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Space Science - ख़बरें

  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • भारत को बड़ी उपलब्धि, ISRO ने पूरे किए गगनयान के 3 टेस्ट, लैंडिग पर समुद्र में भी नहीं डूबेंगे अंतरिक्षयात्री
    ISRO ने पहले टेस्ट से यह सुनिश्चित किया है कि समुद्र पर उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल सीधी स्थिति में रहेगा। आपको बता दें कि यह क्रू की सेफ्टी के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है। इसके लिए कोल्ड-गैस पर बेस्ड एक अपराइटिंग सिस्टम बनाया गया और उसका टेस्ट किया गया, जिससे इसका बात की पुष्टि हुई कि यह उतरने पर सीधा ही रहेगा।
  • धरती पर गिरने वाला है नासा का टेलीस्कोप! तबाही को रोकने के लिए भेजेगी रेस्क्यू मिशन!
    नासा स्पेस में एक रेस्क्यू मिशन भेजने जा रही है। मिशन एक स्टार्टअप कंपनी कैटलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजी द्वारा पूरा किया जाएगा। नासा का स्पेस टेलीस्कोप स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी (Swift Observatory) धीरे-धीरे अपनी कक्षा से हटता हुआ नीचे की ओर आ रहा है। अगर इसे मदद न मिली तो यह टेलीस्कोप आखिरकार वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाएगा।
  • समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
    NASA अपने 22 साल पुराने Swift Observatory को बचाने के लिए 30 जून को Swift Boost मिशन लॉन्च करने जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर तूफानों की वजह से बढ़े वायुमंडलीय ड्रैग के कारण यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिर रहा है। मिशन के तहत Katalyst Space का Link स्पेसक्राफ्ट Swift तक पहुंचेगा और उसे पकड़कर ऊंची कक्षा में ले जाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहता है तो Swift कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा। यह अंतरिक्ष इतिहास का पहला ऐसा मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप को दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
  • हो जाओ तैयार! जून में निकलेगी ग्रहों की परेड, शुक्र को ढक लेगा चांद! दिखेंगे अद्भुत नजारे
    अंतरिक्ष उत्साहियों के लिए जून का महीना बहुत खास होने वाला है। इस महीने में कई खगोलीय घटनाएँ होने जा रही हैं। यहां चांद और शुक्र ग्रह का मिलन देखने को मिलेगा। इसके साथ ही ग्रहों की जुगलबंदी भी होगी। नासा ने इस महीने होने वाली अंतरिक्ष की घटनाओं की जानकारी दी है।
  • 6 मिनट 23 सेकंड तक गायब रहेगा सूरज, NASA ने बताया कहां दिखेगा सबसे सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण
    2 अगस्त 2027 को होने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण माना जा रहा है। NASA के अनुसार इस दौरान चांद करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक सूरज को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन जाएगा। यह सूर्यग्रहण स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रमा के पृथ्वी के बेहद करीब होने की वजह से यह ग्रहण सामान्य से ज्यादा लंबा रहेगा।
  • अंतरिक्ष में होने वाली है टक्कर! चांद से टकराएगा 8700 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाला रॉकेट का हिस्सा
    चांद पर एक बड़ा धमाका होने वाला है। Space X के Falcon 9 रॉकेट का एक हिस्सा चांद से टकराएगा। यह टक्कर 5 अगस्त 2026 के दिन होने वाली है। इस टकराने वाली वस्तु का नाम 2025-010D है। यह चांद से 2.44 AM EDT पर टकराएगी। यह टक्कर Einstein क्रेटर के पास होगी। यह वस्तु दरअसल Falcon 9 रॉकेट का अपर स्टेज का हिस्सा है।
  • अंतरिक्ष से धरती का ऐसा नजारा पहले नहीं देखा होगा! NASA ने जारी कीं Artemis 2 मिशन की 12 हजार तस्वीरें
    NASA ने Artemis 2 मिशन की 12 हजार से ज्यादा तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों को मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने Orion स्पेस कैप्सूल से कैप्चर किया था। फोटोज में अंतरिक्ष से दिखाई देने वाली धरती, चांद की सतह और उसके पीछे वाले हिस्से के शानदार दृश्य शामिल हैं। खास बात यह है कि ये पिछले 50 सालों में धरती की निचली कक्षा से बाहर गए इंसानों द्वारा ली गई पहली तस्वीरें हैं। Artemis 2 मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ था और इसमें NASA व Canadian Space Agency के चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे। अब NASA ने इन तस्वीरों को ऑनलाइन सार्वजनिक कर दिया है।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
