• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • ‘गले की फांस’ बन गया चीन की स्‍पेस कंपनी iSpace का रॉकेट, 7 में से 4 बार फेल, जानें पूरा मामला

‘गले की फांस’ बन गया चीन की स्‍पेस कंपनी iSpace का रॉकेट, 7 में से 4 बार फेल, जानें पूरा मामला

रॉकेट का पहला, दूसरा और तीसरा स्‍टेज सामान्य रूप से उड़े, लेकिन चौथा स्‍टेज असामान्य तरीके से काम कर रहा था, जिससे लॉन्च मिशन विफल हो गया।

‘गले की फांस’ बन गया चीन की स्‍पेस कंपनी iSpace का रॉकेट, 7 में से 4 बार फेल, जानें पूरा मामला

Photo Credit: ispace

पुरानी तस्‍वीर।

ख़ास बातें
  • चीनी कंपनी iSpace का स्‍पेस मिशन फेल
  • हाइपरबोला-1 रॉकेट नहीं पहुंच सका मंजिल तक
  • सात कोशिशों में अबतक 4 बार हुआ है फेल
विज्ञापन
iSpace Launch fail : जब से स्‍पेस सेक्‍टर में प्राइवेट कंपनियों का आना शुरू हुआ है, इसकी प्रोडक्टिविटी बढ़ी है। अमेरिका की स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) सबसे बड़ा उदाहरण है। स्‍पेसएक्‍स के बनाए रॉकेट सफलता के साथ अंतरिक्ष मिशनों को पूरा कर रहे हैं। कंपनी दुनिया का सबसे भारी रॉकेट बनाने की ओर भी बढ़ गई है। लेकिन हर कोई स्‍पेसएक्‍स नहीं होता। चीन की iSpace के अंतरिक्ष मिशन लगातार फेल हो रहे हैं। आईस्‍पेस को हालिया नाकामयाबी पिछले हफ्ते मिली, जब उसका एक रॉकेट अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया।

स्‍पेसन्‍यूज की रिपोर्ट के अनुसार, iSpace के सातवें हाइपरबोला-1 रॉकेट (Hyperbola-1 rocket) ने गोबी रेगिस्‍तान में जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्‍च सेंटर से उड़ान भरी थी। वह पृथ्‍वी की कक्षा में एक ‘अनाम' पेलोड लेकर उड़ रहा था, पर लक्ष्‍य तक नहीं पहुंच सका।     

आईस्पेस ने एक अपडेट में लिखा कि रॉकेट का पहला, दूसरा और तीसरा स्‍टेज सामान्य रूप से उड़े, लेकिन चौथा स्‍टेज असामान्य तरीके से काम कर रहा था, जिससे लॉन्च मिशन विफल हो गया। कंपनी ने कहा है कि ड‍िटेल जांच के बाद वह यह बताएगी कि मिशन क्‍यों फेल हुआ। 

हाइपरबोला-1 (Hyperbola-1) रॉकेट ने जुलाई 2019 में सफल शुरुआत की थी। लेकिन यह रॉकेट अगले तीन मिशनों में फेल रहा, जो फरवरी 2021, अगस्त 2021 और मई 2022 में उड़े थे। पिछले साल अप्रैल में इसकी उड़ान सफल रही थी। हालांकि तब कोई पेलोड उसमें मौजूद नहीं था। पिछले साल दिसंबर में अपनी छठी उड़ान में हाइपरबोला-1 ने एक सैटेलाइट को ऑर्बिट में पहुंचाया था। लेकिन अब यह रॉकेट एक बार फ‍िर फेल हुआ है। 

हाल के दिनों में कई प्राइवेट कंपनियों के रॉकेट फेल हुए हैं। पिछले महीने एक और चीनी कंपनी स्पेस पायनियर का रॉकेट गलती से लॉन्‍च होकर नजदीकी की पहाड़ी पर क्रैश हो गया था। स्‍पेसएक्‍स के फाल्‍कन-9 रॉकेट को भी मुश्किलों का सामना पिछले हफ्ते करना पड़ा। एक खामी के बार वह 20 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में पहुंचाने से नाकाम रहा। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: iSpace, iSpace china, science news hindi, spaceX, Starlink
प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में चैम्पियन बनी Bajaj Auto
  2. I4C की मदद से धोखाधड़ी वाली इंटरनेशनल कॉल्स में हुई 97 प्रतिशत की कमी
  3. MG Motor की Windsor EV ने मार्च में बनाया सेल्स का रिकॉर्ड
  4. Garmin Vivoactive 6 स्मार्टवॉच 11 दिनों के बैटरी बैकअप, 80 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स के साथ हुई लॉन्च, जानें कीमत
  5. Rs 1 लाख के Samsung Galaxy S24+ को आधी कीमत में खरीदने का मौका, यहां जानें पूरी डील
  6. बिटकॉइन खरीदने के लिए गोल्ड का रिजर्व बेच सकती है अमेरिकी सरकार
  7. भारत में एक और TV ब्रांड 10 अप्रैल को करेगा एंट्री
  8. Vivo का V50e 10 अप्रैल को होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  9. HMD ने लॉन्च किए म्यूजिक कंट्रोल्स वाले 130 Music और 150 Music फीचर फोन, कीमत Rs 1,899 से शुरू
  10. Jio ने 5G डाउनलोड और अपलोड स्पीड में मारी बाजी, आया टॉप पर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »