Starlink News

Starlink News - ख़बरें

  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाएगा Amazon! सैटेलाइट से सीधे फोन तक इंटरनेट, भारत में भी होगी एंट्री?
    Amazon ने अमेरिकी FCC से 5,105 नए Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी Amazon Leo प्रोजेक्ट के तहत Direct-to-Device (D2D) तकनीक विकसित कर रही है, जिससे बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन पर मैसेज, कॉल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस कदम को Starlink के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल Amazon ने भारत में इस सेवा के लॉन्च की घोषणा नहीं की है। वहीं भारत में Starlink, OneWeb और Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी अभी शुरुआती चरण में हैं और व्यावसायिक विस्तार का इंतजार कर रही हैं।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।
  • मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
    मेघालय सरकार ने Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए MoU साइन किया है। Conrad K Sangma के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इस पहल से स्कूल, हेल्थ सेंटर और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Starlink क्या है, कैसे करता है काम? भारत में इसकी कीमत से लेकर फायदे–कमियों तक, यहां समझें सब कुछ
    भारत में Starlink को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर तब से जब रिपोर्ट्स ने इसकी संभावित कीमत और लॉन्च की ओर इशारा किया है। SpaceX की यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लो-अर्थ ऑर्बिट में घूमते हजारों सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देती है, जो मुश्किल इलाकों में भी काम कर सकती है। भारत के लिए कंपनी ने अभी आधिकारिक प्राइस घोषित नहीं किया है, लेकिन ET की रिपोर्ट बताती है कि मंथली प्लान 2,500-3,500 रुपये और हार्डवेयर किट लगभग 25,000-30,000 रुपये हो सकती है। Starlink दूर-दराज क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर बन सकती है, हालांकि कीमत और मौसम का असर इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
  • Starlink के सैटेलाइट गिर रहे हैं! पृथ्वी के लिए नया खतरा
    स्टारलिंक के सैटेलाइट लगभग रोजाना पृथ्वी पर वापस गिर रहे हैं। जिससे वैज्ञानिकों में अंतरिक्ष मलबे की संभावित चेन रिएक्शन के बारे में चिंता बढ़ रही है, जो धरती की निचली कक्षा की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। प्राप्त किए गए डेटा के अनुसार मौजूदा समय में लगभग एक से दो स्टारलिंक सैटेलाइट प्रतिदिन पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करते हैं। अगर ऐसा ही जारी रहता है तो आने वाले वर्षों में और अधिक तारामंडलों के पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करने के साथ सैटेलाइट वापस गिरने की यह संख्या प्रतिदिन पाँच तक बढ़ सकती है।
  • भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से वापसी से लेकर एमेजॉन की प्राइम डे सेल, ये हैं आज की महत्वपूर्ण खबरें
    पिछले महीने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचे Axiom-4 मिशन के चार क्रू मेंबर्स की 14 जुलाई को धरती पर वापसी की यात्रा शुरू होगी। इनमें भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla भी शामिल हैं। ISS का विजिट करने वाले शुक्ला पहले भारतीय हैं। हालांकि, विंग कमांडर Rakesh Sharma के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले वह देश के दूसरे एस्ट्रोनॉट हैं
  • सोलर तूफानों से Elon Musk की Starlink के सैटेलाइट्स आसमान से गिर रहे
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Goddard Space Flight Centre में स्पेस फिजिसिस्ट, Denny Oliveira ने पिछले कुछ वर्षों में धरती पर वापस गिरे स्टारलिंक के 523 सैटेलाइट्स पर एक स्टडी की अगुवाई की है। इस स्टडी में पता चला है कि सूर्य में विस्फोटों से बनने वाले जियोमैग्नेटिक तूफानों से वातावरण में खिंचाव बढ़ता है और इससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट से गिरकर तेजी से वातावरण में दोबारा एंट्री करते हैं।
  • Elon Musk की बड़ी कामयाबी! अंतरिक्ष से मोबाइलों में भेजे अलर्ट मैसेज
    स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) की स्‍टारलिंक सैटेलाइट सर्विस को अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने देश के कुछ हिस्‍सों में डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस देने की मंजूरी दी है। आसान भाषा में समझाएं तो अमेरिकी यूजर्स के मोबाइल में सीधे सैटेलाइट से नेटवर्क आ रहा है। हालांकि यह मंजूरी उत्तरी कैरोलिना के इलाकों के लिए दी गई है, क्‍योंकि वहां तूफान हेलेन के कारण टेलिकॉम इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को नुकसान पहुंचा है।
  • Elon Musk ने क्‍यों कहा, इंसान के मंगल ग्रह पर पहुंचने से पहले मर जाऊंगा… जानें
    Elon Musk : साल 2020 में वॉशिंगटन डीसी में एक सम्मेलन में एलन मस्क ने कहा था अगर हम अपनी प्रोग्रेस में सुधार नहीं करते, तो मैं निश्चित रूप से मंगल ग्रह पर जाने से पहले ही मर जाऊंगा।
  • SpaceX के सबसे ‘भरोसेमंद’ रॉकेट ने क्‍यों दिया ‘धोखा’, जांच के बाद यह पता चला, जानें
    SpaceX Falcon 9 Report : यह घटना 11 जुलाई को सामने आई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के एफएए की निगरानी में पूरे मामले की जांच की गई।
  • फ्लाइट में मिलेगा हाईस्‍पीड इंटरनेट! Starlink की सर्विस अब 1000 विमानों में शुरू
    Starlink internet On Flights : कंपनी के अनुसार, यात्रियों को विमान में कदम रखते ही स्टारलिंक का हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन मिलेगा।
  • ‘गले की फांस’ बन गया चीन की स्‍पेस कंपनी iSpace का रॉकेट, 7 में से 4 बार फेल, जानें पूरा मामला
    iSpace के हाइपरबोला-1 रॉकेट ने गोबी रेगिस्‍तान में जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्‍च सेंटर से उड़ान भरी थी। वह एक पेलोड लेकर उड़ रहा था, पर लक्ष्‍य तक नहीं पहुंच सका।
  • 20 स्‍टारलिंक स्‍पेसक्राफ्ट लेकर उड़ा ‘फाल्कन 9’ रॉकेट रास्‍ते में दे गया ‘जवाब’, आई खराबी, देखें Video
    Falcon 9 Rocket anomaly : घटना तब हुई जब रॉकेट आसमान में था और 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए आगे बढ़ रहा था। गड़बड़ी के कारण स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स का अपनी कक्षा में पहुंचना मुश्किल लग रहा है।

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