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Rocket - ख़बरें

  • NASA की एस्ट्रोनॉट Sunita Williams की जल्द होगी धरती पर वापसी, Crew-10 मिशन हुआ लॉन्च
    विलियम्स और उनके साथी एस्ट्रोनॉट Butch Wilmore को लाने के लिए NASA और बिलिनेयर Elon Musk की कंपनी SpaceX ने शुक्रवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर एक नया क्रू भेजा है। NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से Falcon 9 रॉकेट के जरिए Dragon स्पेसक्राफ्ट पर Crew-10 मिशन को लॉन्च किया गया है। इस क्रू में चार एस्ट्रोनॉट शामिल हैं।
  • स्पेस में फंसी NASA की एस्ट्रोनॉट Sunita Williams की धरती पर वापसी टली
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने बताया विलियम्स और उनके साथ ISS पर फंसे Butch Wilmore को लाने के लिए SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का लॉन्च तकनीकी मुश्किलों के कारण टाल दिया गया है। SpaceX के मालिक बिलिनेयर Elon Musk हैं। अमेरिका में फ्लोरिडा के Kennedy Space Centre से Crew-10 मिशन को Falcon 9 के साथ हाइड्रॉलिक समस्या की वजह से टाला गया है।
  • Elon Musk को बड़ा झटका! स्टारशिप रॉकेट में लॉन्च के बाद धमाका, आसमान से गिरने लगे आग के गोले, देखें वीडियो
    एलन मस्क (Elon Musk) को बीते दिन एक बड़ा झटका अपने स्पेस मिशन में लगा। जब इसका भारी भरकम रॉकेट Starship उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही आसमान में जा फटा और इसके टुकड़े आग के गोलों के रूप में नीचे धरती पर गिरने लगे। स्टारशिप की यह 8वीं परीक्षण उड़ान थी। कंट्रोल रूम का संपर्क टूट गया और रॉकेट के इंजन बंद हो गए और स्टारशिप रॉकेट फट गया।
  • स्पेस में फंसी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स की इस महीने होगी वापसी, NASA कर रही तैयारी
    विलियम्स के साथ Butch Wilmore भी पिछले कई महीनों से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर फंसे हैं। इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स को बिलिनेयर Elon Musk की कंपनी SpaceX के Dragon स्पेसक्राफ्ट से वापस लाया जाएगा। पिछले वर्ष जून में विलियम्स और विल्मोर आठ दिन के मिशन के लिए ISS पर पहुंचे थे। Boeing के Starliner स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी समस्या के कारण विलियम्स और विल्मोर की वापसी मुश्किल हो गई था।
  • चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए NASA ने लॉन्च किया सैटेलाइट
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए Lunar Trailblazer सैटेलाइट लॉन्च किया है। इसका भार लगभग 200 किलोग्राम का है। इसके सोलर पैनल पूरी तरह खुले होने पर यह लगभग 3.5 मीटर चौड़ा है। इस सैटेलाइट को फ्लोरिडा में Kennedy Space Center से स्पेस में लॉन्च किया गया है।
  • ब्रह्मांड का 'सबसे रंगीन' मैप बनाएगा NASA का नया टेलीस्कोप
    SPHEREx कहे जाने वाले इस टेलीस्कोप का साइज छोटा है लेकिन यह अपने लगभग दो वर्ष के मिशन में बड़ी मात्रा में जानकारी उपलब्ध कराएगा। यह एक इंफ्रारेड टेलीस्कोप है जिसका डिजाइन स्पेक्ट्रोस्कोपिक इमेजेज लेने के लिए बनाया गया है। स्पेक्ट्रोस्कोपिक इमेजेज एक सोर्स से लाइट की अलग वेवलेंथ को मापती हैं। इससे ब्रह्मांड और तारा समूह की ग्रोथ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
  • चंद्रमा पर 2027 में पहुंचेगा भारत का चंद्रयान-4, धरती पर लाए जाएंगे सैम्पल
    चंद्रयान-4 का कुल भार लगभग 9,200 किलोग्राम का होगा। यह चंद्रयान-3 की तुलना में दोगुने से अधिक है। इसका साइज अधिक होने की वजह से दो लॉन्च व्हीकल मार्क- III (LVM 3) रॉकेट्स का इस्तेमाल जरूरी है। ये रॉकेट पांच विभिन्न मॉड्यूल्स को धरती के ऑर्बिट में ले जाएंगे, जहां चंद्रमा की यात्रा से पहले इन मॉड्यूल्स की डॉकिंग की जाएगी।
  • अंतरिक्ष में फंसी एस्ट्रोनॉट Sunita Williams की अगले महीने हो सकती है धरती पर वापसी
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने बताया है कि ISS के लिए क्रू-10 मिशन को 25 मार्च के बजाय 12 मार्च को लॉन्च करने का टारगेट है। विलियम्स के साथी एस्ट्रोनॉट Butch Wilmore को भी इस मिशन में लाया जाएगा। NASA ने कहा है कि क्रू-10 मिशन नए स्पेसक्राफ्ट के बजाय पहले उड़ान भर चुके SpaceX के स्पेसक्राफ्ट Endurance का इस्तेमाल करेगा।
  • भारत की 2027 में चंद्रयान-4 के लॉन्च की तैयारी, चंद्रमा से लाए जाएंगे सैम्पल
    देश के स्पेस एक्सप्लोरेशन के प्रयासों में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा से सैम्पल वापस धरती पर लाना होगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में पांच अलग कंपोनेंट्स को ले जाने के लिए LVM-3 रॉकेट के कम से कम दो लॉन्च की जरूरत होगी। यह चंद्रमा से सैम्पल लाने की देश की पहली कोशिश होगी। इससे स्पेस रिसर्च में भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताएं बढ़ेंगी।
  • स्पेस में ISRO की सेंचुरी! 100वें मिशन का सफल लॉन्च, अंतरिक्ष में भेजा GSLV-F15 रॉकेट
    ISRO ने सैटेलाइट लॉन्च के मामले में शतक लगा दिया है। ISRO ने अपना 100वां रॉकेट मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है जिसके बाद रॉकेट लॉन्च में एजेंसी की सेंचुरी पूरी हो गई है। स्पेस एजेंसी ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से अपना GSLV-F15 रॉकेट लॉन्च किया जो NVS-02 सैटेलाइट को लेकर गया था। कंपनी के चेयरमैन वी नारायणन के इसरो में आने के बाद यह कंपनी का पहला मिशन भी था।
  • NASA के एस्ट्रोनॉट ने स्पेस से कैप्चर की महाकुंभ की हैरतअंगेज पिक्चर्स
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के एक एस्ट्रोनॉट ने महाकुंभ की हैरतअंगेज पिक्चर्स ली हैं। इनमें गंगा नदी के रोशनी से सजे किनारे दिख रहे हैं। महाकुंभ की ये पिक्चर्स इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से एस्ट्रोनॉट Don Pettit ने कैप्चर की हैं। इन पिक्चर्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया गया है। इनमें रोशनी से चमकते गंगा के किनारों पर बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की कतार दिख रही है।
  • ISRO लॉन्च करेगा अमेरिकी सैटेलाइट, स्पेस से फोन कॉल बन सकती है हकीकत
    इस सैटेलाइट से स्पेस से सीधे फोन कॉल्स की जा सकेंगी। यह मौजूदा सैटेलाइट टेलीफोन सर्विसेज की तुलना में कम्युनिकेशन का एक अधिक इनोवेटिव और मॉडर्न तरीका होगा। यह पहली बार है कि जब एक अमेरिकी कंपनी एक भारतीय रॉकेट पर देश से एक बड़ा कम्युनिकेशंस सैटेलाइट लॉन्च कर रही है। ISRO की ओर से Gaganyaan मिशन को सफल बनाने के लिए तैयारी की जा रही है।
  • गगनयान मिशन में बड़ी उपलब्धि, ISRO ने शुरू की लॉन्च व्हीकल की असेंबलिंग
    ISRO ने इस मिशन के लिए ह्युमन रेटेड लॉन्च व्हीकल Mark-3 (HLVM3) की असेंबलिंग शुरू कर दी है। यह असेंबलिंग आंध्र प्रदेश में ISRO के सतीश धवन स्पेस सेंटर पर की जा रही है। देश के महत्वाकांक्षी गगनयान ह्युमन स्पेसफ्लाइट मिशन के तहत बिना क्रू वाले पहले मिशन की यह शुरुआत है। ISRO ने S200 सॉलिड रॉकेट मोटर के नोजल एंड सेगमेंट की स्टैकिंग के साथ असेंबलिंग शुरू की है।
  • इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी में देरी
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने बताया है कि SpaceX के Crew-10 मिशन में देरी के कारण इनकी वापसी को टाला गया है। Crew-10 मिशन में NASA के एस्ट्रोनॉट्स Anne McClain और Nichole Ayers के साथ JAXA के Takuya Onishi और Roscosmos के कॉस्मोनॉट Kirill Peskov जाएंगे। इस मिशन को SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के जरिए मार्च के अंत में लॉन्च किया जाएगा।
  • धरती से तेज चंद्रमा पर घूमता है समय का पहिया, नई स्टडी में हुआ खुलासा
    इसका कारण चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण की शक्ति धरती से कमजोर होना है। चंद्रमा पर घड़ी की चाल धरती की तुलना में लगभग 56 माइक्रोसेकेंड्स प्रति अर्थ डे या 0.00056 सेकेंड्स तेज होती है। Astronomical Journal में प्रकाशित यह स्टडी Albert Einstein की जनरल रिलेटिविटी थ्योरी पर आधारित है। जनरल रिलेटिविटी की थ्योरी में बताया गया है कि एक सामान्य घड़ी की दर पर उसके स्थान और उससे जुड़ी गति पर गुरुत्वाकर्षण की क्षमता का असर होता है।

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