Satellite Internet

Satellite Internet - ख़बरें

  • Nepal Floods: नेपाल जैसी बाढ़ आ जाए तो क्या करें? ये 7 गैजेट्स बचा सकते हैं आपकी जान
    बाढ़ जैसी घटनाओं के समय मूलभूत सुविधाएं भी एकदम से कट जाती हैं। इनमें बिजली, पानी, इंटरनेट, कनेक्टिविटी आदि सुविधाएं एकदम से ठप हो जाती हैं। ऐसे में कुछ खास गैजेट्स आपकी मदद कर सकते हैं ताकि आप समय रहते अपने लिए मदद मंगवा सकें
  • सैटेलाइट इंटरनेट के लिए भारत में छिड़ने वाली है जंग? Starlink-Jio के बाद अब हो रही एक और बड़ी एंट्री
    भारत के तेजी से बढ़ते Satellite Communication Market में Singtel भी एंट्री की तैयारी कर रही है। सिंगापुर की टेलीकॉम कंपनी ने अपनी भारतीय इकाई Singapore Telecom India के जरिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाएं शुरू करने के लिए FDI मंजूरी मांगी है। कंपनी सरकारी और निजी क्षेत्र के ग्राहकों को सैटेलाइट आधारित कनेक्टिविटी देने की योजना बना रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, Singtel करीब 36-38 GEO सैटेलाइट वाले नेटवर्क के जरिए सेवाएं देने पर काम कर रही है और सैटेलाइट नेटवर्क को 4G और 5G नेटवर्क से जोड़ने की तकनीक पर भी काम हो रहा है। भारत में Starlink, Jio, OneWeb और Amazon भी इस बाजार में सक्रिय हैं।
  • Starlink का सैटेलाइट इंटरनेट, भारत में काम शुरू, बेंगलुरु में बनने लगी टीम
    DogeDesigner ने पोस्ट में बताया कि SpaceX भारत में Starlink के प्रवेश के लिए कमर कस रही है। SpaceX बेंगलुरु में एक सप्लाई-चेन टीम तैयार कर रही है, जिसमें स्टारलिंक टर्मिनल मैन्युफैक्चरिंग, RF इंटीग्रेशन, इंजेक्शन मोल्डिंग और ग्लोबल सप्लाई मैनेजमेंट जैसी चार भूमिकाएं शामिल हैं। हालांकि, लॉन्च के लिए अभी भी फाइनल मंजूरी का इंतजार है।
  • TATA सीधे सैटेलाइट से प्रदान करेगा आपके मोबाइल में इंटरनेट, जानें क्या है D2D सर्विस?
    Starlink और Jio के बाद अब Tata भी इसमें कदम रखने जा रहा है।टाटा ग्रुप की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर नेल्को लिमिटेड भारत में 2028 तक अपनी डायरेक्ट टू डिवाइस (D2D) सैटेलाइट सर्विस चालू कर सकती है। इसके अलावा साल के आखिर तक कंपनी ट्रायल्स भी शुरू करने का प्लान बना रही है। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को भारत के साथ-साथ श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे बाजारों में भी उपलब्ध करवाया जा सकता है।
  • रूस ने बढ़ा दी Elon Musk की टेंशन! बनाया Anti-Starlink सिस्टम, ऐसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी
    Volna Kupol Garant रूस का एक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम है, जिसे Starlink सैटेलाइट कम्युनिकेशन को बाधित करने के लिए डेवलप किए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह Ku-band फ्रीक्वेंसी पर हाई-पावर जामिंग सिग्नल भेजकर सैटेलाइट और ग्राउंड टर्मिनल के बीच कम्युनिकेशन इफेक्ट करता है। इसमें Phased Array Antenna और मल्टी-चैनल ट्रांसमिशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह तकनीक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट इंटरनेट के बीच बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा का नया उदाहरण मानी जा रही है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाएगा Amazon! सैटेलाइट से सीधे फोन तक इंटरनेट, भारत में भी होगी एंट्री?
    Amazon ने अमेरिकी FCC से 5,105 नए Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट लॉन्च करने की मंजूरी मांगी है। कंपनी Amazon Leo प्रोजेक्ट के तहत Direct-to-Device (D2D) तकनीक विकसित कर रही है, जिससे बिना मोबाइल टावर के सीधे स्मार्टफोन पर मैसेज, कॉल और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस कदम को Starlink के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। फिलहाल Amazon ने भारत में इस सेवा के लॉन्च की घोषणा नहीं की है। वहीं भारत में Starlink, OneWeb और Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं भी अभी शुरुआती चरण में हैं और व्यावसायिक विस्तार का इंतजार कर रही हैं।
  • भारत ने रचा एविएशन इतिहास! सैटेलाइट से होगी विमान की लैंडिंग, जानें क्या है ISRO का GAGAN सिस्टम
    भारत ने पहली बार किसी कमर्शियल जेट विमान की लैंडिंग स्वदेशी GAGAN (GPS Aided GEO Augmented Navigation) सिस्टम की मदद से कराई है। IndiGo का Airbus A320 उदयपुर एयरपोर्ट पर बिना पारंपरिक ग्राउंड-बेस्ड Instrument Landing System (ILS) के सफलतापूर्वक उतरा। GAGAN को ISRO और Airports Authority of India (AAI) ने मिलकर विकसित किया है। यह GPS सिग्नल में आने वाली त्रुटियों को रियल टाइम में सुधारकर पायलट को अधिक सटीक नेविगेशन देता है। माना जा रहा है कि यह तकनीक भविष्य में छोटे एयरपोर्ट्स पर भी सुरक्षित और सटीक लैंडिंग को आसान बना सकती है।
  • Elon Musk से छिना ट्रिलिनेयर का खिताब, SpaceX का शेयर प्राइस गिरने का असर
    Bloomberg Billionaires Index के अनुसार, मस्क की वेल्थ 16 जून को लगभग 1.32 लाख करोड़ डॉलर से घटकर लगभग 957 अरब डॉलर हो गई है। हालांकि, दुनिया के सबसे रईस शख्स के तौर पर मस्क बरकरार हैं। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में SpaceX की शानदार शुरुआत से मस्क की वेल्थ तेजी से बढ़ी थी। SpaceX ने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए लगभग 75 अरब डॉलर जुटाए थे।
  • ईरान में सरकार को गिराने के लिए इजरायल पर स्टारलिंक के इंटरनेट रिसीवर भेजने का आरोप
    इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री, Naftali Bennett ने दावा किया है कि इस वर्ष की शुरुआत में ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस देने वाली Starlink के रिसीवर्स की तस्करी की गई थी। बेनेट का कहना था कि इजराल और मिडल ईस्ट के अन्य देशों को मिलकर ईरान के नेतृत्व को हटाना चाहिए।
  • SpaceX  के IPO ने 4,400 से ज्यादा वर्कर्स को बनाया मिलिनेयर!
    SpaceX के बहुत से मौजूदा और पूर्व इंजीनियर्स, लॉन्च ऑपरेटर्स और ब्ल-कॉलर वर्कर्स मिलिनेयर बन गए हैं। इन वर्कर्स ने मस्क के विजन पर भरोसा कर SpaceX को ज्वाइन किया था। कंपनी की शुरुआती दौर में नाकामियों के बावजूद बहुत से वर्कर्स ने अपना विश्वास बरकरार रखा और इसका उन्हें बड़ा फायदा मिला है। इनमें से लगभग 400 वर्कर्स को इस IPO से 10 करोड़ डॉलर या इससे अधिक रकम मिलने का अनुमान है।
  • दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
    मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब हासिल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
  • Elon Musk की स्टारलिंक को भारत में लगा झटका, सर्विस के लॉन्च में हो सकती है देरी!
    बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को देश में लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
  • हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
    BharatNet प्रोग्राम को लागू करने की जिम्मेदारी भी BSNL के पास है। इस प्रोग्राम के तहत, 6.25 लाख से अधिक गांवों में ऑप्टिक-फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जाना है। इनमें असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों के गांव भी शामिल हैं। स्टारलिंक के साथ पार्टनरशिप से BSNL को पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों और द्वीपों पर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में आसानी हो सकती है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »