Satellite Internet

Satellite Internet - ख़बरें

  • ईरान में सरकार को गिराने के लिए इजरायल पर स्टारलिंक के इंटरनेट रिसीवर भेजने का आरोप
    इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री, Naftali Bennett ने दावा किया है कि इस वर्ष की शुरुआत में ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों को भड़काने के लिए सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सर्विस देने वाली Starlink के रिसीवर्स की तस्करी की गई थी। बेनेट का कहना था कि इजराल और मिडल ईस्ट के अन्य देशों को मिलकर ईरान के नेतृत्व को हटाना चाहिए।
  • SpaceX  के IPO ने 4,400 से ज्यादा वर्कर्स को बनाया मिलिनेयर!
    SpaceX के बहुत से मौजूदा और पूर्व इंजीनियर्स, लॉन्च ऑपरेटर्स और ब्ल-कॉलर वर्कर्स मिलिनेयर बन गए हैं। इन वर्कर्स ने मस्क के विजन पर भरोसा कर SpaceX को ज्वाइन किया था। कंपनी की शुरुआती दौर में नाकामियों के बावजूद बहुत से वर्कर्स ने अपना विश्वास बरकरार रखा और इसका उन्हें बड़ा फायदा मिला है। इनमें से लगभग 400 वर्कर्स को इस IPO से 10 करोड़ डॉलर या इससे अधिक रकम मिलने का अनुमान है।
  • दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
    मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब हासिल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
  • Elon Musk की स्टारलिंक को भारत में लगा झटका, सर्विस के लॉन्च में हो सकती है देरी!
    बिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को देश में लगभग एक वर्ष पहले ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस दिया गया था। हालांकि, इस लाइसेंस से कंपनी को सिर्फ अपने कामकाज के लिए तैयारी करने और एग्रीमेंट्स साइन करने की अनुमति मिली थी। स्टारलिंक को सर्विस लॉन्च करने से पहले अतिरिक्त रेगुलेटरी और सिक्योरिटी क्लीयरेंसेज की जरूरत है।
  • हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए Starlink के साथ टाई-अप कर सकती है BSNL
    BharatNet प्रोग्राम को लागू करने की जिम्मेदारी भी BSNL के पास है। इस प्रोग्राम के तहत, 6.25 लाख से अधिक गांवों में ऑप्टिक-फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जाना है। इनमें असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों के गांव भी शामिल हैं। स्टारलिंक के साथ पार्टनरशिप से BSNL को पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों और द्वीपों पर हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में आसानी हो सकती है।
  • SpaceX की एक और छलांग! अंतरिक्ष में पहुंचाए 24 नए Starlink सैटेलाइट
    SpaceX ने अंतरिक्ष में 24 नए सैटेलाइट छोड़कर एक और नई छलांग लगा दी है। अरबपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX नासा के लिए कई मिशनों में काम कर रही है। कंपनी ने 19 मई को पृथ्वी की निचली कक्षा में 24 नए स्टारलिंक सैटेलाइट प्रक्षेपित कर दिए।
  • फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
    Singapore Airlines ने अपने चुनिंदा विमानों में Starlink आधारित हाई-स्पीड इन-फ्लाइट Wi-Fi लाने का ऐलान किया है। यह सर्विस 2027 से शुरू होगी और धीरे-धीरे A350 और A380 जैसे एयरक्राफ्ट में लागू की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, Starlink की मदद से यात्रियों को टेकऑफ से लैंडिंग तक तेज और स्मूद इंटरनेट मिलेगा, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम आसान होंगे। खास बात यह है कि एयरलाइन अपनी मौजूदा फ्री Wi-Fi पॉलिसी को जारी रखेगी, जिससे कई कैटेगरी के यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क इंटरनेट मिलेगा।
  • मेघालय के पहाड़ों पर सैटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट! Starlink और सरकार के बीच हुई डील
    मेघालय सरकार ने Starlink के साथ सैटेलाइट इंटरनेट के लिए MoU साइन किया है। Conrad K Sangma के मुताबिक इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारना है। इस पहल से स्कूल, हेल्थ सेंटर और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • गुजरात के स्कूलों, अस्पतालों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, सरकार और Starlink में साझेदारी
    गुजरात सरकार ने राज्य में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए Starlink के साथ Letter of Intent साइन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुताबिक, इस समझौते का मकसद रिमोट, बॉर्डर और ट्राइबल इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराना है, जहां टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, ई गवर्नेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसी सेवाओं की डिजिटल पहुंच बेहतर होगी। LoI को लागू करने के लिए राज्य सरकार और Starlink के साथ एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप भी बनाया जाएगा।
  • Elon Musk आम जनता के लिए ला रहे हैं सैटेलाइट फोन? नए दावे ने खोल दिए राज!
    SpaceX के संभावित IPO से पहले Starlink बिजनेस से जुड़े नए प्लान्स सामने आए हैं। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी Starlink की पहुंच बढ़ाने के लिए नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर काम कर रही है, जिनमें Starlink फोन, डायरेक्ट टू डिवाइस इंटरनेट और स्पेस ट्रैकिंग सर्विस शामिल हो सकती हैं। हालांकि SpaceX ने इन योजनाओं को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। Elon Musk ने भी हाल ही में साफ किया है कि फिलहाल SpaceX किसी फोन पर काम नहीं कर रही है, लेकिन भविष्य में इस तरह का आइडिया पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
  • मोबाइल टावर की जरूरत हो जाती खत्म, लेकिन Elon Musk के सपने पर भारत ने लगाया ब्रेक!
    Starlink को भारत में अपनी एडवांस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, खासकर Direct-to-Device यानी D2D कनेक्टिविटी के लिए दोबारा रेगुलेटरी अप्रूवल लेना पड़ सकता है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को IN-SPACe के पास नए फीचर्स के लिए अलग से आवेदन करना होगा। फिलहाल Starlink को सिर्फ Gen 1 कंस्टीलेशन के तहत पारंपरिक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की मंजूरी मिली है। Gen 2 कंस्टीलेशन में शामिल D2D जैसे फीचर्स को भारत में अभी अनुमति नहीं है, क्योंकि इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं किया गया है।
  • Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
    Blue Origin ने अपने नए सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क TeraWave की घोषणा कर दी है, जिससे Jeff Bezos की कंपनी सीधे तौर पर Elon Musk के Starlink को चुनौती देगी। कंपनी के मुताबिक, TeraWave के तहत 5,408 सैटेलाइट्स को LEO और MEO ऑर्बिट में तैनात किया जाएगा और इसकी शुरुआत 2027 की चौथी तिमाही से होगी। यह नेटवर्क एंटरप्राइज, डेटा सेंटर और सरकारी ग्राहकों को टारगेट करेगा और 6 टेराबिट प्रति सेकेंड तक की डेटा कैपेसिटी देने का दावा किया गया है।
  • Elon Musk की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के अब 90 लाख से ज्यादा यूजर्स, भारत में कब होगी शुरू? यहां जानें
    Elon Musk की SpaceX द्वारा संचालित Starlink ने ग्लोबल लेवल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के मुताबिक, Starlink के अब 9 मिलियन से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स हो चुके हैं। खास बात यह है कि सिर्फ सात हफ्तों से भी कम समय में 10 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। यह सर्विस फिलहाल 155 देशों और टेरिटरीज में उपलब्ध है और लो-अर्थ ऑर्बिट में मौजूद हजारों सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट देती है। तेजी से बढ़ती यूजर संख्या यह दिखाती है कि दूर-दराज इलाकों में भरोसेमंद इंटरनेट की मांग लगातार बढ़ रही है।
  • चीन में GPS फेल, लोग ना रास्ता ढूंढ पाए ना कैब बुक कर सके! असल में हुआ क्या? यहां जानें
    चीन के नानजिंग शहर में कुछ घंटों के लिए GPS और BeiDou जैसे सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम काम नहीं कर पाए। यह दिक्कत बुधवार शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक रही, जिससे कार नेविगेशन, फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और ड्रोन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। इंडस्ट्री बॉडी के मुताबिक, यह समस्या मोबाइल नेटवर्क की नहीं बल्कि सैटेलाइट सिग्नल्स में अस्थायी इंटरफेरेंस के कारण हुई। इस दौरान राइड-हेलिंग ऑर्डर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल, जामिंग के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
  • Starlink क्या है, कैसे करता है काम? भारत में इसकी कीमत से लेकर फायदे–कमियों तक, यहां समझें सब कुछ
    भारत में Starlink को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, खासकर तब से जब रिपोर्ट्स ने इसकी संभावित कीमत और लॉन्च की ओर इशारा किया है। SpaceX की यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस लो-अर्थ ऑर्बिट में घूमते हजारों सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देती है, जो मुश्किल इलाकों में भी काम कर सकती है। भारत के लिए कंपनी ने अभी आधिकारिक प्राइस घोषित नहीं किया है, लेकिन ET की रिपोर्ट बताती है कि मंथली प्लान 2,500-3,500 रुपये और हार्डवेयर किट लगभग 25,000-30,000 रुपये हो सकती है। Starlink दूर-दराज क्षेत्रों के लिए गेमचेंजर बन सकती है, हालांकि कीमत और मौसम का असर इसके सामने बड़ी चुनौतियां हैं।

विज्ञापन

Follow Us
विज्ञापन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »