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Satellites - ख़बरें

  • दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
    मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब हासिल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
  • Elon Musk की स्टारलिंक को भारत में लगा झटका, सर्विस के लॉन्च में हो सकती है देरी!
    बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को देश में लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
  • हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
    BharatNet प्रोग्राम को लागू करने की जिम्मेदारी भी BSNL के पास है। इस प्रोग्राम के तहत, 6.25 लाख से अधिक गांवों में ऑप्टिक-फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जाना है। इनमें असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों के गांव भी शामिल हैं। स्टारलिंक के साथ पार्टनरशिप से BSNL को पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों और द्वीपों पर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में आसानी हो सकती है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।
  • लॉन्च सही, लेकिन सैटेलाइट पहुंचा कहीं और! जानें क्या हुआ Blue Origin के मिशन में
    Blue Origin के New Glenn रॉकेट की हालिया लॉन्चिंग फेल हो गई, जिससे सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाया। कंपनी के मुताबिक, अपर स्टेज के एक इंजन ने पर्याप्त थ्रस्ट नहीं दिया, जिसके चलते मिशन प्रभावित हुआ। यह लॉन्च फ्लोरिडा से किया गया था और फर्स्ट स्टेज बूस्टर सफलतापूर्वक लैंड भी कर गया था। घटना के बाद रॉकेट की आगे की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है और जांच जारी है। यह सैटेलाइट AST SpaceMobile के नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला था, जो डायरेक्ट सैटेलाइट-टू-स्मार्टफोन कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है।
  • मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
    मेघालय सरकार ने Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए MoU साइन किया है। Conrad K Sangma के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इस पहल से स्कूल, हेल्थ सेंटर और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
    Amazfit ने T Rex Ultra 2 स्मार्टवॉच लॉन्च कर दी है, जो 1.5 इंच AMOLED डिस्प्ले, सैफायर ग्लास प्रोटेक्शन और ग्रेड 5 टाइटेनियम बॉडी के साथ आती है। डिवाइस Zepp OS 5 पर चलती है और 6 सैटेलाइट पोजिशनिंग सिस्टम सपोर्ट करती है। इसमें 64GB इंटरनल स्टोरेज, 187 से ज्यादा वर्कआउट मोड और 870mAh बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक यह सामान्य उपयोग में 30 दिन तक चल सकती है। इसकी कीमत 549.99 डॉलर रखी गई है और यह वेबसाइट व Amazon पर उपलब्ध है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
    Blue Origin ने अपने नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क TeraWave की घोषणा कर दी है, जिससे Jeff Bezos की कंपनी सीधे तौर पर Elon Musk के Starlink को चुनौती देगी। कंपनी के मुताबिक, TeraWave के तहत 5,408 सैटेलाइट्स को LEO और MEO ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा और इसकी शुरुआत 2027 की चौथी तिमाही से होगी। यह नेटवर्क एंटरप्राइज, डेटा सेंटर और सरकारी ग्राहकों को टारगेट करेगा और 6 टेराबिट प्रति सेकेंड तक की डेटा कैपेसिटी देने का दावा किया गया है।
  • रास्ते से भटका ISRO का रॉकेट! 16 सैटेलाइट लेकर गया है PSLV, जानें क्या हुआ तीसरे स्टेज में
    ISRO के Polar Satellite Launch Vehicle के 64वें मिशन PSLV-C62 में लॉन्च के कुछ मिनट बाद तकनीकी अनियमितता दर्ज की गई है। श्रीहरिकोटा से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुए इस मिशन में रॉकेट के पहले और दूसरे स्टेज ने सामान्य प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे स्टेज में ट्रेजेक्टरी में झुकाव देखा गया। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के मुताबिक, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यह मिशन 2025 में हुई PSLV की विफल उड़ान के बाद एक अहम वापसी माना जा रहा था।
  • CES 2026: सैटेलाइट से कॉल और मैसेज करेंगे Infinix के Note 60 सीरीज स्मार्टफोन्स, CES में लगाया तकनीक का तड़का!
    Infinix ने CES 2026 के दौरान अपनी आने वाली Note 60 Series के जरिए कई नई टेक्नोलॉजीज की झलक दिखाई है। कंपनी ने इस सीरीज में Satellite Calling और Messaging सपोर्ट, HydroFlow Liquid Cooling Architecture और Active Visual Backplate जैसी इनोवेशन्स को शोकेस किया। Infinix का दावा है कि Note 60 Series में दी जाने वाली सैटेलाइट कनेक्टिविटी रिमोट एरिया और नेटवर्क डेड जोन में काम आ सकती है। इसके अलावा AI ModuVerse मॉड्यूलर सिस्टम और गेमिंग फोकस्ड एक्सेसरीज़ भी इस सीरीज का हिस्सा हो सकती हैं। फिलहाल कंपनी ने लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है।
  • ISRO बना ग्लोबल हीरो! 'बाहुबली' रॉकेट से स्पेस में पहुंचाई सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट, सेट किया रिकॉर्ड
    ISRO के हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3-M6 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरते हुए अमेरिका के BlueBird-6 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में स्थापित किया है। यह अब तक किसी भारतीय लॉन्च व्हीकल द्वारा ले जाया गया सबसे भारी पेलोड है। यह मिशन आम स्मार्टफोन्स तक सीधे स्पेस से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य से जुड़ा है। करीब 15 मिनट की उड़ान के बाद सैटेलाइट 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने तय ऑर्बिट में पहुंचा। यह भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्च क्षमता को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करता है।

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