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Government Tech - ख़बरें

  • अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows
    चीन ने अपनी सरकारी संस्थाओं में अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं को Windows 10 China Government Edition हटाने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि यह Windows का सामान्य वर्जन नहीं, बल्कि चीन की सरकारी जरूरतों के लिए Microsoft और चीनी सरकारी कंपनी CETC के सहयोग से तैयार किया गया खास वर्जन है। इस फैसले के पीछे डेटा सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को अहम वजह बताया गया है। Windows की जगह चीन घरेलू Linux-बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा दे सकता है।
  • ग्राहकों के बिल में चुपके से जोड़ रहे थे एक्स्ट्रा चार्ज! Zepto, BookMyShow समेत 9 कंपनियों पर लगा जुर्माना
    केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Dark Patterns के इस्तेमाल को लेकर Zepto, BookMyShow, IndiGo, Physics Wallah समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की है। सरकार के मुताबिक, कुछ कंपनियां ग्राहकों से छिपे हुए शुल्क वसूलने, पहले से डोनेशन या मेंबरशिप जोड़ने और भ्रामक मैसेज दिखाने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रही थीं। इन्हें Drip Pricing, Basket Sneaking और Confirm Shaming जैसे Dark Patterns की श्रेणी में रखा गया। सरकार ने बताया कि 2023 में जारी गाइडलाइंस के तहत अब तक करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
  • Birth-Death Certificate बनवाने के बदल गए नियम! जानें कैसे होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
    संसद ने Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। नए कानून के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के देर से रजिस्ट्रेशन पर अब पहले से ज्यादा सख्त नियम लागू होंगे। एक से दो साल की देरी पर DM, SDM या अधिकृत Executive Magistrate की मंजूरी जरूरी होगी, जबकि दो साल से ज्यादा देरी होने पर Judicial Magistrate First Class की अनुमति लेनी होगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और रिकॉर्ड की सटीकता बढ़ाना है। साथ ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी पहले की तरह CRS पोर्टल के जरिए जारी रहेगी।
  • Digital Labour Chowk App: घर बैठे मोबाइल से ढूंढें मिस्त्री और कारीगर, ऐसे काम करेगा सरकारी ऐप
    उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण क्षेत्र के लेबर्स और एम्प्लॉयर्स के लिए UP Digital Labour Chowk App लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए Builder, Contractor और अन्य Employers अपनी जरूरत के अनुसार रजिस्टर्ड लेबर्स से सीधे संपर्क कर सकते हैं। वहीं, राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, वेल्डर और अन्य श्रमिक रोजगार के अवसर तलाश सकते हैं। ऐप के जरिए लेबर डिपार्टमेंट्स की विभिन्न वेलफेयर स्कीम्स की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे एलिजिबल लेबर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। फिलहाल यह ऐप Google Play Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।
  • रात 12 बजे के बाद नहीं चलेगा सोशल मीडिया! इस देश की सरकार ने बनाए नए नियम
    ब्रिटेन सरकार ने किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नए नियमों का ऐलान किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत 16 और 17 साल के सोशल मीडिया यूजर्स के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक डिफॉल्ट ओवरनाइट कर्फ्यू लागू किया जाएगा। इसके साथ ही Auto-play वीडियो और Personalized Feed जैसे फीचर्स भी डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य बच्चों की नींद, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। नए नियमों को इस साल के अंत तक संसद में पेश किया जाएगा और इन्हें Spring 2027 से लागू करने की योजना है।
  • UMANG App में यूजर्स का डेटा खतरे में? सरकारी ऐप की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा दावा
    एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के UMANG पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मौजूद थीं, जिनकी वजह से EPFO, LPG बुकिंग और Aadhaar से जुड़ी जानकारी जोखिम में पड़ सकती थी। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, ये कमजोरियां लंबे समय से मौजूद हो सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन खामियों की पुष्टि करते हुए कहा है कि जरूरी सुधार और सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, संबंधित APIs में मौजूद प्लेन टेक्स्ट डेटा को एन्क्रिप्ट किया गया है और सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • 10 सरकारी ऐप्स जो आपका समय और कागजी काम दोनों बचाएंगे!
    सरकार ने कई ऐसे मोबाइल ऐप्स लॉन्च किए हैं, जो आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, UPI पेमेंट, ट्रेन टिकट, मेडिकल रिकॉर्ड और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाते हैं। DigiLocker, UMANG, mAadhaar, BHIM, Rail Madad और mParivahan जैसे ऐप्स की मदद से कई काम घर बैठे पूरे किए जा सकते हैं। इससे दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम होती है और सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी बच सकते हैं। अगर आपके फोन में ये ऐप्स नहीं हैं, तो यह गाइड आपके काफी काम आ सकती है।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • BAT-BMS: ई-रिक्शा रोकने वाले ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्टोर से तुरंत हटाने का आदेश
    केंद्र सरकार ने BAT BMS और Epoch Li-ion नाम के दो मोबाइल ऐप्स को Google Play Store और Apple App Store से हटाने का आदेश दिया है। इन बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर कुछ लोग Bluetooth के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा बंद कर रहे थे। MeitY सचिव एस. कृष्णन ने पुष्टि की है कि दोनों ऐप्स को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि ऐसे संभावित खतरनाक ऐप्स को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से रोकने के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
  • अब घर बैठे Aadhaar में Email ID जोड़ें या अपडेट करें, 6 महीने तक मिलेगी फ्री सर्विस
    UIDAI ने Aadhaar यूजर्स के लिए बड़ी राहत देते हुए Aadhaar App के जरिए Email ID जोड़ने और अपडेट करने की सुविधा शुरू कर दी है। अब इसके लिए Aadhaar सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सुविधा 1 जुलाई 2026 से अगले 6 महीने तक मुफ्त उपलब्ध रहेगी। सरकार के मुताबिक, नई सर्विस शुरू होने के दो दिन के भीतर ही 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी Email ID अपडेट कर ली। Aadhaar से Email लिंक होने पर हर Authentication की जानकारी ईमेल पर मिलेगी। वहीं नए Aadhaar App से अब तक 4 करोड़ से ज्यादा मोबाइल नंबर और करीब 10 लाख एड्रेस भी अपडेट किए जा चुके हैं।
  • WhatsApp Username फीचर लॉन्च से पहले फंसा! सरकार को क्यों सता रही है बड़ी चिंता?
    WhatsApp इस साल के आखिर तक Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले भारत सरकार इसके रोलआउट को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को चिंता है कि इस फीचर की मदद से फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ सकते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए नया कानून भी लाया जा सकता है। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि Username फीचर से मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत कम होगी, लेकिन इससे Name Squatting और फर्जी अकाउंट्स का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • Delhi EV Policy 2026: ₹1 लाख तक का फायदा, पेट्रोल-CNG टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन होगा बंद, जानें सब कुछ
    दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद करने का प्रस्ताव है। इसके बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 1 जनवरी 2027 से केवल ई-ऑटो का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। नई नीति में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी, इलेक्ट्रिक ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव और पुराने BS-IV चार-पहिया वाहन स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये तक का लाभ देने का भी प्रस्ताव है।
  • Passport खो जाए तो क्या करें? जानें नया पासपोर्ट बनवाने का पूरा तरीका
    अगर आपका पासपोर्ट खो गया है या चोरी हो गया है, तो सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके बाद Passport Seva पोर्टल पर Re-issue के लिए आवेदन करना होता है। भारत सरकार खोए हुए पासपोर्ट के लिए डुप्लिकेट पासपोर्ट जारी नहीं करती, बल्कि नया पासपोर्ट जारी किया जाता है। आवेदन के दौरान पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपॉइंटमेंट लेना और जरूरी दस्तावेज जमा करना होता है। अगर पासपोर्ट बाद में मिल भी जाए और नया पासपोर्ट जारी हो चुका हो, तो पुराने पासपोर्ट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए सही प्रोसेस का पालन करना जरूरी है।
  • देर रात PM के फोन पर पहुंचा अलर्ट! अब सरकार ने पूरे सिस्टम पर लगा दी रोक
    भारत सरकार ने हाल ही में लॉन्च किए गए Cell Broadcast System (CBS) को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के 12 जून के आदेश के अनुसार यह सेवा अगले निर्देश तक बंद रहेगी। यह सिस्टम प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान लोगों को रियल-टाइम चेतावनी भेजने के लिए शुरू किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैसले के पीछे कुछ तकनीकी या प्रक्रियागत कारण हो सकते हैं। The Hindu की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आधी रात को भेजे गए एक डिजास्टर अलर्ट के बाद इस सेवा की समीक्षा शुरू की गई।
  • क्या है सरकार का Project Ganga? गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, युवाओं को मिलेगा रोजगार
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Project Ganga लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है। इस प्रोजेक्ट के तहत Digital Service Providers (DSPs) का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो गांवों में फाइबर ब्रॉडबैंड और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। सरकार का लक्ष्य करीब 20 लाख परिवारों तक इंटरनेट पहुंचाने, 8,000 से 10,000 DSPs तैयार करने और एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने का है। पहले चरण में यह परियोजना 21 जिलों में शुरू होगी। इसके तहत डिजिटल एजुकेशन, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग जैसी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

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