Robotics Technology

Robotics Technology - ख़बरें

  • अब किराने की दुकान चलाएगा AI रोबोट, इंसानों की तरह करेगा बात!
    Hong Kong जल्द ही अपना पहला Humanoid Robot द्वारा संचालित रिटेल स्टोर शुरू करने जा रहा है। Hung Hom Waterfront पर बनने वाला यह 24x7 स्टोर "Xiao Gai" नाम के रोबेट की मदद से ग्राहकों को सर्विस देगा। रोबोट ग्राहकों से बातचीत कर सकेगा, प्रोडक्ट्स दिखाएगा और खरीदारी में सहायता करेगा। यह प्रोजेक्ट Embodied AI टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें AI को फिजिकल सिस्टम्स और रोबोट्स में इस्तेमाल किया जाता है। Hong Kong सरकार इसे AI के प्रैक्टिकल यूज को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मान रही है और शहर में AI डेवलपमेंट को लेकर कई नई पहल भी की जा रही हैं।
  • रोबोट पुलिसवाले की गई नौकरी, डिपार्टमेंट ने 1 साल से पहले ही दिखा दिया बाहर का रास्ता
    अमेरिका के ओहायो राज्य के डबलिन शहर ने "DubBot" नाम के रोबोट पुलिसवाले को समय से पहले रिटायर कर दिया है। यह रोबोट जुलाई 2025 से एक पार्किंग गैरेज में गश्त कर रहा था और इसका मकसद अपराध रोकने, पुलिस ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाना था। हालांकि शहर प्रशासन ने पाया कि यह प्रोजेक्ट उनकी परिचालन जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा है, जिसके बाद इसे सेवा से हटा दिया गया। DubBot को बनाने वाली कंपनी Knightscope को वापस भेज दिया गया है। शहर ने इस प्रोजेक्ट पर पहले साल में 1,28,080 डॉलर खर्च किए थे।
  • AI से चलेंगे, सेल्फ क्लीन भी करेंगे! Dreame ने भारत में लॉन्च किए 2 नए वैक्यूम क्लीनर
    Dreame Technology ने भारतीय बाजार में अपने दो नए रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर Dreame L50s Pro Ultra और Dreame L50 Ultra CE लॉन्च कर दिए हैं। दोनों डिवाइसेज AI आधारित नेविगेशन, स्मार्ट मैपिंग, ऑटोमैटिक कार्पेट डिटेक्शन और ऐप कंट्रोल जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। फ्लैगशिप L50s Pro Ultra में 30,000Pa तक की सक्शन पावर मिलती है, जबकि L50 Ultra CE में 25,000Pa सक्शन पावर दी गई है। दोनों मॉडल्स में ऑटोमैटिक मॉप क्लीनिंग, डस्ट कलेक्शन और स्मार्ट डॉक सिस्टम मिलता है। इनकी कीमत क्रमशः 79,999 रुपये और 64,999 रुपये रखी गई है।
  • चीन ने बना दिया 'घर संभालने वाला' AI रोबोट, इंसानों जैसे करेगा काम, बातें भी करेगा!
    चीनी कंपनी GigaBrain ने Wuhan में अपना पहला जनरल-पर्पज घरेलू रोबोट Shiguang S1 लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह रोबोट घर के रोजमर्रा के काम जैसे कपड़े फोल्ड करना, खाना बनाना और टेबल साफ करना कर सकता है। इसके अलावा यह बुजुर्ग लोगों से बातचीत और उनकी मदद भी कर सकता है। Shiguang S1 में कंपनी का खुद का एम्बॉडीड इंटेलिजेंस मॉडल दिया गया है, जिसकी मदद से यह अलग-अलग घरेलू माहौल को समझ सकता है और नए टास्क्स सीख सकता है। सुरक्षा के लिए इसमें ऐसा सिस्टम दिया गया है जो इंसान या पालतू जानवर से टकराने पर तुरंत रुक जाता है।
  • क्या पालतू कुत्तों को रिप्लेस करेगा AI Dog? ये प्यार के साथ इमोशनल सपोर्ट भी देता है
    Roomba बनाने वाली कंपनी iRobot के को-फाउंडर Colin Angle ने अपनी नई कंपनी Familiar Machines & Magic के जरिए एक AI-पावर्ड रोबोटिक कंपेनियन पेश किया है। यह चार पैरों वाला रोबोट कुत्ते और भालू के मिश्रण जैसा दिखता है और इसका मकसद इंसानों के साथ emotional connection बनाना है। कंपनी के मुताबिक, इसमें ऑन-डिवाइस जनरेटिव AI, टच-सेंसिटिव कोट और पेट के समान आवाजों जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह इंटरनेट के बिना भी काम कर सकता है और ऑडियो-वीडियो डेटा ऑनलाइन स्ट्रीम नहीं करता। फिलहाल इसे अगले साल लॉन्च किए जाने की संभावना है।
  • Dreame ने भारत में लॉन्च किए 2 नए रोबोट वैक्यूम क्लीनर L40 Ultra AE और D20 Ultra, जानें कीमत
    Dreame Technology ने भारत में अपने नए रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर L40 Ultra AE और D20 Ultra लॉन्च किए हैं। कंपनी के मुताबिक ये डिवाइस स्मार्ट नेविगेशन, ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस और ऑटोमैटिक क्लीनिंग जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। L40 Ultra AE में 19,000Pa सक्शन पावर और एडवांस PowerDock सिस्टम दिया गया है, जबकि D20 Ultra में 13,000Pa सक्शन और ड्यूल मॉप सिस्टम मिलता है। दोनों डिवाइस अलग-अलग फ्लोर टाइप के हिसाब से क्लीनिंग मोड एडजस्ट कर सकते हैं और कम मेहनत में पूरे घर की सफाई के लिए डिजाइन किए गए हैं।
  • सिर्फ गेम नहीं था Pokemon Go, अनजाने में यूजर्स बना रहे थे असली दुनिया का मैप
    Pokemon Go खेलते समय यूजर्स ने अनजाने में एक बड़ा रियल वर्ल्ड डेटाबेस तैयार कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गेम और अन्य AR ऐप्स के जरिए करीब 30 अरब इमेज इकट्ठा हुई हैं, जिनसे एक डिटेल्ड 3D मैप तैयार हुआ है। यह डेटा अब Niantic की AI कंपनी Niantic Spatial द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए Visual Positioning System बनाया गया है, जो कैमरे के जरिए लोकेशन पहचानता है। इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल Coco Robotics के डिलीवरी रोबोट कर रहे हैं, जिससे वे सटीक जगह तक पहुंच सकते हैं।
  • धूप-धूल में नहीं खड़ा होगा इंसान, चीन का ट्रैफिक संभालेगी रोबोट पुलिस
    AiMOGA Robotics ने चीन के वुहू शहर में Intelligent Police Unit R001 नाम का ह्यूमनॉइड ट्रैफिक रोबोट तैनात किया है। यह रोबोट ट्रैफिक सिग्नल्स, रोड मॉनिटरिंग और बिहेवियरल रिमाइंडर्स जैसे कामों में पुलिस की मदद करेगा। R001 को ट्रैफिक आइलैंड पर लगाया गया है, जहां यह स्टैंडर्ड हैंड सिग्नल्स देकर ट्रैफिक फ्लो बनाए रखने में सहयोग करता है। कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद ऑन-ग्राउंड पुलिसकर्मियों का बोझ कम करना और ह्यूमन-रोबोट कोलैबोरेशन को रियल कंडीशंस में टेस्ट करना है।
  • IIT फेस्ट में Dhurandhar फिल्म के पॉपुलर गाने पर नाचा रोबोट, वीडियो हुआ वायरल
    IIT Bombay Techfest 2025 में इस हफ्ते एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब एक ह्यूमनॉयड रोबोट ने फिल्म धुरंधर के वायरल ट्रैक FA9LA पर स्टेज पर डांस किया। अरबी बीट्स पर रोबोट की सिंक्रोनाइज्ड मूवमेंट्स और बैलेंस ने वहां मौजूद स्टूडेंट्स और टेक एंथूजियास्ट्स को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर इस परफॉर्मेंस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। टेकफेस्ट में दिखा यह डेमो रोबोटिक्स और पॉप-कल्चर के बढ़ते मेल को दिखाता है, जहां एडवांस टेक्नोलॉजी अब एंटरटेनमेंट का भी हिस्सा बनती जा रही है।
  • दुनिया का सबसे छोटा रोबोट तैयार, साइज रेत जैसा लेकिन सोचने और चलने की ताकत
    University of Pennsylvania और University of Michigan के वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे छोटे पूरी तरह प्रोग्रामेबल और ऑटोनॉमस रोबोट तैयार किए हैं। ये माइक्रो रोबोट रेत के एक दाने से भी छोटे हैं और लाइट की मदद से चलते व प्रोग्राम होते हैं। रिसर्च के मुताबिक, ये रोबोट अपने आसपास के माहौल को सेंस कर सकते हैं और ग्रुप में मिलकर भी काम कर सकते हैं। Science Robotics और PNAS में प्रकाशित स्टडीज़ के अनुसार, इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भविष्य में मेडिकल ट्रीटमेंट, सेल-लेवल हेल्थ मॉनिटरिंग और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
  • आ गया Neo ह्यूमनॉइड रोबोट, घर में सफाई से लेकर करेगा रसोई के काम, जानें कितनी है कीमत
    1X टेक्नोलॉजीज ने अपने रोबोट Neo की बुकिंग शुरू कर दी है। Neo रोबोट की कीमत 20,000 डॉलर (लगभग 17,71,880 रुपये) है। इस रोबोट को 1X की ऑफिशियल वेबसाइट पर $200 (लगभग 17,735 रुपये) में प्री-ऑर्डर किया जा सकता है जो कि पूरी तरह से रिफंडेबल है। Neo में टेंडन ड्रिवन एक्ट्यूएटर्स दिया गया है। इसकी बॉडी 3D लैटिस पॉलीमर है। इसकी लंबाई 1.68 मीटर और इसका वजन करीब 30 किलोग्राम है।
  • 5 लाख जॉब्स पर मंडरा रहा खतरा: Amazon अब Robots को देगा नौकरी, हंगामे से बचने की भी कर ली तैयारी!
    Amazon के इंटरनल डॉक्युमेंट्स से सामने आया है कि कंपनी अपने वेयरहाउस में बड़े पैमाने पर रोबोटिक ऑटोमेशन लागू करने की तैयारी में है। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon 2033 तक लगभग 5 लाख नई भर्तियों को टालने की योजना बना रहा है। यह कदम हर ऑर्डर की डिलीवरी कॉस्ट में लगभग 26 रुपये की बचत दिला सकता है। कंपनी इस ट्रांजिशन को लेकर संभावित आलोचनाओं को देखते हुए "robots" या "AI" जैसे शब्दों की जगह "advanced technology" और "cobots" जैसे शब्द इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है।
  • IFA 2025 में Dreame का हाई-टेक शो, पेश किए स्मार्ट वैक्यूम्स
    IFA 2025 में Dreame Technology ने स्मार्ट होम सॉल्यूशन्स की एक रेंज पेश की। कंपनी ने Cyber X दिखाया, जो Bionic QuadTrack सिस्टम की मदद से 25 सेंटीमीटर तक की सीढ़ियां चढ़ सकता है और एक बार की चार्जिंग में पांच फ्लोर साफ कर सकता है। इसमें Smart 3DAdapt Vision System और 6,400 mAh बैटरी दी गई है। इसके साथ Dreame ने Cyber10 Ultra भी पेश किया, जिसमें CyberDex Hyper-Flex Arm और Multi-Tool सिस्टम शामिल है।
  • AI रोबोट्स ने खेला फुटबॉल मैच, किसी मूवी से कम नहीं था पूरा मंजर
    बीजिंग में एक ऐतिहासिक मैच हुआ, जहां Tsinghua University, China Agricultural University और Beijing Information Science & Technology University की टीमें "रोबो लीग" 3v3 फुटबॉल टूर्नामेंट में सामने आई, लेकिन खिलाड़ियों में इंसान नहीं, बल्कि AI-पावर्ड ह्यूमनॉइड रोबोट्स थें। ये मैच बिलकुल ह्यूमन-फ्री था, पूरी तरह ऑटोनॉमस, जिसमें मनुष्यों द्वारा कोई कंट्रोल नहीं शामिल नहीं था।
  • चंद्रमा पर वैक्‍यूम क्‍लीनर भेज रहे वैज्ञानिक, क्‍या काम करेगा? जानें
    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने एक अभूतपूर्व तकनीक को दुनिया को दिखाया है। इसका नाम लूनार प्‍लैनेटवैक (Lunar PlanetVac (LPV) है। इससे वैज्ञानिकों के चंद्रमा और अन्य ग्रहों पर मिट्टी और चट्टान के सैंपल इकट्ठा करने और उन्‍हें स्‍टडी करने के तरीके में बदलाव आएगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस तकनीक को हनीबी रोबोटिक्स ने डेवलप किया है।

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