Solar Flare : 3 ‘खतरनाक’ सौर तूफानों के साए में पृथ्‍वी, आने वाली है ये आफत

Solar Flare : मॉस्को स्थित फेडोरोव इंस्टि‍ट्यूट ऑफ एप्लाइड जियोफिजिक्स के मुताबिक हमारे ग्रह को प्रभावित करने वाले फ्लेयर X क्‍लास कैटिगरी के हैं।

Solar Flare : 3 ‘खतरनाक’ सौर तूफानों के साए में पृथ्‍वी, आने वाली है ये आफत

इनकी वजह से पृथ्‍वी पर अस्‍थायी शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है। शॉर्ट वेव रेडियो फ्रीक्‍वेंसी का इस्‍तेमाल सेनाओं, समुद्री ट्रांसपोर्ट आदि के द्वारा किया जाता है।

ख़ास बातें
  • रूसी वैज्ञानिकों ने देखे 3 सोलर फ्लेयर
  • पृथ्‍वी को कर सकते हैं प्रभावित
  • धरती पर अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है
विज्ञापन
सूर्य में जारी हलचलों का दौर पृथ्‍वी के लिए ‘मुसीबत' बन रहा है। हमारे ग्रह को भू-चुंबकीय तूफानों का सामना करना पड़ रहा है। इन तूफानों की वजह सूर्य से निकलने वाले कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME), सोलर फ्लेयर (Solar Flare) आदि हैं। अब रूस के वैज्ञानिकों ने एक पावरफुल सोलर फ्लेयर की भविष्‍यवाणी की है। इसकी वजह से हमारे ग्रह पर कम्‍युनिकेशन प्रोटोकॉल प्रभावित हो सकते हैं। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वैज्ञानिकों ने 3 सोलर फ्लेयर देखे हैं। 

इनकी वजह से धरती पर अस्‍थायी शॉर्ट-वेव रेडियो कम्‍युनिकेशन प्रभावित हो सकता है। मॉस्को स्थित फेडोरोव इंस्टि‍ट्यूट ऑफ एप्लाइड जियोफिजिक्स के मुताबिक हमारे ग्रह को प्रभावित करने वाले फ्लेयर X क्‍लास कैटिगरी के हैं। इन्‍हें सबसे पावरफुल फ्लेयर माना जाता है। 

इनकी वजह से पृथ्‍वी पर अस्‍थायी शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट हो सकता है। शॉर्ट वेव रेडियो फ्रीक्‍वेंसी का इस्‍तेमाल सेनाओं, समुद्री ट्रांसपोर्ट आदि के द्वारा किया जाता है। वैज्ञानिकों ने जिन सोलर फ्लेयर्स को देखा, उनमें से एक करीब 14 मिनट तक चलती रही। 
 

क्‍या होते हैं सोलर फ्लेयर

जब सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होती है, तो उससे निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्‍स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं। ये फ्लेयर्स हमारे सौर मंडल में अबतक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं, जिनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ऊर्जा रिलीज होती है। इनमें मौजूद एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स प्रकाश की गति से अपना सफर तय करते हैं। सोलर फ्लेयर्स ना सिर्फ शॉर्ट वेव रेडियो ब्‍लैकआउट कर सकते हैं, बल्कि इनकी वजह से सैटेलाइट्स और कम्‍युनिकेशन उपकरणों को भी नुकसान पहुंच सकता है। 

पिछले साल सूर्य में हुए एक बड़े विस्‍फोट के कारण एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) के 40 नए स्‍टारलिंक सैटेलाइट तबाह हो गए थे। 

सूर्य में जारी हलचलों का दौर साल 2025 में अपने पीक पर पहुंच जाएगा। यह सोलर मैक्सिमम की अवधि है, जिसने सूर्य को बहुत ज्‍यादा उग्र कर दिया है। उसमें सनस्‍पॉट उभर रहे हैं, जिनकी वजह से पृथ्‍वी पर सौर तूफान आ रहे हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में BMW के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स में तीन गुना की बढ़ोतरी
  2. Ola Electric ने शुरू की हायपर डिलीवरी, कस्टमर्स को कुछ घंटे में मिलेगा इलेक्ट्रिक स्कूटर
  3. CMF Phone 2 भारत में जल्द होगा लॉन्च? Flipkart पर लाइव हुआ टीजर पेज
  4. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  5. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  6. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  7. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  8. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  9. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  10. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »