NASA ने शेयर किया मंगल से दिखने वाले सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा

पर्सेवरेंस ने फरवरी 2021 में मंगल पर लैंड किया था।

NASA ने शेयर किया मंगल से दिखने वाले सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा
ख़ास बातें
  • रोवर ने फोबोस सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा जूम्ड वीडियो किया कैप्चर।
  • वीडियो में दिखाया गया है कैसे एक छोटी वस्तु मंगल और सूरज के बीच आ जाती है
  • यह ग्रहण केवल 40 सेकंड तक चला।
विज्ञापन
आपने धरती से सूर्यग्रहण तो कई बार देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी मंगल ग्रह से सूर्य ग्रहण देखने के बारे में सोचा है? नासा की बदौलत यह मुमकिन हो सका है। नासा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें मंगल ग्रह के दो चंद्रमाओं में से एक, सूर्य पर अपनी छाया डाल रहा है। यह मंगल ग्रह की सतह से देखा गया है। इस रोचक वीडियो को अंतरिक्ष एजेंसी के पर्सेवरेंस रोवर ने कैमरे में कैद किया है। इस दौरान लाल ग्रह का एक छोटा, आलू के आकार का चंद्रमा फोबोस (Phobos) मंगल और सूर्य के बीच आ गया था। "तुम सच्चे हो इसीलिए बहुत अच्छे हो। तुमसे नजरें नहीं हटाई जा रहीं।” नासा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है। 

ये ऑब्जर्वेशन वैज्ञानिकों को चंद्रमा के ऑर्बिट में होने वाली हल्की शिफ्ट को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर रही हैं, जिससे पता चलता है कि कैसे इसकी ग्रेविटी मंगल ग्रह की दो ऊपर परतों क्रस्ट और मेंटल को आकार देती है। NASA के पर्सेवरेंस रोवर ने वीडियो कैप्चर करने के लिए 2 अप्रैल को अपने नेक्स्ट-जेनरेशन मास्टकैम-जेड कैमरे का इस्तेमाल किया।

वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटी वस्तु मंगल और सूरज के बीच आ जाती है। फोबोस चंद्रमा धरती के चंद्रमा से 157 गुणा छोटा है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि फोबोस का गुरुत्वाकर्षण मंगल पर छोटे टाइडल फोर्स पैदा करता है, जिसके कारण इसका ऑर्बिट बदल जाता है, और जिसके कारण यह मंगल की सतह के करीब आता जा रहा है। अंत में फोबोस लाखों वर्षों में मंगल की सतह से टकरा जाएगा। 
रोवर को बनाने वाली Jet Propulsion Laboratory ने कहा है कि यह ग्रहण केवल 40 सेकंड तक चला जो धरती के चांद के माध्यम से होने वाले सूर्य ग्रहण से बहुत ज्यादा छोटा है। 

इससे पहले भी जो खोज मिशन मंगल ग्रह पर भेजे गए उन्होंने मंगल के कई सूर्य ग्रहणों को कैप्चर किया था लेकिन पर्सेवरेंस रोवर ने फोबोस सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा जूम किया गया वीडियो कैप्चर किया है और यह हाई फ्रेम रेट में रिकॉर्ड किया गया है।  

पर्सेवरेंस ने फरवरी 2021 में मंगल पर लैंड किया था। इसका मुख्य मकसद पुराने माइक्रोबियल जीवन के संकेतों की तलाश करना है। यह मंगल की चट्टानों और धूल की स्टडी कर रहा है और उन्हें भविष्य में मानव मिशन के लिए इकट्ठा कर रहा है। यह इन नमूनों को आगे की एनालिसिस के लिए पृथ्वी पर वापस लाएगा।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, nasa news in hindi, Mars, Mars Atmosphere
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Hero Motocorp ने लॉन्च किया Vida VX2 Go FB, जानें फीचर्स, प्राइस
  2. Samsung Galaxy F70 Pro 5G कल होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की Battery
  3. Sony के वायरलैस हेडफोन्स नए, खूबसूरत Olive Grey फिनिश में अगले हफ्ते होंगे लॉन्च!
  4. Redmi Turbo 6 Max में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी! फिर लीक हुए स्पेसिफिकेशंस
  5. 7,000mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ Honor का लेटेस्ट फोन हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  6. WhatsApp चलाने के लिए अब बतानी होगी उम्र! भारत में यूजर्स की एज वैरिफिकेशन शुरू?
  7. Samsung Galaxy S26 FE में होगा 50MP तीन कैमरा सेटअप! लॉन्च से पहले स्पेसिफिकेशन लीक
  8. Flipkart Freedom Sale: 17 हजार सस्ते में खरीदें Google Pixel 10, Flipkart सेल में धमाका ऑफर
  9. 9 हजार से सस्ता मिल रहा 5500mAh बैटरी, 50MP सेल्फी कैमरा वाला Vivo फोन! आई जबरदस्त डील
  10. ईयरबड्स छोड़ो, आ रहे ईयरहुक! Samsung लॉन्च कर सकती है नए जमाने के ईयरफोन, डिजाइन लीक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »