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Internet Use - ख़बरें

  • Google Chrome चलाते हैं तो ये खबर आपके लिए! हैक हो सकता है सिस्टम, तुरंत करें ये काम
    सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने Google Chrome यूजर्स के लिए हाई सीवेरिटी चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में बताया गया है कि Chrome के पुराने वर्जन में गंभीर “Use After Free” खामी पाई गई है, जिससे हैकर्स टारगेट सिस्टम पर मनमाना कोड चला सकते हैं। यदि ब्राउजर Linux पर 144.0.7559.75 या Windows/Mac पर 145.0.7632.75/76 से पुराना है, तो जोखिम बढ़ सकता है। एजेंसी ने यूजर्स को तुरंत लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि डेटा चोरी और मालवेयर हमलों से बचा जा सके।
  • फोन में हॉटस्पॉट ऑन किए बिना दूसरों के साथ इंटरनेट ऐसे करें शेयर
    अगर आपके किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के फोन का इंटरनेट खत्म हो गया है तो आप अपने फोन के जरिए उसके साथ इंटरनेट शेयर कर सकते हैं। हालांकि, इस तरकीब के साथ आपको अपने फोन में हॉटस्पॉट ऑन करने की भी जरूरत नहीं है। हॉटस्पॉट ऑन किए बिना ही वायरलेस तरीके से ही इंटरनेट साझा किया जा सकता है या लिया जा सकता है।
  • Gmail के ये 4 एडवांस फीचर आपको बना देंगे सुपर स्मार्ट!
    Gmail में कई एडवांस फीचर्स आते हैं जिनको इस्तेमाल करके आप सुपर स्मार्ट तरीके से काम कर सकते हैं और अपना कीमत समय बचा सकते हैं। Google के Gmail में आपको Gemini AI का सपोर्ट मिलता है जिसे आप ईमेल पढ़वाने के लिए इस्तेमाल में ला सकते हैं। Gmail का Inbox अगर अनचाहे ईमेल से भर गया है तो आप गैर जरूरी ईमेल से तुरंत सब्सक्रिप्शन हटा सकते हैं।
  • फोन में नहीं आ रहा फास्ट इंटरनेट? 3 स्टेप्स से चुटकी में समाधान
    हर किसी कार्य में हमारे फोन में फास्ट इंटरनेट का होना जरूरी होता है। कई बार स्मार्टफोन का नेटवर्क स्लो हो जाता है। इसलिए जरूरी काम रुक जाते हैं। अगर आपको भी कई बार यह समस्या झेलनी पड़ती है तो समाधान यहां है। तीन आसान स्टेप्स में आप अपने स्मार्टफोन का नेटवर्क कनेक्शन रीसेट करके फास्ट बना सकते हैं।
  • पेपरलेस आधार कैसे करें डाउनलोड, ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए बेस्ट तरीका, जानें सबकुछ
    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी Aadhaar का डिजिटल वर्जन पेपरलेस आधार है, जिसे आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी भी कहा जाता है। यह एक सुरक्षित और डिजिटली साइन डॉक्यूमेंट है। पेपरलेस आधार यूजर्स को अपना आधार नंबर या बायोमेट्रिक्स शेयर किए बिना अपनी पहचान वेरिफाई करने में मदद करता है। ऑफलाइन आधार यूजर्स और सर्विस प्रोवाइडर दोनों के लिए सुरक्षित रहता है।
  • घर में बेकार पड़ा है पुराना फोन? चंद स्टेप्स में उसे बनाएं सिक्योरिटी कैमरा, देखें फुल गाइड
    अगर आपके पास कोई पुराना स्मार्टफोन बेकार पड़ा है, तो उसे आप सिक्योरिटी कैमरा की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। सही ऐप्स और बेसिक सेटअप की मदद से Android या iPhone दोनों को निगरानी के लिए बदला जा सकता है। इस तरीके में लाइव वीडियो फीड, मोशन डिटेक्शन और अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं, जिससे घर या ऑफिस की सिक्योरिटी बढ़ाई जा सकती है। इंटरनेट कनेक्शन और चार्जिंग की व्यवस्था के साथ यह तरीका काफी किफायती साबित होता है। महंगे CCTV सिस्टम की बजाय पुराने फोन को सिक्योरिटी टूल बनाना एक स्मार्ट ऑप्शन है।
  • बिना इंटरनेट और डेटा के भी चलेगा नेविगेशन, ऐसे यूज करें Offline Maps
    ऑफलाइन मैप्स आज के टाइम में एक जरूरी फीचर बन चुका है, खासकर तब जब इंटरनेट स्लो हो या बिल्कुल उपलब्ध न हो। इस फीचर की मदद से यूजर किसी भी एरिया का मैप पहले से डाउनलोड करके रख सकता है और बाद में बिना डाटा या वाई फाई के भी नेविगेशन इस्तेमाल कर सकता है। जीपीएस इंटरनेट के बिना भी काम करता है, इसलिए लोकेशन और रूट आसानी से मिल जाते हैं। ट्रैवल, रोड ट्रिप, रिमोट एरिया और इमरजेंसी सिचुएशन में ऑफलाइन मैप्स काफी काम आते हैं। हालांकि रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट जैसी कुछ सुविधाएं इसमें लिमिटेड रहती हैं।
  • जीरो नेटवर्क में भी होगी UPI पेमेंट्स, कीपैड फोन में भी काम करेगा तरीका, यहां देखें फुल गाइड
    UPI Offline Payments उन स्थितियों के लिए बनाया गया फीचर है, जहां मोबाइल डेटा या नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता। यह सिस्टम USSD कोड *99# के जरिए चलता है और यूजर्स बिना इंटरनेट, बिना ऐप और यहां तक कि कीपैड फोन से भी सुरक्षित डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। इसमें वही UPI PIN इस्तेमाल होता है जो ऑनलाइन UPI में चलता है, इसलिए सुरक्षा के स्तर में कोई बदलाव नहीं आता। NPCI ने सुरक्षा को देखते हुए प्रति ट्रांजेक्शन 5,000 रुपये और रोजाना 5,000 रुपये की लिमिट तय की है। यह फीचर मेट्रो, हाईवे, बेसमेंट, गांव या किसी भी लो-नेटवर्क एरिया में तुरंत काम आता है और लगभग सभी बैंक इसे सपोर्ट करते हैं।
  • बिना इंटरनेट Google Maps कैसे करें उपयोग, ये है पूरा तरीका
    गूगल मैप्स को बिना इंटरनेट के भी उपयोग किया जा सकता है। ऑफलाइन इस्तेमाल के लिए Google Maps ऐप को अपने डिवाइस में डाउनलोड करना होगा, क्योंकि ब्राउजर वर्जन बिना इंटरनेट काम नहीं करता है। वहीं एंड्रॉयड और गूगल फोन में बाय डिफॉल्ट मैप्स ऐप आता है। वहीं iOS यूजर्स को ऐप डाउनलोड करना होगा और Google अकाउंट के जरिए लॉगि करना होगा। आप ऐप स्टोर से इसे फ्री में डाउलनोड कर सकते हैं।
  • प्रदूषण से परेशान? Rs 20 हजार से सस्ते मिल रहे ये एयर प्यूरिफायर, खरीदने से पहले ध्यान रखें ये बातें
    मार्केट में इन दिनों एयर प्यूरिफायर्स की भरमार है। कई कंपनियों के अनेक मॉडल मार्केट में मौजूद हैं। लेकिन कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसकी प्यूरिफिकेशन तकनीक के बारे में पता होना चाहिए। कवरेज एरिया कितना है, CADR रेट कितना है, फिल्टर रिप्लेसमेंट सर्विस कैसी है, इन सभी बातों का ध्यान आपको प्रोडक्ट की खरीद से पहले रखना चाहिए।
  • Mobile में सेंसर का इस्तेमाल जानते हैं आप?
    आज के समय में स्मार्टफोन में दिए जाने वाले सेंसर रोजमर्रा के कार्यों में मदद करते हैं। एक्सेलेरोमीटर सेंसर स्मार्टफोन के ओरिएंटेशन और मूवमेंट का पता लगाता है। जायरोस्कोप सेंसर रोटेशनल मूवमेंट का पता लगाता है। प्रॉक्सिमिटी सेंसर यह चेक करता है कि आपका स्मार्टफोन किसी चीज जैसे कि आपके चेहरे के कितना करीब है। फिंगरप्रिंट सेंसर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए फिंगरप्रिंट को स्कैन करता है।
  • टॉयलेट में इस्तेमाल करते हैं अपना फोन? सावधान, हो सकता है इस बड़ी बीमारी का खतरा
    स्मार्टफोन को टॉयलेट में उपयोग करने की आदत होती है अगर आपको भी ऐसी आदत है तो आपको दो बार सोचने की जरूरत पड़ सकती है। यहां बात सिर्फ साफ सफाई या स्वच्छता की नहीं है। सितंबर में आई एक रिसर्च के अनुसार, स्मार्टफोन के उपयोग के चलते टॉयलेट में ज्यादा समय बिताने से बवासीर का खतरा काफी बढ़ सकता है।
  • Google Search Live हुआ भारत में उपलब्ध, जानें कैसे करें उपयोग, क्या हैं इसके फायदे
    Google का नेक्स्ट जेन का सर्च एक्सीपीरियंस Google Search Live है जो Gemini की AI कैपेसिटी प्रदान करता है। यह Google के प्रोजेक्ट Astra की टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। सर्च लाइव यूजर्स को अपने कैमरे के जरिए AI को दिखाते हुए सवाल पूछने की सुविधा प्रदान करता है। यह सिस्टम विजुअल कॉन्टैक्स्ट को समझता है, बोले गए सवालों को सुनता है और टेक्स्ट, वॉयस और फोटो को मिलाकर तुरंत जवाब देता है।
  • अब नहीं डालना पड़ेगा UPI PIN! फिंगरप्रिंट और फेस अनलॉक से ऐसे होगा होगा पेमेंट, जानें स्टेप्स
    NPCI और RBI ने मिलकर डिजिटल पेमेंट्स को एक नए लेवल पर ले जाने की तैयारी कर ली है। अब UPI ट्रांजेक्शंस के लिए हर बार PIN डालने की झंझट खत्म होने वाली है। इसके बजाय यूजर्स अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट स्कैनर या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा जो बार-बार PIN टाइप करने में दिक्कत महसूस करते हैं या मोबाइल पेमेंट में नए हैं। NPCI के मुताबिक, यह फीचर वैकल्पिक (optional) रहेगा यानी अगर कोई यूजर चाहे तो पुराना PIN सिस्टम भी इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से पेमेंट करने पर पूरी प्रोसेस तेज और आसान हो जाएगी। चलिए पूरा प्रोसेस जानते हैं।
  • घर में बेकार पड़े पुराने राउटर को ऐसे बनाओ Wi-Fi रेंज एक्सटेंडर, हर कोने में मिलेंगे फुल सिग्नल और हाई-स्पीड इंटरनेट
    आजकल हर घर में इंटरनेट उतना ही जरूरी हो गया है जितना बिजली या पानी। लेकिन ज्यादातर लोगों की शिकायत रहती है कि घर के किसी हिस्से में नेटवर्क अच्छा चलता है, तो किसी कोने में Wi-Fi सिग्नल गायब हो जाता है। खासकर बड़े घरों या डबल-फ्लोर अपार्टमेंट्स में ये दिक्कत और बढ़ जाती है। ऐसे में लोग नया रेंज एक्सटेंडर या Mesh राउटर सिस्टम खरीदने पर मजबूर हो जाते हैं। लेकिन अगर आपके घर में पुराना Wi-Fi राउटर पड़ा है, तो उसे ही आप एक दमदार रेंज एक्सटेंडर या एक्सेस पॉइंट (AP) में बदल सकते हो और वो भी बिना कोई नया खर्च किए।

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