• होम
  • टेलीकॉम
  • ख़बरें
  • टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ेगा सरकार का कंट्रोल, संसद में पास हुआ टेलीकम्युनिकेशन बिल

टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ेगा सरकार का कंट्रोल, संसद में पास हुआ टेलीकम्युनिकेशन बिल

इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया। लोकसभा में बुधवार को इसे हरी झंडी मिली थी

टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ेगा सरकार का कंट्रोल, संसद में पास हुआ टेलीकम्युनिकेशन बिल

यह बिल 138 वर्ष पुराने Indian Telegraph Act की जगह लेगा

ख़ास बातें
  • इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया
  • इसमें सरकार आपात स्थिति में किसी टेलीकॉम नेटवर्क पर कंट्रोल कर सकेगी
  • सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम का मुद्दा भी इस बिल में है
विज्ञापन
देश में टेलीकॉम सर्विसेज को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में केंद्र सरकार के अस्थायी कंट्रोल में देने की अनुमति वाला टेलीकम्युनिकेशन बिल गुरुवार को संसद में पारित हो गया। इस बिल में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए बिना नीलामी के स्पेक्ट्रम देने का भी प्रावधान है। इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया। लोकसभा में बुधवार को इसे हरी झंडी मिली थी। 

इसमें सरकार को सार्वजनिक आपात स्थिति या जनता की सुरक्षा के हित में केंद्र सरकार को किसी टेलीकॉम नेटवर्क का कंट्रोल लेने की अनुमति है। इसके साथ ही इसमें सार्वजनिक आपात स्थिति, जनता के हित में या अपराध करने के लिए उकसाने से रोकन के मामले में मैसेजेज का ट्रांसमिशन या उन्हें इंटरसेप्ट करने की भी अनुमति होगी। इस बिल में कहा गया है कि केंद्र या राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त संवाददाताओं के प्रेस मैसेजेज को तब तक इंटरसेप्ट नहीं किया जाना चाहिए जब तक उनका ट्रांसमिशन सार्वजनिक आपात स्थिति और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए लागू नियमों के तहत प्रतिबंधित नहीं है। 

कम्युनिकेशंस मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने बहस के उत्तर में कहा कि टेलीकम्युनिकेशंस बिल 2023 नए भारत की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश जमाने के दो कानूनों को बदलने के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि देश में टेलीकॉम टावर्स की संख्या बढ़कर लगभग 25 लाख और ब्रॉडबैंड इंटरनेट यूजर्स की लगभग 85 करोड़ हो गई है। 

यह बिल 138 वर्ष पुराने Indian Telegraph Act की जगह लेगा, जो इस सेक्टर पर नियंत्रण करता है। इस बिल में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए नीलामी के बजाय लाइसेंस के जरिए स्पेक्ट्रम एलोकेट करने के प्रपोजल से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio को झटका लगेगा। विदेशी इंटरनेट सर्विस कंपनियों ने इस स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस देने की डिमांड की थी। इन कंपनियों का मानना है कि अगर भारत में इसके लिए नीलामी होती है तो अन्य देशों में भी इस तरीके को लागू किया जा सकता है। इससे इन कंपनियों की कॉस्ट और इनवेस्टमेंट में बढ़ोतरी हो जाएगी। रिलायंस जियो का मानना है कि इस स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी करना सही तरीका है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk की कंपनी स्टारलिंक चाहती है कि सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी न करे और अन्य देशों की तरह इस सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी करे। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO Z11 में मिलेगा 6.8 इंच AMOLED डिस्प्ले, 40,000 रुपये से कम होगा प्राइस
  2. Redmi K100 Pro सीरीज हुई लॉन्च, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Amazon की ग्रेट फ्रीडम सेल में Sony, JBL और कई ब्रांड्स के साउंडबार पर 70 प्रतिशत तक डिस्काउंट
  4. Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
  5. Samsung Galaxy S26 FE में मिल सकती है 6.7 इंच AMOLED स्क्रीन, Exynos 2500 चिपसेट
  6. OnePlus Nord 6 खरीदने का बेस्ट मौका? यहां मिल रही है ₹11 हजार तक की छूट
  7. ऑनलाइन ऑर्डर ट्रैक करने के लिए Google Wallet कैसे करें इस्तेमाल
  8. AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
  9. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh बैटरी, 5 कलर्स के ऑप्शन
  10. Acer ने भारत में Nitro, Predator और Aspire लैपटॉप किए लॉन्च, जानें फीचर्स, कीमत ₹39,999 से शुरू
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »