Space News Hindi

Space News Hindi - ख़बरें

  • ग्रहों की लिस्ट में जुड़ा एक नया नाम! बिना खोजे ही NASA को मिला Beta Pictoris d
    NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने Beta Pictoris स्टार सिस्टम में एक नए विशाल Exoplanet, Beta Pictoris d, की खोज की है। यह ग्रह पृथ्वी से करीब 63 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। वैज्ञानिक पहले से मौजूद एक दूसरे ग्रह का अध्ययन कर रहे थे, तभी उन्हें यह नया ग्रह मिला। इसकी पहचान पारंपरिक इमेजिंग की बजाय वातावरण में मौजूद Carbon Monoxide, Water Vapour और Methane जैसे रासायनिक संकेतों के जरिए की गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में दूसरे तारों के आसपास नए ग्रह खोजने के तरीके को बदल सकती है।
  • ISRO के टॉप मिशनों को झटका? 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी, सरकार ने बदले नियम
    ISRO के महत्वपूर्ण मिशनों से वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे सामने आने के बाद Department of Space ने नई गाइडलाइन जारी की है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, Gaganyaan और अन्य राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे या Voluntary Retirement अब पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, हाल के महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिक संगठन छोड़ चुके हैं। नए नियमों के तहत ऐसे सभी मामलों में अंतिम फैसला Department of Space करेगा, ताकि राष्ट्रीय अंतरिक्ष परियोजनाओं पर अचानक असर न पड़े।
  • Pluto को फिर मिलेगा ग्रह का दर्जा? 10 साल की बच्ची की अपील ने मचाई हलचल
    एक 10 साल की बच्ची द्वारा NASA को लिखा गया खत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने Pluto को फिर से ग्रह बनाने की अपील की है। बच्ची ने अपने लेटर में Pluto से जुड़े कई फैक्ट्स भी बताए और इसे दोबारा Planet बनाने की मांग की। इस पर NASA के एडमिन Jared Isaacman ने जवाब देते हुए कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं। इस घटना के बाद Pluto को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
  • चांद के सफर से वापस लौट रहा है Artemis II, NASA ने दिखाईं ऐसी तस्वीरें जो पहले कभी नहीं देखीं
    NASA का Artemis II मिशन चांद के ऐतिहासिक फ्लाईबाय के बाद अब धरती की ओर लौट रहा है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह की कई नई तस्वीरें कैप्चर की हैं, जिनमें एक दुर्लभ सोलर इक्लिप्स भी शामिल है। NASA के मुताबिक, इन तस्वीरों से चांद के जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत क्रू ने हजारों इमेजेज और डेटा रिकॉर्ड किया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। यह मिशन भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • अंतरिक्ष से दिखा महाकुंभ मेला, सामने आई तस्‍वीरें, जानें पूरी‍ डिटेल
    दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला, प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj MahaKumbha) अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्‍तेमाल करके महाकुंभ की तस्वीरें ली हैं। इसरो की तस्वीरों में मेले में बनाए गए विशाल बुनियादी ढांचे को देखा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रयागराज में महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • ISRO : क्‍या होती है स्पेस डॉकिंग? अंतरिक्ष में दो स्‍पेसक्राफ्ट जोड़ने से भारत को क्‍या फायदा होगा? जानें
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का Spadex मिशन कामयाब हो गया। कई दिनों से देशवासी जिसका इंतजार कर रहे थे, वह गुड न्‍यूज गुरुवार सुबह आई। इसरो ने बताया कि उसने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक दो स्‍पेसक्राफ्टों को आपस में जोड़ दिया है, जिसे स्‍पेस डॉकिंग कहा जाता है। ऐसा करने वाला भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह कामयाबी अबतक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के नाम थी।
  • ISRO का एक और कमाल! अंतरिक्ष में उगा दिया लोबिया, देखें वीडियो
    भारत की स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने एक बार फिर से अंतरिक्ष की दुनिया में कारनामा कर दिखाया है। इसरो ने स्पेस में लोबिया के बीजों को उगते दिखाया है। इसरो का कहना है कि केवल चार दिन में ही ये बीज माइक्रोग्रेविटी में अंकुरित हो गए। दरअसल यह संस्था के CROPS मिशन का हिस्सा है। भविष्य में दूसरे ग्रहों पर खेती की संभावनाओं को इसके जरिए तलाशा जा सकता है।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी के स्पेसक्राफ्ट ने खींची बुध की अद्भुत तस्वीरें, ग्रह पर जमे हुए पानी के संकेत!
    सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक घूमने वाले ग्रह बुध को बेहद नजदीक से कैमरा में कैद किया गया है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी का BepiColombo स्पेसक्राफ्ट बुध के सबसे नजदीक से गुजरा है। इसके बाद यह 2026 में इसकी कक्षा में प्रवेश करेगा। पता लगाएगा कि ग्रह पर केवल चट्टानों की एक पतली परत क्यों है, जबकि ग्रह के पास बहुत बड़ा लौह कोर है।
  • अंतरिक्ष में ISRO का कमाल! लोबिया का बीज बन गया पौधा, जानें डिटेल
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया है। इसरो ने अंतरिक्ष में लोबिया के बीज अंकुरित करवाए थे, जिनसे अब पत्‍त‍ियां निकल आई हैं। इसरो ने बताया है कि ‘PSLV-C60 पीओईएम-4 प्लेटफॉर्म’ पर अंतरिक्ष में भेजे गए लोबिया के बीजों में अंकुरण के बाद पहली पत्तियां निकल आई हैं। इसरो ने कहा है कि यह अंतरिक्ष बेस्‍ड प्‍लांट रिसर्च में मील का एक पत्थर है।
  • SpaDeX Mission : 7 जनवरी को अंतरिक्ष में क्‍या करने वाला है भारत? रूस, अमेरिका, चीन के बाद बनेगा दुनिया का चौथा देश!
    भारत के अंतरिक्ष संगठन ‘इसरो’ (ISRO) ने सोमवार की रात इतिहास रचा। इसरो का SpaDeX मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया। इस काम में पीएसएलवी रॉकेट की मदद ली गई, जिसने दो छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में पहुंचाया। मिशन की खास बात यह है कि दोनों सैटेलाइट्स धरती से करीब 470 किलोमीटर की ऊंचाई पर डॉकिंग और अनडॉकिंग करेंगे।
  • सूर्य को ‘छूकर’ क्‍या बच पाएगा Nasa का पार्कर, 980 डिग्री तापमान झेला, वैज्ञानिक कर रहे सिग्‍नल का इंतजार
    नासा (Nasa) के पार्कर सोलर प्रोब ने क्र‍िसमस की पूर्व संध्‍या पर सूर्य (Sun) के बेहद नजदीक से उड़ान भरी थी। वह एक ऐतिहासिक पल था। हालांकि वैज्ञानिकों को अबतक यह मालूम नहीं है कि पार्कर सोलर प्रोब ‘जिंदा’ है या फ‍िर सूर्य की गर्मी से ‘राख’ हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें कुछ दिनों का टाइम लग सकता है। वैज्ञानिक इंतजार कर रहे हैं कि पार्कर सोलर प्रोब का उनसे संपर्क हो पाए और वह संकेत भेजे कि सबकुछ ठीक है।
  • 24 हजार km की स्‍पीड से पृथ्‍वी के करीब आ रहा एस्‍टरॉयड, क्र‍िसमस से पहले देगा ‘दस्‍तक’
    हमारी पृथ्‍वी का सामना लगभग हर रोज किसी एस्‍टरॉयड से होता है। ऐसी ही एक ‘चट्टानी’ आफत क्र‍िसमस से ठीक पहले 24 दिसंबर को ‘दहलाने’ आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 XN1 नाम का एस्‍टरॉयड करीब 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और जब यह हमारे ग्रह के करीब आएगा, तब दोनों के बीच दूरी 44 लाख 80 हजार किलोमीटर रह जाएगी। इसका साइज करीब 120 फीट है।

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