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Space News Hindi - ख़बरें

  • चांद के सफर से वापस लौट रहा है Artemis II, NASA ने दिखाईं ऐसी तस्वीरें जो पहले कभी नहीं देखीं
    NASA का Artemis II मिशन चांद के ऐतिहासिक फ्लाईबाय के बाद अब धरती की ओर लौट रहा है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह की कई नई तस्वीरें कैप्चर की हैं, जिनमें एक दुर्लभ सोलर इक्लिप्स भी शामिल है। NASA के मुताबिक, इन तस्वीरों से चांद के जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर को समझने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत क्रू ने हजारों इमेजेज और डेटा रिकॉर्ड किया है, जिसका अब विश्लेषण किया जा रहा है। यह मिशन भविष्य के चंद्र और मंगल मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • धरती से 400Km ऊपर से दिखा महाकुंभ का नजारा, Nasa ने शेयर की तस्‍वीरें
    यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में रोजाना लाखों की संख्‍या में लोग संगम पर स्‍नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस नजारे को ना सिर्फ पृथ्‍वी से बल्कि अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है। नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से इस आयोजन की तस्‍वीरें ली हैं। ISS हमारी धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में है।
  • अंतरिक्ष से दिखा महाकुंभ मेला, सामने आई तस्‍वीरें, जानें पूरी‍ डिटेल
    दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला, प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj MahaKumbha) अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्‍तेमाल करके महाकुंभ की तस्वीरें ली हैं। इसरो की तस्वीरों में मेले में बनाए गए विशाल बुनियादी ढांचे को देखा जा सकता है। गौरतलब है कि प्रयागराज में महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • ISRO : क्‍या होती है स्पेस डॉकिंग? अंतरिक्ष में दो स्‍पेसक्राफ्ट जोड़ने से भारत को क्‍या फायदा होगा? जानें
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) का Spadex मिशन कामयाब हो गया। कई दिनों से देशवासी जिसका इंतजार कर रहे थे, वह गुड न्‍यूज गुरुवार सुबह आई। इसरो ने बताया कि उसने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक दो स्‍पेसक्राफ्टों को आपस में जोड़ दिया है, जिसे स्‍पेस डॉकिंग कहा जाता है। ऐसा करने वाला भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह कामयाबी अबतक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के नाम थी।
  • ISRO का एक और कमाल! अंतरिक्ष में उगा दिया लोबिया, देखें वीडियो
    भारत की स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने एक बार फिर से अंतरिक्ष की दुनिया में कारनामा कर दिखाया है। इसरो ने स्पेस में लोबिया के बीजों को उगते दिखाया है। इसरो का कहना है कि केवल चार दिन में ही ये बीज माइक्रोग्रेविटी में अंकुरित हो गए। दरअसल यह संस्था के CROPS मिशन का हिस्सा है। भविष्य में दूसरे ग्रहों पर खेती की संभावनाओं को इसके जरिए तलाशा जा सकता है।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी के स्पेसक्राफ्ट ने खींची बुध की अद्भुत तस्वीरें, ग्रह पर जमे हुए पानी के संकेत!
    सौरमंडल में सूर्य के सबसे नजदीक घूमने वाले ग्रह बुध को बेहद नजदीक से कैमरा में कैद किया गया है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी का BepiColombo स्पेसक्राफ्ट बुध के सबसे नजदीक से गुजरा है। इसके बाद यह 2026 में इसकी कक्षा में प्रवेश करेगा। पता लगाएगा कि ग्रह पर केवल चट्टानों की एक पतली परत क्यों है, जबकि ग्रह के पास बहुत बड़ा लौह कोर है।
  • अंतरिक्ष में ISRO का कमाल! लोबिया का बीज बन गया पौधा, जानें डिटेल
    भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया है। इसरो ने अंतरिक्ष में लोबिया के बीज अंकुरित करवाए थे, जिनसे अब पत्‍त‍ियां निकल आई हैं। इसरो ने बताया है कि ‘PSLV-C60 पीओईएम-4 प्लेटफॉर्म’ पर अंतरिक्ष में भेजे गए लोबिया के बीजों में अंकुरण के बाद पहली पत्तियां निकल आई हैं। इसरो ने कहा है कि यह अंतरिक्ष बेस्‍ड प्‍लांट रिसर्च में मील का एक पत्थर है।
  • SpaDeX Mission : 7 जनवरी को अंतरिक्ष में क्‍या करने वाला है भारत? रूस, अमेरिका, चीन के बाद बनेगा दुनिया का चौथा देश!
    भारत के अंतरिक्ष संगठन ‘इसरो’ (ISRO) ने सोमवार की रात इतिहास रचा। इसरो का SpaDeX मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्‍च किया गया। इस काम में पीएसएलवी रॉकेट की मदद ली गई, जिसने दो छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में पहुंचाया। मिशन की खास बात यह है कि दोनों सैटेलाइट्स धरती से करीब 470 किलोमीटर की ऊंचाई पर डॉकिंग और अनडॉकिंग करेंगे।
  • सूर्य को ‘छूकर’ क्‍या बच पाएगा Nasa का पार्कर, 980 डिग्री तापमान झेला, वैज्ञानिक कर रहे सिग्‍नल का इंतजार
    नासा (Nasa) के पार्कर सोलर प्रोब ने क्र‍िसमस की पूर्व संध्‍या पर सूर्य (Sun) के बेहद नजदीक से उड़ान भरी थी। वह एक ऐतिहासिक पल था। हालांकि वैज्ञानिकों को अबतक यह मालूम नहीं है कि पार्कर सोलर प्रोब ‘जिंदा’ है या फ‍िर सूर्य की गर्मी से ‘राख’ हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें कुछ दिनों का टाइम लग सकता है। वैज्ञानिक इंतजार कर रहे हैं कि पार्कर सोलर प्रोब का उनसे संपर्क हो पाए और वह संकेत भेजे कि सबकुछ ठीक है।
  • 24 हजार km की स्‍पीड से पृथ्‍वी के करीब आ रहा एस्‍टरॉयड, क्र‍िसमस से पहले देगा ‘दस्‍तक’
    हमारी पृथ्‍वी का सामना लगभग हर रोज किसी एस्‍टरॉयड से होता है। ऐसी ही एक ‘चट्टानी’ आफत क्र‍िसमस से ठीक पहले 24 दिसंबर को ‘दहलाने’ आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 XN1 नाम का एस्‍टरॉयड करीब 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और जब यह हमारे ग्रह के करीब आएगा, तब दोनों के बीच दूरी 44 लाख 80 हजार किलोमीटर रह जाएगी। इसका साइज करीब 120 फीट है।
  • अंतरिक्ष से पानी में लैंड करेंगे भारतीय एस्‍ट्रोनॉट तो क्‍या होगा? इसरो ने की टेस्टिंग, देखें फोटोज
    भारत अपने गगनयान मिशन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। बीते सप्‍ताह एक नकली गगनयान क्रू मॉड्यूल को पानी में डालकर उसे उठाया गया। यह एक प्रकार की एक्‍सरसाइज थी यह देखने के लिए कि जब एस्‍ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष से पानी में लैंड करेंगे, तब किस प्रकार की तैयारियां चाहिए होंगी। इसरो ने इंडियन नेवी के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के तट पर बंगाल की खाड़ी में यह एक्‍सरसाइज की।
  • अंतरिक्ष में कैसे पीते हैं लिक्विड, सुनीता विलियम्‍स ने बताया, देखें Video
    सुनीता विलियम्‍स ने मैसाचुसेट्स के सुनीता विलियम्स एलिमेंट्री स्कूल के स्‍टूडेंट्स के लिए एक सेशन होस्‍ट किया। इसमें उन्‍होंने स्‍पेस में लिक्विड ड्र‍िंक पीने के दौरान आने वाले चैलेंजेस पर चर्चा की। उन्‍होंने छात्रों को बताया कि जीरो ग्रैविटी में लिक्विड पदार्थ पीने के दौरान किन बातों का ध्‍यान रखना होता है। स्‍पेस में लिक्विड पदार्थ पीने के लिए खासतौर के पाउच डिजाइन किए गए हैं। सुनीता ने उन पाउचों को इस्‍तेमाल करने का तरीका बताया।
  • धरती से 400km ऊपर अंतरिक्ष में सुनीता विलियम्‍स उड़ाएंगी ‘दावत’, सेलिब्रेट करेंगी थैंक्सगिविंग
    भारतीय मूल की नासा (Nasa) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स (Sunita Williams) इस साल जून में स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) पर पहुंची थीं। उनके स्‍पेसक्राफ्ट में खराबी आ गई, जिस वजह से सुनीता और उनके साथी बुच विल्‍मोर वहीं रुके हुए हैं। अंतरिक्ष में अपने सफर को सुनीता अब एन्‍ज्‍वॉय भी कर रही हैं। वह आईएसएस पर थैंक्सगिविंग (Thanksgiving) पर्व मनाने वाली हैं।

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