अगर बृहस्पति न होता ऐसी न होती पृथ्वी! वैज्ञानिकों का दावा

बृहस्पति ग्रह पृथ्वी के भविष्य को तब से आकार दे रहा था, जब हमारा यह ग्रह अस्तित्व में भी नहीं आया था।

अगर बृहस्पति न होता ऐसी न होती पृथ्वी! वैज्ञानिकों का दावा

Photo Credit: Pixabay

हमारी पृथ्वी के निर्माण को दिशा देने में बृहस्पति ग्रह की बहुत बड़ी भूमिका है-स्टडी

ख़ास बातें
  • पृथ्वी के निर्माण में सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का है योगदान
  • बृहस्पति ग्रह ने प्रारंभिक सौरमंडल में गैप बनाए जिससे अन्य ग्रह बचे रहे
  • जुपिटर की ग्रेविटी ने भीतरी ग्रहों के ऑर्बिट को स्थिर बनाया
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हमारा सौरमंडल 4 अरब सालों से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है। इसके ग्रह भी इतने ही पुराने हैं जो आकार में भी अलग-अलग हैं। ग्रहों के निर्माण के बारे में कहा जाता है कि ये बिग-बैंग के बाद बने थे। लेकिन एक नई स्टडी पृथ्वी के अस्तित्व में आने के बारे में एक रोचक खुलासा करती है। हमारी पृथ्वी के निर्माण को दिशा देने में बृहस्पति ग्रह की बहुत बड़ी भूमिका है। अगर बृहस्पति ग्रह नहीं होता तो धरती कब की सूर्य में समा चुकी होती! आइए जानते हैं क्या कहती है नई स्टडी। 

पृथ्वी के निर्माण में सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का बहुत अहम योगदान है। Space.com की मानें तो नई स्टडी में पाया गया है कि बृहस्पति ग्रह पृथ्वी के भविष्य को तब से आकार दे रहा था, जब हमारा यह ग्रह अस्तित्व में भी नहीं आया था। बृहस्पति ग्रह ने प्रारंभिक सौरमंडल में ऐसे गैप बनाए थे, जिनके कारण पृथ्वी के निर्माण खंड सूर्य से टकराने से बच गए। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो ये खंड कब के सूर्य में समा गए होते। ह्यूस्टन में राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है। 

स्टडी कहती है कि बृहस्पति के शुरुआती विकास ने अंदरूनी सौर मंडल की ओर गैस और धूल के प्रवाह को रोक दिया, जिससे वह पदार्थ सूर्य की ओर नहीं जा सका, और बाद में इन्हीं पदार्थों ने पृथ्वी, शुक्र और मंगल का निर्माण किया। इस तरह से जुपिटर की ग्रेविटी ने न केवल भीतरी ग्रहों के ऑर्बिट को स्थिर बनाया बल्कि हमारे सौर मंडल का ढांचा भी तैयार किया। ग्रह ने अपने चारों तरफ ऐसे रिंग्स तैयार किए जिनसे इस बात पर प्रभाव पड़ा कि सौरमंडल के अन्य चट्टानी पिंड कब और कैसे बनेंगे। 

राइस विश्वविद्यालय में पृथ्वी, पर्यावरण और ग्रह विज्ञान के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के को-लीडर आंद्रे इजिडोरो ने एक बयान में कहा, "बृहस्पति न केवल सबसे बड़ा ग्रह बना, बल्कि इसने पूरे आंतरिक सौरमंडल की संरचना भी निर्धारित की। "इसके बिना शायद हमारी पृथ्वी वैसी न होती जैसी इसे हम आज जानते हैं।"
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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