• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • NASA Clipper Mission : ‘एलियंस’ की तलाश में 62 करोड़ किमी. के सफर पर निकलेगा Nasa का नया मिशन, जानें इसके बारे में

NASA Clipper Mission : ‘एलियंस’ की तलाश में 62 करोड़ किमी. के सफर पर निकलेगा Nasa का नया मिशन, जानें इसके बारे में

NASA Clipper Mission : क्लिपर स्‍पेसक्राफ्ट, यूरोपा (Europa) के सफर पर निकलेगा, जो हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्‍पति (Jupiter) के कई चंद्रमाओं में से एक है।

NASA Clipper Mission : ‘एलियंस’ की तलाश में 62 करोड़ किमी. के सफर पर निकलेगा Nasa का नया मिशन, जानें इसके बारे में

Photo Credit: Nasa

वैज्ञानिकों को लगता है कि यूरोपा में जीवन की संभावना मौजूद हो सकती है।

ख़ास बातें
  • Nasa का क्लिपर मिशन होगा अक्‍टूबर में लॉन्‍च
  • बृृहस्‍पति ग्रह के चंद्रमा यूरोपा को करेगा एक्‍सप्‍लोर
  • यूरोपा पर मानी जाती है पानी की मौजूदगी
विज्ञापन
NASA Clipper Mission : दुनियाभर के वैज्ञानिक जिस सवाल का जवाब वर्षों से तलाश रहे हैं, वह सवाल है कि क्‍या इस ब्रह्मांड में हम अकेले हैं? क्‍या पृथ्‍वी के अलावा भी कहीं जीवन हो सकता है? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी Nasa का नया मिशन इसी मकसद को लेकर अक्‍टूबर में उड़ान भरने वाला है। वह यूरोपा (Europa) के सफर पर निकलेगा, जो हमारे सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्‍पति (Jupiter) के कई चंद्रमाओं में से एक है। वैज्ञानिकों को लगता है कि यूरोपा में जीवन की संभावना मौजूद हो सकती है।  

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मिशन के प्राेजेक्‍ट साइंटिस्‍ट बॉब पप्पालार्डो ने AFP से कहा कि नासा जिन बुनियादी सवालों को समझना चाहती है उनमें से एक यह है कि क्‍या हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं। अगर हमें जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां ढूंढनी हों और किसी दिन सच में यूरोपा जैसी जगह पर जीवन का पता चल जाए तो कहा जाएगा कि हमारे सौर मंडल में पृथ्‍वी और यूरोपा, जीवन के दो उदाहरण हैं। 

इससे यह समझना भी आसान हो जाएगा कि पूरे ब्रह्मांड में जीवन की मौजूदगी कितनी आसान हो सकती है। बहरहाल, 5 अरब डॉलर का क्लिपर प्रोब अभी कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्‍शन लेबोरेटरी (Nasa JPL) में मौजूद है। प्रोब को जहां रखा गया है, वहां चुनिंदा लोगों को ही जाने की इजाजत है। 

क्लिपर को एलन मस्‍क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन हेवी रॉकेट पर बैठाकर रवाना किया जाएगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि क्लिपर को बृहस्‍पति और यूरोपा की कक्षा में पहुंचने में 5 साल लगेंगे। उसके बाद वह यूरोपा को स्‍टडी करना शुरू करेगा। माना जाता है क‍ि यूरोपा में बड़ी मात्रा में बर्फीले पानी की मौजूदगी है। 

यूरोपा के बर्फीले पानी को टटोलने के लिए क्लिपर में कैमरा, स्पेक्ट्रोमीटर, मैग्नेटोमीटर और एक रडार जैसे इंस्‍ट्रूमेंट लगाए गए हैं। वो बर्फ में एंट्री कर सकते हैं ताकि लिक्विड वॉटर के साथ-साथ यह पता लगाया जा सके कि वहां मौजूद बर्फ कितनी मोटी है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Edifier Airpulse A60 डेस्कटॉप Hi-Fi ब्लूटूथ स्पीकर हुए लॉन्च, जानें कीमत
  2. Sennheiser के हाई-रिजॉल्यूशन साउंड वाले HDB 630 हेडफोन्स भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  3. 27 इंच बड़े डिस्प्ले के साथ KTC गेमिंग मॉनिटर हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  4. Sierra में प्रीमियम फीचर्स के साथ टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन, Tata Motors के Vivek Srivatsa ने दी जानकारी
  5. 7,040mAh की बैटरी के साथ भारत में लॉन्च हुआ Samsung Galaxy Tab A11+, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  6. 50 मीटर गहरे अंधेरे में भी लेता है फोटो! 12GB रैम, 20,000mAh बैटरी के साथ तगड़ा फोन लॉन्च
  7. Oppo Find X9 का नया 'मखमली लाल' अवतार भारत में लॉन्च, खरीद पर Rs 5 हजार से ज्यादा के बेनिफिट
  8. 400Hz डिस्प्ले वाला गेमिंग मॉनिटर AOC Agon हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  9. iPhone की बैटरी चलेगी पूरा दिन! बस बदल दें ये सेटिंग
  10. Xiaomi Black Shark GS3 Ultra स्मार्टवॉच लॉन्च हुई 1.43 इंच डिस्प्ले, 18 दिन की बैटरी के साथ, जानें खास फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »