मंगल ग्रह पर दिखा हैरतअंगेज सूर्यास्त, NASA के Perseverance रोवर ने कैप्चर की इमेज

यह इमेज धरती पर होने वाले सूर्यास्त से बिल्कुल अलग है। इसके पीछे एक बड़ा कारण भी है। मंगल ग्रह की सूर्य से दूरी धरती की तुलना में अधिक है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 9 अक्टूबर 2023 19:14 IST
ख़ास बातें
  • मंगल ग्रह की सूर्य से दूरी धरती की तुलना में अधिक है
  • इस पर सूर्य की रोशनी अधिक नहीं पड़ती
  • मंगल का वातावरण भी धरती से काफी अलग है

Perseverance रोवर इस ग्रह के भूविज्ञान और पिछले क्लाइमेट के बारे में भी जानकारी जुटाएगा

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह की बहुत सी हैरान करने वाली इमेज कैप्चर की हैं। इसी कड़ी में Perseverance ने मंगल ग्रह पर सूर्यास्त की एक हैरतअंगेज इमेज ली है। इसमें इस ग्रह के आसमान पर सूर्यास्त एक अनूठी नीली चमक के साथ दिख रहा है। 

साइंस अलर्ट पोर्टल के अनुसार, यह इमेज धरती पर होने वाले सूर्यास्त से बिल्कुल अलग है। इसके पीछे एक बड़ा कारण भी है। मंगल ग्रह की सूर्य से दूरी धरती की तुलना में अधिक है। इसका मतलब है कि इस पर सूर्य की रोशनी अधिक नहीं पड़ती। यह धरती की तुलना में आधे से भी कम होती है। मंगल का वातावरण भी धरती से काफी अलग है। इसका बड़ा हिस्सा कार्बन डाइऑक्साइड से बना है और इसमें नाइट्रोजन की मामूली मात्रा है। मंगल पर ऑक्सिजन की मौजूदगी बहुत ही कम है। NASA ने बताया है कि Perseverance के मिशन का मुख्य उद्देश्य एस्ट्रोबायोलॉजी है। इसमें माइक्रोबायल जीवन के संकेतों की खोज करना शामिल है। 

Perseverance रोवर इस ग्रह के भूविज्ञान और पिछले क्लाइमेट के बारे में भी जानकारी जुटाएगा। इससे मंगल ग्रह पर मानवीय मिशन के पहुंचने का रास्ता बन सकता है। यह इस ग्रह से चट्टान और धूल एकत्र करने वाला पहला मिशन होगा। NASA की योजना यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के साथ मिलकर मंगल से इनके सील किए गए सैम्पल को धरती पर गहराई से विश्लेषण के लिए लाने की है। इसके लिए स्पेसक्राफ्ट को भेजा जाएगा। 

हाल ही में NASA के James Webb स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड में सबसे दूर मौजूद तारे की इमेज खींची थी। इसे 'Earendel' कहा जाता है। यह बिग बैंग के बाद पहले अरब वर्षों में मौजूद था। James Webb टेलीस्कोप ने इसे एक बहुत बड़े B - प्रकार के तारे के तौर पर दिखाया है। यह हमारे सूर्य से दोगुने से अधिक गर्म और लगभग 10 लाख गुना अधिक चमकीला है। NASA के अनुसार, सनराइज आर्क गैलेक्सी में मौजूद Earendel की खोज केवल टेक्नोलॉजी और ग्रेविटेशनल लेंसिंग कहे जाने वाले एक प्रभाव के जरिए प्रकृति की संयुक्त ताकत की वजह से की जा सकी है। James Webb टेलीस्कोप Earendel की होस्ट गैलेक्सी सनराइज आर्क में अन्य जानकारियों को देखने में भी सक्षम हुआ है। यह ब्रह्मांड के पहले अरब वर्षों में पहचानी गई सबसे बड़ी गैलेक्सी है। इसमें नए और पुराने दोनों प्रकार के तारे बनाने वाले रीजन हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus 16 में मिल सकते हैं सबसे धांसू फीचर्स, 200MP कैमरा, 9000mAh बैटरी, 240Hz डिस्प्ले!
  2. Redmi भारत में ला रही पावरफुल डिवाइस, Amazon पर टीजर से मची हलचल!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Bitcoin की सबसे बड़ी कॉरपोरेट होल्डर को लगा झटका, प्राइस गिरने से अरबों डॉलर का नुकसान
  2. Redmi भारत में ला रही पावरफुल डिवाइस, Amazon पर टीजर से मची हलचल!
  3. Motorola Razr Fold जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का Sony प्राइमरी कैमरा 
  4. Prime Video पर दिखेगा MX Player का कंटेंट, फ्री और पेड शो एक जगह!
  5. नासा ने दिया 2 एस्टरॉयड के लिए अलर्ट, आज होगा पृथ्वी से सामना!
  6. Realme 16x जल्द होगा भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  7. WhatsApp में आया Business AI, ऑटोमेटेड चैट और कस्टमर सपोर्ट में होगी मदद
  8. 10,400mAh बैटरी, फिर भी दुनिया का सबसे पतला फ्लैगशिप टैबलेट! Huawei MatePad Pro Max हुआ लॉन्च
  9. Amazon Great Summer Sale में iQOO 15, 15R, iQOO Z11x जैसे फोन 11 हजार तक सस्ते खरीदें! धमाका डील्स
  10. Vodafone idea ने PhysicsWallah के साथ Vi Edu+ प्रीपेड प्लान किया लॉन्च, जानें सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.