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System - ख़बरें

  • कार में म्यूजिक, मनोरंजन का डबल मजा! देसी कंपनी UBON लाई FM कार मॉड्यूलेटर, जानें कीमत
    देसी कंपनी UBON ने अपना नया कार मॉड्यूलेटर लॉन्च किया है जो सफर के दौरान म्यूजिक, मस्ती और एंटरटेनमेंट का मजा दे सकता है। कंपनी ने नया UBON CH-285 FM कार मॉड्यूलेटर पेश कर दिया है जो एक 2-in-1 डिवाइस है। यह डुअल वायरलैस माइक्रोफोन्स के साथ आता है। कार में सफर के दौरान यूजर इसके माध्यम से म्यूजिक सुन सकता है।
  • गलत दिशा में ड्राइविंग से लेकर मोबाइल के इस्तेमाल तक, अब AI दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का पता लगाएगा
    ITMS के जरिए सड़क पर मौजूदा सुविधाओं का बेहतर तरीके से इस्तेमाल होगा, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट सड़क की रियल कंडीशन के हिसाब से तेजी से होगा। दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा जो कि 42 ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट को 24 महीनों में 3 फेज में लागू किया जाएगा और अगले पांच सालों तक संचालन और देखरेख की जाएगी।
  • मक्का के पास ड्रोन को हवा में कैसे मार गिराया? Saudi Arabia की Air Defence और Drone Detection Technology कैसे करती है काम
    साऊदी अरब के मक्का के पास एक ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले ही हवा में इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इस घटना में किस खास एयर डिफेंस सिस्टम या इंटरसेप्टर का इस्तेमाल हुआ, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। साऊदी अरब में देखे गए Counter-UAV सिस्टम में रडार, Electro-Optical कैमरा, Signals Intelligence और जैमर जैसी तकनीकें शामिल हैं। रडार ड्रोन को खोजने और ट्रैक करने में मदद कर सकता है, जबकि दूसरे सेंसर उसकी पहचान में मदद करते हैं। खतरे के आधार पर जैमिंग जैसे Soft Kill या गन, मिसाइल और दूसरे इंटरसेप्टर वाले Hard Kill तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • Dyson CameraJet: आ गया कैमरे वाला टूथब्रश! AI पता लगाएगा कहां है गंदगी, फिर वहीं करेगा सफाई
    Dyson ने अपना पहला Smart Toothbrush CameraJet लॉन्च किया है, जिसमें कैमरा और AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 100,000-पिक्सल का Macro Camera दिया गया है, जो हर सेकंड 28 लाइव इमेज कैप्चर करता है। AI सिस्टम दांतों के बीच के गैप को पहचानकर वहां करीब 100 मिलीसेकंड में Mouthwash की Jet भेजता है। टूथब्रश में 12.5ml का Mouthwash Reservoir और Conical Jet System मिलता है। इसे MyDyson ऐप से कनेक्ट करके मुंह के अंदर का Live View भी देखा जा सकता है। इसकी शुरुआती कीमत $499.99 यानी करीब ₹47,500 है और भारत में उपलब्धता अभी कन्फर्म नहीं है।
  • AI से ड्राइवरों के अकाउंट किए बंद, अब ₹9,000 करोड़ का जुर्माना झेलेगा Uber!
    Uber पर ड्राइवरों के अकाउंट को ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए सस्पेंड और डीएक्टिवेट करने के मामले में करीब €825 मिलियन यानी ₹9,000 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई नीदरलैंड्स के डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेटर ने की है। मामला 2018 से 2022 के बीच की गतिविधियों से जुड़ा है। रेगुलेटर के मुताबिक, कुछ मामलों में ड्राइवरों के खिलाफ ऐसे फैसले लिए गए जिनमें पर्याप्त मानवीय समीक्षा नहीं थी। Uber ने आरोपों से असहमति जताते हुए जुर्माने को अनुपातहीन बताया है और फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। यह GDPR के तहत अब तक के सबसे बड़े जुर्मानों में शामिल है।
  • AI Detect Pothole on Road: सड़क पर दिखा गड्ढा तो सीधे होगी कॉन्ट्रैक्टर की पहचान, AI करेगा सारा काम, बेंगलुरु के इंजीनियर ने बनाया सिस्टम
    सड़क पर नजर आने वाले गड्ढे अक्सर सफर को परेशानी भरा बनाने के साथ आराम में भी खलल डालते हैं और वाहन की लाइफ पर भी असर पड़ता है। अब बेंगलुरु के एक इंजीनियर ने इसके लिए एक संभावित समाधान निकाला है। दरअसल इंजीनियर ने डैशकैम, आर्टिफिशियल और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के डेटाबेस की मदद से एक सिस्टम तैयार किया है जो कि सड़क पर गड्ढों की पहचान करता है और उसके लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर की पहचान करता है।
  • Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
    Google DeepMind की AGI Safety and Alignment Team ने नौकरी के उम्मीदवारों के लिए एक असामान्य चेतावनी जारी की है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने उम्मीदवारों से सामान्य जॉब एप्लिकेशन के अलावा एक अलग फॉर्म भरने को कहा है, ताकि उनका CV सीधे संबंधित टीम तक पहुंच सके। डॉक्यूमेंट में बताया गया है कि सामान्य इंटरनल हायरिंग सिस्टम के दौरान कुछ CV गलती से स्क्रीन आउट हो सकते हैं या आवेदन टीम तक पहुंचने में समय लग सकता है। हालांकि, Google DeepMind ने स्पष्ट किया है कि इसका मतलब AI उम्मीदवारों को गलत तरीके से रिजेक्ट कर रहा है, ऐसा नहीं है।
  • एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
    Huawei ने अपना नया MateBook Pro S लैपटॉप लॉन्च किया है, जिसे कंपनी दुनिया का सबसे हल्का PC बता रही है। इसका वजन सिर्फ 798 ग्राम और मोटाई 11.9mm है। लैपटॉप में 14.2-इंच 3.1K Privacy Display, 120Hz रिफ्रेश रेट, Kirin XE90 प्रोसेसर, Wi-Fi 7+, HarmonyOS Connect और Celia AI Task System जैसे फीचर्स मिलते हैं। कंपनी के अनुसार इसमें 18 घंटे तक वीडियो प्लेबैक और 66W Reverse Charging का सपोर्ट भी दिया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 7,999 युआन रखी गई है और बिक्री 14 अगस्त से शुरू होगी।
  • सड़क पर एक-दूसरे से 'बात' करेंगी गाड़ियां! भारत सरकार ला रही V2V टेक्नोलॉजी, जानिए कैसे करेगी काम
    भारत सरकार नए वाहनों में Vehicle-to-Vehicle (V2V) Communication System लागू करने की तैयारी कर रही है। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2028 से बनने वाले नए वाहनों में यह सिस्टम अनिवार्य हो सकता है। V2V तकनीक के जरिए वाहन आपस में स्पीड, लोकेशन, दिशा और ब्रेकिंग जैसी जानकारी रियल-टाइम में शेयर करेंगे। इससे ब्लाइंड स्पॉट, अचानक ब्रेक लगाने और चौराहों पर होने वाले हादसों को कम करने में मदद मिल सकती है। यह तकनीक भविष्य में ADAS, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और इमरजेंसी वाहनों के साथ भी बेहतर तालमेल बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
  • रूस ने बढ़ा दी Elon Musk की टेंशन! बनाया Anti-Starlink सिस्टम, ऐसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी
    Volna Kupol Garant रूस का एक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम है, जिसे Starlink सैटेलाइट कम्युनिकेशन को बाधित करने के लिए डेवलप किए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह Ku-band फ्रीक्वेंसी पर हाई-पावर जामिंग सिग्नल भेजकर सैटेलाइट और ग्राउंड टर्मिनल के बीच कम्युनिकेशन इफेक्ट करता है। इसमें Phased Array Antenna और मल्टी-चैनल ट्रांसमिशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट इंटरनेट के बीच बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा का नया उदाहरण मानी जा रही है।
  • रेगिस्तान में भी उगेंगे पेड़? 14 साल के बच्चे ने बनाया हवा से पानी निकालने वाला सिस्टम, ऐसे करता है काम
    चीन के 14 वर्षीय छात्र Jia Mingxuan ने एक नई सिंचाई तकनीक विकसित की है, जिसे जर्मनी के iENA इनोवेशन फेयर में गोल्ड मेडल मिला। यह सिस्टम हवा में मौजूद नमी को संघनित (Condense) करके पानी की बूंदों में बदलता है और उन्हें सीधे पेड़ों की जड़ों तक पहुंचाता है। इसमें किसी पाइपलाइन, पंप या बाहरी जल स्रोत की जरूरत नहीं होती। तकनीक का उद्देश्य रेगिस्तान और सूखे इलाकों में नए लगाए गए पौधों को जीवित रखने में मदद करना है। हालांकि, इसकी व्यावसायिक क्षमता और प्रदर्शन से जुड़ा विस्तृत वैज्ञानिक डेटा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
  • Apple Pay ने रुलाया, हजारों यूजर्स का फूटा गुस्सा
    Apple Pay बीते दिन डाउन हो गया, जिसने हजारों यूजर्स को परेशान किया। एप्पल पे सर्विसेज डाउन होने के चलते कई यूजर्स को मनी ट्रांसफर में दिक्कतें हुईं, तो वहीं कई यूजर्स पेमेंट करने में मुश्किलों का सामना कर रहे थे। सर्विसेज में आ रही दिक्कत की पुष्टि कंपनी की ओर से भी की गई जिसमें पता चला कि Apple Cash में कुछ समस्या आ रही थी।
  • माता-पिता तय करेंगे कौन से ऐप देखें बच्चे, Google प्ले स्टोर में आ रहा एज वैरिफिकेशन सिस्टम
    Google के प्ले स्टोर में ऐप्स के लिए एज वैरिफिकेशन सिस्टम जल्द ही लागू होने वाला है जो कि ग्लोबल लेवल पर होगा। रेगुलेटर्स लगातार प्ले स्टोर्स पर इसके लिए दबाव बना रहे हैं कि ऐप एक्सेस के समय यूजर की उम्र का पता किया जाएगा।
  • फ्रांस ने Infosys पर लगाया ₹2 करोड़ का जुर्माना, भारत में नायारण मूर्ति का 70 घंटे काम करने वाला बयान फिर चर्चा में
    Infosys पर फ्रांस की क्षेत्रीय लेबर अथॉरिटी DRIEETS Ile-de-France ने 1.75 लाख यूरो (करीब 2 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी के मुताबिक, कंपनी का कर्मचारियों के वर्किंग आवर्स रिकॉर्ड करने वाला सिस्टम स्थानीय श्रम कानूनों के अनुरूप पूरी तरह नहीं पाया गया। Infosys ने कहा है कि इस जुर्माने का उसके कारोबार या फाइनेंशियल सिचुएशन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नारायण मूर्ति के 70 घंटे वर्क वीक वाले पुराने बयान की चर्चा फिर शुरू हो गई है और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
  • Paper Leak को क्या Fix कर पाएंगे Infosys और Aadhaar प्रोजेक्ट से जुड़े नंदन नीलेकणी? Exam Task Force की कमान संंभालेंगे
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पब्लिक एग्जामिनेशन सिस्टम को लीक-प्रूफ और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे, जिन्होंने Aadhaar और भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाई है। सरकार का उद्देश्य AI और अन्य आधुनिक तकनीकों की मदद से एग्जामिनेशन सिस्टम को सुरक्षित बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है।

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