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System - ख़बरें

  • Artemis II: चांद मिशन में क्या खाएंगे एस्ट्रोनॉट? फ्रिज नहीं, ताजा खाना नहीं... NASA ने बताया पूरा सिस्टम
    NASA के Artemis II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास फूड सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें ताजा खाना शामिल नहीं है। Orion स्पेसक्राफ्ट में रेफ्रिजरेशन और रिसप्लाई की सुविधा न होने के कारण सभी फूड आइटम्स को पहले से शेल्फ-स्टेबल बनाया जाता है। इस सिस्टम में ready-to-eat, rehydratable और thermostabilized फूड शामिल होते हैं, जिन्हें माइक्रोग्रैविटी में आसानी से खाया जा सके। NASA के मुताबिक खाने को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह सुरक्षित रहे, क्रम्स न बने और कम जगह घेरे। यह पूरा सिस्टम एस्ट्रोनॉट्स की सेहत और मिशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • Artemis II Launch: जानें NASA के SLS रॉकेट की ताकत, जिससे आज शुरू होगा नया Moon मिशन
    NASA का Artemis II मिशन लॉन्च के करीब है और इसे 1 अप्रैल 2026 (US टाइम) के लिए टारगेट किया गया है। यह मिशन 50 साल से ज्यादा समय बाद इंसानों को चंद्रमा के आसपास ले जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए डीप स्पेस में जाएंगे। लॉन्च Kennedy Space Center से Space Launch System रॉकेट के साथ होगा। भारत में यह लॉन्च 2 अप्रैल को तड़के करीब 3:54 बजे (अनुमानित) देखा जा सकता है।
  • 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
    NASA ने Artemis II मिशन के लिए काउंटडाउन शुरू कर दिया है, जो करीब 53 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाएगा। यह मिशन Space Launch System रॉकेट के जरिए लॉन्च होगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। मिशन में चांद पर लैंडिंग नहीं होगी, बल्कि यह एक फ्लाईबाय मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की कक्षा में जाकर वापस लौटेंगे। इससे पहले Apollo प्रोग्राम के तहत 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर गया था।
  • Vivo X300 Ultra, Vivo X300s में मिलेगा नई 'ब्लूप्रिंट नेटिव' कलर सिस्टम 
    आगामी स्मार्टफोन्स के साथ 'ब्लूप्रिंट नेटिव कलर' कहा जाने वाला नया कलर साइंस सिस्टम पेश किया जाएगा। इस सिस्टम को Vivo ने डिवेलप किया है और यह प्रोफेशनल कैमरा जैसे रिजल्ट दे सकता है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम पोट्रेट्स में नेचुरल लाइटिंग को बरकरार रखता है और इमेजेज की डार्कनेस और ब्राइटनेस को बढ़ाता है।
  • सिर्फ गेम नहीं था Pokemon Go, अनजाने में यूजर्स बना रहे थे असली दुनिया का मैप
    Pokemon Go खेलते समय यूजर्स ने अनजाने में एक बड़ा रियल वर्ल्ड डेटाबेस तैयार कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गेम और अन्य AR ऐप्स के जरिए करीब 30 अरब इमेज इकट्ठा हुई हैं, जिनसे एक डिटेल्ड 3D मैप तैयार हुआ है। यह डेटा अब Niantic की AI कंपनी Niantic Spatial द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए Visual Positioning System बनाया गया है, जो कैमरे के जरिए लोकेशन पहचानता है। इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल Coco Robotics के डिलीवरी रोबोट कर रहे हैं, जिससे वे सटीक जगह तक पहुंच सकते हैं।
  • Infosys और Anthropic की बड़ी AI डील, इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
    Infosys ने एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाने के लिए Anthropic के साथ सहयोग की घोषणा की है। यह साझेदारी टेलीकॉम सेक्टर से शुरू होगी, जहां AI एजेंट्स विकसित करने के लिए एक Center of Excellence बनाया जाएगा। Anthropic के Claude मॉडल्स, जिनमें Claude Code शामिल है, को Infosys Topaz AI प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक यह कदम जटिल वर्कफ्लो ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी और नियामकीय ढांचे के भीतर AI अपनाने में मदद करेगा। आगे चलकर यह सहयोग फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तक विस्तारित होगा।
  • आ गया छोटा सा अल्ट्रासाउंड सेंसर, स्तन कैंसर का पहले पता लगाने में करेगा मदद
    रिसर्चर ने एक छोटा अल्ट्रासाइंड सिस्टम बनाया है, जिससे घर या गांवों में भी अल्ट्रासाइंड हो पाएगा। नए सिस्टम में एक छोटा अल्ट्रासाउंड प्रोब है जो एक एक्वीजीशन और प्रोसेसिंग मॉड्यूल से जुड़ा है, जिसका साइज स्मार्टफोन से थोड़ा ही बड़ा है। इस सिस्टम को लैपटॉप कंप्यूटर से कनेक्ट करके कहीं भी उपयोग किया जा सकता है। इससे वाइड-एंगल 3डी इमेज को रियल-टाइम में रिकंस्ट्रक्ट करने के साथ देखा जा सकता है।
  • Republic Day Parade 2026: ट्रैफ‍िक, पार्किंग से लेकर पब्लिक मैनेजमेंट तक, इस तरह AI करेगा पुल‍िस की मदद
    Republic Day Parade और Beating Retreat समारोह को देखते हुए Delhi Traffic Police ने इस बार ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया है। Kartavya Path पर आने वाले आमंत्रित मेहमानों और दर्शकों की सुविधा के लिए AI से तैयार एनिमेटेड वीडियो, QR कोड बेस्ड पार्किंग सिस्टम, Google Maps और Mappls नेविगेशन सपोर्ट और नया कार-कॉलिंग सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही 22 पार्किंग लॉट, 12 हेल्प डेस्क और सिक्योरिटी स्टाफ के लिए शटल सर्विस भी शुरू की गई है, ताकि 26 जनवरी को ट्रैफिक और भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सके।
  • जापान के पास है भूकंप अलर्ट सिस्टम, पहले ही कर देता है लोगों को सचेत, क्या भारत में भी है ऐसी सुविधा?
    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भूकंप से पहले सिस्टन ने शुरुआती झटकों को डिटेक्‍ट किया, जिसके बाद अलग-अलग कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम में अलर्ट भेजा। यह सिस्टम शुरुआत में आने वाले झटकोको डिटेक्ट करने के बाद अलर्ट जारी करता है, जिससे बड़े स्तर पर भूकंप आने से पहले लोगों को जानकारी मिल जाती है। यह सिस्टम रेडियो स्‍टेशन और फोन पर अलर्ट जारी करते हुए सायरन बजाता है।
  • Tata Sierra First Impression: हाईटेक अवतार में लौट आई Tata की आइकॉनिक SUV
    नई Tata Sierra को हमने 6-8 घंटे चलाकर इसके डिजाइन, प्रीमियम केबिन, ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप, JBL साउंड सिस्टम, 5G कनेक्टेड फीचर्स और ADAS क्षमताओं को टेस्ट किया। Tata ने लेगेसी और मॉडर्न फीचर्स का अच्छा संतुलन रखा है। सेफ्टी, टेक और ड्राइविंग कम्फर्ट काफी प्रभावित करते हैं। शुरुआती अनुभव बताता है कि Sierra अपने सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनकर आई है।
  • कीबोर्ड के दिन जाने वाले हैं! 2028 तक वॉइस AI खत्म कर देगा कीबोर्ड का काम- स्टडी
    लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की ओर से एक स्टडी की गई है जिसमें दावा किया गया है कि 2028 तक कीबोर्ड इस्तेमाल करना लोग भूल चुके होंगे। वॉयस आधारित AI का चलन बहुत तेजी से बढ़ने वाला है जो लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, टैबलेट आदि डिवाइसेज पर टाइप करने की जरूरत को बहुत जल्द खत्म कर देगा।
  • अगर बृहस्पति न होता ऐसी न होती पृथ्वी! वैज्ञानिकों का दावा
    एक नई स्टडी पृथ्वी के अस्तित्व में आने के बारे में एक रोचक खुलासा करती है। अगर बृहस्पति ग्रह नहीं होता तो धरती कब की सूर्य में समा चुकी होती! बृहस्पति के शुरुआती विकास ने अंदरूनी सौर मंडल की ओर गैस और धूल के प्रवाह को रोक दिया, जिससे वह पदार्थ सूर्य की ओर नहीं जा सका, और बाद में इन्हीं पदार्थों ने पृथ्वी, शुक्र और मंगल का निर्माण किया।
  • OnePlus Ace 6 में मिलेगा Snapdragon 8 Elite चिपसेट, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
    इस स्मार्टफोन की डुअल रियर कैमरा यूनिट में 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया जा सकता है। यह Android 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर चलेगा। इसमें थर्मल मैनेजमेंट के लिए Glacier Cooling System मिलेगा। OnePlus Ace 6 में मेटल फ्रेम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस स्मार्टफोन की 7,800 mAh की बैटरी 120 W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।
  • 'Ola शक्ति' हुआ लॉन्च: बिना बिजली के चलाएगा AC, फ्रिज, इंडक्शन जैसे पावरफुल डिवाइस, जानें कीमत
    Ola Electric ने आज, 16 अक्टूबर को अपने एनर्जी डिवीजन का पहला बड़ा प्रोडक्ट 'Ola शक्ति' लॉन्च किया। यह कंपनी का पहला Battery Energy Storage System (BESS) है, जो सीधे घरों, फार्म्स और छोटे बिजनेस के लिए डिजाइन किया गया है। Ola शक्ति को कंपनी ने चार वेरिएंट्स में लॉन्च किया है, जिसमें 1kW / 1.5kWh की कीमत 29,999 रुपये, 1kW / 3kWh की कीमत 55,999 रुपये, 3kW / 5.2kWh का प्राइस 1,19,999 रुपये और 6kW / 9.1kWh की कीमत 1,59,999 रुपये रखी गई है।

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