Reliance Jio को जल्द मिल सकती है सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए मंजूरी

पिछले वर्ष रिलायस जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरानअपनी सैटकॉम टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया था

Reliance Jio को जल्द मिल सकती है सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए मंजूरी

इस सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम देने में लाइसेंसिंग का प्रोसेस हो सकता है

ख़ास बातें
  • कंपनी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सैटकॉम टेक्नोलॉजी को पेश किया था
  • Elon Musk की Starlink की भी यह सर्विस शुरू करने में दिलचस्पी है
  • Amazon के Project Kuiper की भी इस सर्विस को शुरू करने की योजना है
विज्ञापन
बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल Reliance Jio की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस JioSpaceFiber जल्द शुरू हो सकती है। पिछले वर्ष कंपनी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सैटकॉम टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया था। रिलायंस जियो को जल्द ही इंडियन स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) से जरूरी अप्रूवल मिल सकता है। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी ने IN-SPACe के पास अनिवार्य दस्तावेज जमा कर दिए हैं। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेने के साथ ही कई मिनिस्ट्रीज से अप्रूवल लेने होंगे। पिछले वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस में रिलायंस जियो ने बताया था कि उसने दूरदराज के चार क्षेत्रों को अपनी JioSpaceFiber सर्विस से कनेक्ट किया है। ये क्षेत्र गुजरात में गिर, छत्तीसगढ़ में कोरबा, ओडिशा में नबरंगपुर और असम में जोरहाट, ONGC हैं। 

देश में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए रिलायंस जियो ने लग्जमबर्ग की सैटेलाइट टेलीकम्युनिकेशंस नेटवर्क प्रोवाइडर Société Européenne des Satellites के साथ पार्टनरशिप की है। रिलायंस जियो की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का मुकाबला Elon Musk की Starlink और Amazon के Project Kuiper से हो सकता है। इन विदेशी कंपनियों की भी देश में अपनी सर्विसेज लॉन्च करने की योजना है। 

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम देने में लाइसेंसिंग का प्रोसेस हो सकता है। इससे ये सर्विसेज देने वाली कंपनियों को स्पेक्ट्रम के लिए बिड नहीं देनी होगी। यह Starlink के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, रिलायंस जियो का कहना है कि इसके लिए नीलामी सही तरीका है। मस्क की स्टारलिंक चाहती है कि केंद्र सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी न करे और अन्य देशों की तरह इसके लिए सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी करे। कंपनी का मानना है कि यह एक नेचुरल रिसोर्स है और इसे कंपनियों को शेयर करना चाहिए। स्टारलिंक का कहना है कि नीलामी से भौगोलिक बंदिशें लग सकती हैं जिससे कॉस्ट में बढ़ोतरी होगी। रिलायंस जियो इससे सहमत नहीं है। कंपनी ने सरकार को भेजे पत्र में स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी कराने की मांग की थी। रिलायंस जियो का कहना था कि विदेशी सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडर्स वॉयस और डेटा सर्विसेज उपलब्ध करा सकते हैं और इससे देश की टेलीकॉम कंपनियों को मुश्किल होने की आशंका है। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
  2. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  3. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  4. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  5. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  6. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  7. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  8. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  9. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  10. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »