उत्तर प्रदेश सरकार ने Project Ganga लॉन्च किया है। इस पहल के तहत गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने, डिजिटल सर्विसेज बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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Project Ganga के तहत गांवों तक पहुंचेगी हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को 'Project Ganga' लॉन्च किया है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण इलाकों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना है। सरकार का कहना है कि यह पहल गांवों में लास्ट-माइल डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और डिजिटल इंडिया मिशन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगी। चलिए नीचे समझते हैं कि ये पूरा प्रोजेक्ट क्या है और कैसे काम करेगा।
Project Ganga उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की एक बड़ी पहल है। इसके तहत राज्यभर में Digital Service Providers (DSPs) का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। ये लोकल लेवल पर काम करने वाले डिजिटल उद्यमी होंगे, जो अपने क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क इंस्टॉल करने के साथ-साथ अलग-अलग डिजिटल सर्विसेज उपलब्ध कराएंगे।
सरकार का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट के जरिए करीब 20 लाख परिवारों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इसके साथ ही 8,000 से 10,000 Digital Service Providers तैयार किए जाएंगे और एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट गंगा की शुरुआत पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 21 जिलों से की जा रही है। सरकार की योजना इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी 57,000 ग्राम पंचायतों और करीब 8,000 न्याय पंचायतों तक पहुंचाने की है।
सरकार के मुताबिक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सर्विसेज का दायरा बढ़ेगा। इसके तहत ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन स्किल ट्रेनिंग और अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल आसान होगा। इससे गांवों के लोगों को कई सर्विसेज के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
प्रोजेक्ट गंगा सिर्फ इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। इसका एक बड़ा फोकस युवाओं को डिजिटल उद्यमी बनाना भी है। चुने गए युवाओं को टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और बिजनेस ऑपरेशन से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे अपने क्षेत्रों में Digital Service Provider के रूप में काम कर सकें।
राज्य सरकार ने बताया है कि प्रोजेक्ट गंगा से जुड़ने वाले चयनित युवा CM Yuva Scheme का लाभ भी उठा सकेंगे। इस योजना के तहत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाता है। इससे वे अपना डिजिटल बिजनेस शुरू करने या Digital Service Provider के रूप में काम शुरू करने के लिए जरूरी निवेश जुटा सकेंगे।
परियोजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार और परियोजना से जुड़े साझेदारों का लक्ष्य है कि इस योजना के लाभार्थियों में करीब 50 प्रतिशत महिलाएं हों। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला डिजिटल उद्यमियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
प्रोजेक्ट गंगा के तहत सिर्फ इंटरनेट सेवाओं का विस्तार नहीं होगा, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी अवसर पैदा होंगे। इनमें डिजिटल एजुकेशन, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन स्किल डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, ई-गवर्नेंस, पब्लिक Wi-Fi, स्मार्ट एग्रीकल्चर और IT आधारित रोजगार शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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