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Government Tech - ख़बरें

  • सरकार दे रही फ्री Cyber Security Course, सिर्फ 2.5 घंटे में मिलेगा सर्टिफिकेट, ऐसे करें अप्लाई
    भारत सरकार के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने फ्री ऑनलाइन Cyber Security Course शुरू किया है। यह कोर्स गृह मंत्रालय के तहत तैयार किया गया है और इसका मकसद लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाना है। कोर्स में फेक लिंक, स्कैम कॉल्स, डिजिटल पेमेंट सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं। इसे करीब 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है और सफल प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
  • सरकारी योजना के लिए कैसे करें आवेदन, ऐसे लगाएं बेस्ट स्कीम का पता
    आप बिना कई टैब खोले ही सरकारी स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि आपको सभी स्कीम एक ही जगह पर देखने को मिलेंगी। सबसे पहले आपको अपना वेब ब्राउजर खोलें और myScheme सर्च करना है या फिर इस लिंक पर क्लिक करना है। उसके बाद आपको "फाइंड स्कीम फॉर यू" बटन सर्च करना है और उसे प्रेस करना है। अपनी आयु, कैटेगरी,निवास स्थान आदि जैसी जानकारी दर्ज करनी है। फिर स्क्रीन पर दिए गए सवालों के जवाब देने के बाद "नेक्स्ट" बटन प्रेस करके अगले पेज पर जाना है।
  • New Aadhaar Update: बिना एड्रेस प्रूफ भी अपडेट होगा आधार! जानें नया आसान तरीका
    UIDAI ने Aadhaar कार्ड में एड्रेस अपडेट करने के लिए HOF (Head of Family) तरीका शुरू किया है, जिससे अब बिना एड्रेस प्रूफ के भी जानकारी अपडेट की जा सकती है। इस प्रक्रिया में परिवार के किसी सदस्य के Aadhaar एड्रेस का इस्तेमाल किया जाता है और उनकी सहमति जरूरी होती है। यह तरीका खासतौर पर छात्रों, किराए पर रहने वालों और गृहिणियों के लिए फायदेमंद है। यूजर्स Aadhaar ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन और 75 रुपये की फीस शामिल है। अप्रूवल के बाद एड्रेस अपडेट हो जाता है।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • India Census 2027: शुरू हो रही जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म से लेकर जरूरी तारीखों तक, यहां समझें सबकुछ
    भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • सेट-टॉप बॉक्स के बिना देखें TV चैनल, डायरेक्ट होगा कनेक्शन, जानें क्या है सरकार का MyWAVES
    केंद्र सरकार ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए तीन नए इनिशिएटिव लॉन्च किए हैं, जिनमें AI स्किलिंग प्रोग्राम, MyWAVES प्लेटफॉर्म और DD Free Dish के लिए बिना सेट-टॉप बॉक्स एक्सेस शामिल है। Google और YouTube के साथ मिलकर शुरू किया गया AI प्रोग्राम लोगों को नई तकनीक सिखाने पर फोकस करेगा। वहीं MyWAVES एक यूजर जनरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने वीडियो अपलोड कर सकेंगे। इसके अलावा DD Free Dish के नए फीचर से ज्यादा लोगों को टीवी सेवाओं तक पहुंच मिल सकेगी, खासकर दूरदराज के इलाकों में।
  • सरकार का हर फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करने का प्लान! Apple-Samsung जैसे ब्रांड्स ने जताई आपत्ति
    Reuters की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने Apple, Samsung और Google जैसी कंपनियों से Aadhaar ऐप को स्मार्टफोन्स में पहले से इंस्टॉल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार का मानना था कि इससे यूजर्स को बेहतर एक्सेस मिलेगा, लेकिन इंडस्ट्री बॉडी MAIT और कई कंपनियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि इससे प्रोडक्शन लागत बढ़ेगी और यूजर एक्सपीरियंस पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंपनियों ने सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर भी चिंता जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।
  • यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
    भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक Android सिस्टम में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। इन कमजोरियों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 के शुरुआती वर्जन पर चलने वाले डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने स्मार्टफोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच जल्द इंस्टॉल करें।
  • Bharat Taxi यूज करने वालों के लिए अच्छी खबर, Paytm के साथ पेमेंट हो गया है डिजिटल!
    Paytm ने सरकार समर्थित राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म Bharat Taxi के साथ MoU साइन किया है, जिसके तहत कंपनी अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विसेस को Bharat Taxi ऐप में इंटीग्रेट करेगी। यात्रियों को UPI के जरिए इन ऐप पेमेंट के साथ QR कोड, Soundbox और कार्ड मशीन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। Bharat Taxi को 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने लॉन्च किया था। यह को ऑपरेटिव मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवरों से कमीशन नहीं लिया जाता। यह पहल Ola, Uber और Rapido जैसे निजी प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देती है।
  • AI से कंटेंट बनाने वाले सावधान! डीपफेक और AI वीडियो पर भारत सरकार की लगाम, यहां पढ़ें नए नियम
    सरकार ने Information Technology Rules में संशोधन कर AI-जनरेटेड कंटेंट को औपचारिक रूप से रेगुलेट किया है। 20 फरवरी से लागू होने वाले IT Rules 2026 के तहत “synthetically generated information” की परिभाषा तय की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब AI से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना होगा और यूजर्स से इसकी घोषणा भी लेनी होगी। टेकेडाउन और शिकायत निपटान की समयसीमा को काफी कम कर दिया गया है, जिसमें कुछ मामलों में कंटेंट हटाने का समय 2 घंटे तक सीमित किया गया है।
  • कहीं से भी ऑनलाइन बदलें Aadhaar का मोबाइल नंबर, 28 जनवरी को लॉन्च होगा नया फीचर
    UIDAI आधार धारकों के लिए मोबाइल नंबर अपडेट की प्रक्रिया को और आसान करने की तैयारी कर रहा है। नया फीचर 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत यूजर्स कभी भी और कहीं से भी आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे। इसका मकसद फिजिकल एनरोलमेंट सेंटर्स पर निर्भरता कम करना और आधार सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाना है। आधार से जुड़ा वैध मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी होता है। UIDAI का कहना है कि इस बदलाव से डिजिटल सेवाएं ज्यादा स्मूद और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
  • ChatGPT बनाने वाली कंपनी को चाहिए AI रिस्क एक्सपर्ट, सैलेरी में मिलेंगे Rs 5 करोड़!
    AI की तेजी से बढ़ती ताकत अब सिर्फ बेहतर फीचर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके जोखिम और गलत इस्तेमाल भी बड़ी चिंता बन चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने Head of Preparedness नाम के एक अहम सीनियर पद के लिए हायरिंग शुरू की है। CEO Sam Altman के मुताबिक, AI मॉडल्स अब मेंटल हेल्थ और साइबरसिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में नए खतरे पैदा कर रहे हैं और कुछ मामलों में क्रिटिकल सिक्योरिटी कमजोरियां तक खोजने लगे हैं। यह रोल AI के संभावित दुरुपयोग को समझने, सेफ्टी सॉल्यूशंस तैयार करने और हाई-रिस्क टेक्नोलॉजी को सुरक्षित तरीके से रिलीज करने पर फोकस करेगा।
  • 2030 तक AI बनेगा भारत की नेशनल सिक्योरिटी का इंजन, IFSEC India 2025 में दिखा टेक्नोलॉजी का दबदबा!
    दिल्ली के भारत मंडपम में IFSEC India 2025 का 18वां एडिशन आज शुरू हुआ और इस बार फोकस 'भारत की सिक्योरिटी और सर्विलांस इंडस्ट्री के हाई-टेक मोड़' पर है। AI, IoT, डेटा-ड्रिवन एनालिटिक्स, स्मार्ट कमांड प्लेटफॉर्म्स और अगली पीढ़ी के फायर एंड लाइफ सेफ्टी सिस्टम्स इस पूरे Expo की दिशा तय करते दिखे। यह इवेंट अब तक का सबसे बड़ा एडिशन है, जिसमें 150 से अधिक प्रदर्शक, 350 से ज्यादा ब्रांड्स और करीब 20,000 प्रोफेशनल्स के शामिल होने की तैयारी है।

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