    Artemis II मिशन की हाई रिजॉल्यूशन फोटो Nikon D5 सिस्टम द्वारा ली गई हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने यहां iPhone 17 Pro Max का इस्तेमाल भी किया। दोनों ही कैमरा ने बेहतरीन फोटो कैप्चर कीं। ये फोटो अब निकॉन द्वारा रिलीज कर दी गई हैं जिन्हें डाउनलोड भी किया जा सकता है।
  • Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
    एक 10 साल की बच्ची द्वारा NASA को लिखा गया खत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने Pluto को फिर से ग्रह बनाने की अपील की है। बच्ची ने अपने लेटर में Pluto से जुड़े कई फैक्ट्स भी बताए और इसे दोबारा Planet बनाने की मांग की। इस पर NASA के एडमिन Jared Isaacman ने जवाब देते हुए कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। इस घटना के बाद Pluto को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
  • चांद के सफर से वापस लौट रहा है Artemis II, NASA ने दिखाईं ऐसी तस्वीरें जो पहले कभी नहीं देखीं
    NASA का Artemis II मिशन चांद के ऐतिहासिक फ्लाईबाय के बाद अब धरती की ओर लौट रहा है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह की कई नई तस्वीरें कैप्चर की हैं, जिनमें एक दुर्लभ सोलर इक्लिप्स भी शामिल है। NASA के मुताबिक, इन तस्वीरों से चांद के जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत क्रू ने हजारों इमेजेज और डेटा रिकॉर्ड किया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। यह मिशन भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • Artemis II: चांद मिशन में क्या खाएंगे एस्ट्रोनॉट? फ्रिज नहीं, ताजा खाना नहीं... NASA ने बताया पूरा सिस्टम
    NASA के Artemis II मिशन में एस्ट्रोनॉट्स के लिए खास फूड सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें ताजा खाना शामिल नहीं है। Orion स्पेसक्राफ्ट में रेफ्रिजरेशन और रिसप्लाई की सुविधा न होने के कारण सभी फूड आइटम्स को पहले से शेल्फ-स्टेबल बनाया जाता है। इस सिस्टम में ready-to-eat, rehydratable और thermostabilized फूड शामिल होते हैं, जिन्हें माइक्रोग्रैविटी में आसानी से खाया जा सके। NASA के मुताबिक खाने को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह सुरक्षित रहे, क्रम्स न बने और कम जगह घेरे। यह पूरा सिस्टम एस्ट्रोनॉट्स की सेहत और मिशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
  • चांद मिशन में भी Microsoft Outlook ने दिया धोखा! एस्ट्रोनॉट ने लाइव स्ट्रीम में मांगी मदद
    NASA के Artemis II मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट में एक सॉफ्टवेयर गड़बड़ी सामने आई, जब एक एस्ट्रोनॉट ने लाइवस्ट्रीम के दौरान Microsoft Outlook के काम न करने की शिकायत की। कमांडर Reid Wiseman ने बताया कि सिस्टम में Outlook के दो वर्जन चल रहे थे और दोनों ही काम नहीं कर रहे थे। Mission Control ने रिमोट एक्सेस के जरिए इस समस्या को जांचा और बाद में बताया कि Outlook को “offline” मोड में चलाया जा सकता है। यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष मिशनों में भी रोजमर्रा के कमर्शियल सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होते हैं और उनमें आम तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  • Artemis II लॉन्च: 50 साल बाद इंसानों का 10 दिन का मून मिशन शुरू, यहां समझें पूरा प्लान
    NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 के बाद पहली बार इंसानों को चांद के आसपास ले जाने वाला मिशन है। यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, बल्कि Orion कैप्सूल “free-return trajectory” पर चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी पर आएगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य के चांद मिशन्स के लिए जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। मिशन करीब 10 दिनों तक चलेगा और इसमें क्रू स्पेसक्राफ्ट की परफॉर्मेंस, सेफ्टी और डीप स्पेस ऑपरेशन्स को जांचेगा।

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