अमेरिका के लिए स्पाई सैटेलाइट बना रही Elon Musk की SpaceX

इसका लक्ष्य एक शक्तिशाली जासूसी सिस्टम बनाना है। इन सैटेलाइट में लो ऑर्बिट पर ऑपरेट कर धरती की इमेजिंग हासिल करने की क्षमता होगी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 17 मार्च 2024 16:51 IST
ख़ास बातें
  • इसके लिए SpaceX को लगभग 1.8 अरब डॉलर का सीक्रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला था
  • सैटेलाइट का यह नेटवर्क SpaceX की Starshield यूनिट बनाएगी
  • इससे अमेरिका के जमीन पर सैनिकों को सहायता मिलेगी

इन सैटेलाइट में लो ऑर्बिट पर ऑपरेट कर धरती की इमेजिंग हासिल करने की क्षमता होगी

ग्लोबल इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मेकर Tesla के चीफ, Elon Musk की कंपनी SpaceX अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसी के लिए बड़ी संख्या में जासूसी सैटेलाइट बना रही है। इसके लिए SpaceX को तीन वर्ष पहले लगभग 1.8 अरब डॉलर का सीक्रेट कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इसका लक्ष्य एक शक्तिशाली जासूसी सिस्टम बनाना है। इन सैटेलाइट में लो ऑर्बिट पर ऑपरेट कर धरती की इमेजिंग हासिल करने की क्षमता होगी। 

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, जासूसी सैटेलाइट का यह नेटवर्क SpaceX की Starshield यूनिट बनाएगी। इस कॉन्ट्रैक्ट से SpaceX पर अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon का विश्वास बढ़ने का संकेत मिल रहा है। हालांकि, मस्क और अमेरिकी सरकार के बीच यूक्रेन में Starlink के सैटेलाइट्स के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर मतभेद भी रहे हैं। 

Starshield के जासूसी सैटेलाइट्स धरती से लो ऑर्बिट पर मौजूद होंगे और इनसे अमेरिका के जमीन पर सैनिकों को सहायता मिलेगी। ये जमीन पर लक्ष्य का पता लगाकर उससे जुड़ा डेटा अमेरिका के मिलिट्री और इंटेलिजेंस अधिकारियों के साथ साझा करेंगे। इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अगर यह कॉन्ट्रैक्ट सफल रहता है तो इससे अमेरिकी सरकार और मिलिट्री की दुनिया भर में अपने लक्ष्यों को खोजने की क्षमता में सुधार हो सकता है। 

हाल ही में SpaceX केवल छह घंटों के अंतराल में सैटेलाइट्स के दो लॉन्च किए थे। इनमें से पहले लॉन्‍च में 23 स्‍टारलिंक सैटेलाइट्स को लो-अर्थ ऑर्बिट में पहुंचाया गया था। दूसरे लॉन्च में भी 23 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में पहुंचाए गए थे। ये लॉन्च अमेरिका में फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से हुए थे। इनमें फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से सैटेलाइट्स को लॉन्‍च किया गया था। स्टारलिंक की कई देशों में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को पहुंचाने की योजना है। अमेरिका समेत दुनिया के कुछ देशों में स्‍टारलिंक की सर्विस शुरू हो गई है। बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनियों में शामिल टेक कंपनी Amazon की भी इस वर्ष की पहली छमाही में इंटरनेट सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है। Amazon इसके साथ ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्ध कराने वाली SpaceX और अन्य फर्मों को टक्कर देगी। इसकी सैटेलाइट इंटरनेट यूनिट Project Kuiper इस वर्ष सैटेलाइट्स की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करेगी। इसकी योजना तेजी से इस सर्विस का दायरा बढ़ाने की है। इससे इस सेगमेंट में कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 6 ग्रहों की परेड का दिखेगा नजारा! सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर भी होगा शामिल, नोट कर लें दिन और समय
#ताज़ा ख़बरें
  1. Redmi A7 में मिल सकता है 6.9 इंच डिस्प्ले, NBTC से मिला सर्टिफिकेशन 
  2. Xiaomi 17 सीरीज का जल्द होगा इंटरनेशनल लॉन्च, 2 मॉडल हो सकते हैं शामिल
  3. AI कैमरा ने ऐसे बचाई 270 से ज्यादा हाथियों की जान!
  4. Tu Meri Main Tera, Main Tera Tu Meri अब OTT पर! कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म यहां देखें
  5. AI नहीं सीखा तो प्रमोशन कैंसल? Accenture ने स्टाफ का AI यूज ट्रैक करना शुरू किया
  6. 120W चार्जिंग के साथ 2026 के टॉप स्मार्टफोन! OnePlus 15, IQOO 13 समेत जानें पूरी लिस्ट
  7. टैबलेट या लैपटॉप? Xiaomi भारत में लॉन्च करने वाला है नया डिवाइस, शेयर किया टीजर वीडियो
  8. Bitcoin का प्राइस 50,000 से नीचे गिरने की आशंका, Peter Schiff ने दी चेतावनी
  9. Poco X8 Pro और Poco X8 Pro Max में मिल सकती है 1.5K OLED स्क्रीन
  10. Tata Punch EV फेसलिफ्ट हुई लॉन्च: 468km रेंज, वेंटिलेटेड सीट्स और सनरूफ भी! जानें सभी वेरिएंट्स की कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.