Google Threat Intelligence Group ने IPIDEA नाम के एक बड़े रेजिडेंशियल प्रॉक्सी नेटवर्क को बाधित करने की जानकारी दी है। Google के मुताबिक, यह नेटवर्क Android स्मार्टफोन और Windows PC समेत लाखों डिवाइसेज़ को बिना यूजर की जानकारी साइबर अटैक्स में इस्तेमाल कर रहा था। रेजिडेंशियल इंटरनेट कनेक्शन के जरिए ट्रैफिक रूट कर हमलावर अपनी पहचान छुपा पा रहे थे। Google ने इस नेटवर्क से जुड़े डोमेन्स बंद कराए और प्रभावित ऐप्स को ब्लॉक करने के लिए Play Protect में बदलाव किए हैं।
npm रजिस्ट्री पर मौजूद एक खतरनाक पैकेज ने खुद को WhatsApp Web API लाइब्रेरी बताकर हजारों डेवलपर्स को निशाना बनाया है। lotusbail नाम का यह पैकेज पिछले छह महीनों से उपलब्ध था और अब तक 56 हजार से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, यह पैकेज WhatsApp के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और ऑथेंटिकेशन टोकन चोरी कर सकता है और अटैकर के डिवाइस को अकाउंट से लिंक कर देता है। डेवलपर्स को इसे तुरंत हटाने की सलाह दी गई है।
Albiriox नाम का एक नया बैंकिंग मैलवेयर पता लगाया गया है जो बहुत ही खतरनाक है। मैलवेयर के जरिए हैकर्स और अटैकर्स को आपके डिवाइस का रिमोट कंट्रोल मिल जाता है और वे कुछ ही पलों में आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं। एंड्रॉयड बैंकिंग मैलवेयर Albiriox संक्रमित फोन का कंट्रोल अटैकर्स को दे देता है। यह बहुत तेजी से फैल रहा है और बहुत पावरफुल है। सबसे पहले इसे सितंबर 2025 में खोजा गया था।
इसे डेटा की चोरी के सबसे बड़े मामलों में से एक बताया जा रहा है। इससे Apple और Google सहित बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ ही कई देशों की सरकारी वेबसाइट्स पर असर पड़ा है। डेटा की इस चोरी से पर्सनल डिटेल्स तक हैकर्स की पहुंच का खतरा है, जिसका इस्तेमाल एकाउंट्स पर कंट्रोल करने, आइडेंटिटी की चोरी और फिशिंग अटैक्स के लिए किया जा सकता है।
Google Chrome पर होने वाले स्कैम्स पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए कमर कस चुकी है। कंपनी अपने Chrome ब्राउजर में सभी तरह के स्कैम पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट कर रही है। Google का कहना है कि वह अपने Gemini AI मॉडल के एक वर्जन को इस्तेमाल कर रही है जो डिवाइसेज पर टेक सपोर्ट स्कैम की पहचान करेगा और यूजर्स को इसके बारे में अलर्ट करेगा।
अब ऑनलाइन जालसाजों ने जीरो-क्लिक (zero-click) मालवेयर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसे इंस्टॉल करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करवाने की भी जरूरत नहीं होती है। Whatsapp ने अपने यूजर्स को चेताया है कि जीरो क्लिक अटैक से सावधान रहें। इजराइली कंपनी पैरागॉन सॉल्यूशंस की ओर से बनाए गए स्पाइवेयर द्वारा जीरो अटैक के माध्यम से कई देशों के यूजर्स को निशाना बनाने की खबर है।
ये स्कैमर्स अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपने शिकार खोजते हैं। इसी तरह का एक स्कैम जॉब रिक्रूटर्स की आड़ में किया जा रहा है।सायबर इनवेस्टिगेटर Taylor Monahan ने बताया है कि ये स्कैमर्स जॉब खोजने वालों से संपर्क करते हैं और उन्हें वीडियो कॉल से जुड़े सॉफ्टवेयर में समस्या को ठीक करने के लिए कहते हैं और इसके बाद उनके कंप्यूटर्स के एक्सेस के लिए Malware का इस्तेमाल करते हैं।
विंडोज डिवाइसेज के यूजर्स को जाली ह्युमन वेरिफिकेशन पेज के जरिए निशाना बनाकर उनके डिवाइसेज में इनफॉर्मेशन की चोरी करने वाला मैलवेयर पहुंचाया जा रहा है। इस मैलवेय की पहचान Lumma Stealer के तौर पर की गई है। सायबरसिक्योरिटी फर्म ने ऐसी कई फिशिंग वेबसाइट्स को खोजा गया है जो जाली वेरिफिकेशन पेज का इस्तेमाल कर यूजर्स को मैलवेयर के डाउनलोड में फंसा रही हैं।
मैलवेयर या बॉट एक तरह के सॉफ्टवेयर या मोबाइल ऐप्लिकेशन होते हैं, जिन्हें किसी कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस पर इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर या इनके यूजर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया जाता है।
'Daam' फोन कॉल रिकॉर्डिंग, कॉन्टैक्ट्स को हैक करने, कैमरे का एक्सेस प्राप्त करने, डिवाइस पासवर्ड को बदलने, स्क्रीनशॉट कैप्चर करने, SMS चोरी करने, फाइल डाउनलोड/अपलोड करने और C2 (कमांड-एंड-कंट्रोल) सर्वर से ट्रांसमिट करने में भी सक्षम है।