने के लिए कॉल रिकॉर्ड्स के एक्सेस का अधिकार मांगा है।
  • ईरान में इंटरनेट फ्रीडम की शुरुआत, WhatsApp पर हटा बैन
    ईरान ने बताया है कि वह इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर लगे बैन को हटाएगा। इसके साथ ही Google Play को भी ऑपरेट करने की अनुमति दी जाएगी। ईरान को कई वर्षों से आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। परमाणु कार्यक्रम को बंद नहीं करने के कारण अमेरिका सहित बहुत से पश्चिमी देशों ने इस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
  • Whatsapp यूजर्स ध्‍यान दें! 1 जनवरी से इन स्‍मार्टफोन्‍स पर नहीं चलेगा ऐप, देखें लिस्‍ट
    पॉपुलर मैसिजिंग ऐप वॉट्सऐप (Whatsapp) का सपोर्ट कई स्‍मार्टफोन्‍स के लिए 1 जनवरी 2025 से बंद होने जा रहा है। वॉट्सऐप की पैरंट कंपनी मेटा (Meta) ने कहा है कि वॉट्सऐप, नए साल से उन एंड्रॉयड डिवाइसेज पर काम नहीं करेगा जो KitKat OS या फ‍िर उससे पुराने वर्जन पर चलती हैं। वॉट्सऐप हर साल ऐसे कदम उठाता है ताकि ऐप की सिक्‍योरिटी और फंक्‍शनैलिटी नई टेक्‍नॉलजीज के साथ बेहतर तरीके से काम करती रहे।

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