धरती के लिए कभी खतरा बने एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका

इस एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका 3.8 प्रतिशत से कुछ बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई है। NASA का कहना है कि इस एस्ट्रॉइड के असर डालने की कुछ आशंका है

धरती के लिए कभी खतरा बने एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका

इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है

ख़ास बातें
  • इस एस्ट्रॉइड को 2024 YR4 कहा जा रहा है
  • इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है
  • एस्ट्रोनॉमर्स इस एस्ट्रॉइड के खतरे की लगातार निगरानी कर रहे हैं
विज्ञापन
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने एक ऐसे एस्ट्रॉइड के बारे में जानकारी दी है जो 2032 में चंद्रमा से टकरा सकता है। पिछले वर्ष इस एस्ट्रॉइड के धरती पर असर डालने की आशंका बनी थी। इस एस्ट्रॉइड को 2024 YR4 कहा जा रहा है। इसका व्यास लगभग 53-67 मीटर का है। इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है। 

पिछले वर्ष के अंत में इसका पता लगाया गया था। इसे Apollo प्रकार के एस्ट्रॉइड के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। धरती से इस एस्ट्रॉइड को नहीं देखा जा सकता है क्योंकि टेलीस्कोप से इसे देखने के लिए इसकी दूरी बहुत अधिक है। NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने इसके सूर्य के निकट अपने ऑर्बिट में गायब होने से पहले अंतिम बार देखा था। अमेरका के कैलिफोर्निया में NASA के Center for Near-Earth Object Studies की Jet Propulsion Laboratory के एक्सपर्ट्स ने अतिरिक्त जानकारी की सहायता से इस एस्ट्रॉइड के ऑर्बिट के बारे में बताया है। 

इस एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका 3.8 प्रतिशत से कुछ बढ़कर 4.3 प्रतिशत हो गई है। NASA का कहना है कि इस एस्ट्रॉइड के असर डालने की कुछ आशंका है लेकिन यह चंद्रमा के ऑर्बिट में बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, एस्ट्रोनॉमर्स इस एस्ट्रॉइड के खतरे की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा इसके संभावित रास्ते को भी समझने का प्रयास किया जा रहा है। 

हाल ही में NASA ने बताया था कि सूर्य की बढ़ती एक्टिविटी से Starlink के कॉन्स्टेलेशन में मौजूद सैटेलाइट्स को नुकसान हो रहा है। इन स्टैलाइट्स को बिलिनेयर Elon Musk की स्पेस एक्सप्लोरेशन से जुड़ी SpaceX ने लॉन्च किया था। NASA के Goddard Space Flight Centre में स्पेस फिजिसिस्ट, Denny Oliveira ने पिछले कुछ वर्षों में धरती पर वापस गिरे स्टारलिंक के 523 सैटेलाइट्स पर एक स्टडी की अगुवाई की है। इस स्टडी में पता चला है कि सूर्य में विस्फोटों से बनने वाले जियोमैग्नेटिक तूफानों से वातावरण में खिंचाव बढ़ता है और इससे सैटेलाइट्स ऑर्बिट से गिरकर तेजी से वातावरण में दोबारा एंट्री करते हैं। NASA की टीम ने इस स्टडी में लिखा है, "यह स्पष्ट पता चलता है कि मौजूदा सोलर साइकल की तेज सोलर एक्टिविटी का स्टारलिंक के सैटेलाइट्स पर बड़ा असर हुआ है। यह लो-अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट्स की संख्या और सोलर एक्टिविटी मानव इतिहास में सबसे अधिक है।" 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro से फोल्डेबल Duo तक, Apple के नए प्रोडक्ट्स की भारत में इतनी है कीमत
  2. PhonePe से अब विदेशों में करें VISA पेमेंट! नहीं पड़ेगी कार्ड की जरूरत, बना भारत का पहला ऐप
  3. HMD Key 2 बजट फोन जल्द हो सकता है लॉन्च! 13MP डुअल कैमरा, 5000mAh बैटरी
  4. 500 रुपये से कम में 5 वायर्ड ईयरफोन, JBL और boAt जैसे कई ऑप्शन
  5. Apple Watch Ultra 4 लॉन्च हुई 50 घंटे की बैटरी के साथ, S11 चिप से लैस, जानें कीमत
  6. Apple Watch Series 12 हुई लॉन्च, नई S11 चिप, 38 घंटे की बैटरी, जानें कीमत
  7. Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च, बुक स्टाइल के साथ डबल कैमरा से लैस, जानें कितना है खास
  8. Apple Airpods 5 लॉन्च हुए ANC फीचर, लम्बी बैटरी, IP57 रेटिंग के साथ, जानें कीमत
  9. iPhone 18 Pro, 18 Pro Max भारत में A20 Pro चिपसेट और धांसू फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें इस बार क्या है खास
  10. HMD ने नोकिया की यादों को ताजा करते हुए Asha 305 किया पेश, 32 घंटे चलेगी बैटरी, सस्ते दामों में मिलेगा स्मार्टफोन का मजा
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »