गगनयान को अंतरिक्ष में भेजने की जल्दबाजी नहीं करेगा ISRO 

इस मिशन को इस तरीके से डिजाइन किया गया है कि जिससे यह पहली कोशिश में ही सफलता हासिल कर सकेगा। इसके लिए टेस्टिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन को बढ़ाया गया है

गगनयान को अंतरिक्ष में भेजने की जल्दबाजी नहीं करेगा ISRO 

यह अंतरिक्ष में यात्रियों के साथ एक मिशन है

ख़ास बातें
  • गगनयान को दो वर्ष पहले लॉन्च किया जाना था
  • कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई है
  • इस मिशन से जुड़ी टेस्टिंग को बढ़ाया गया है
विज्ञापन
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने Gaganyaan प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं करने का फैसला किया है। यह अंतरिक्ष में यात्रियों के साथ एक मिशन है। ISRO ने इस मिशन को इस तरीके से डिजाइन किया है कि जिससे यह पहली कोशिश में ही सफलता हासिल कर सकेगा। इसके लिए टेस्टिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन को बढ़ाया गया है। 

ISRO के चेयरमैन, S Somanath ने संवाददाताओं को बताया कि गगनयान को दो वर्ष पहले लॉन्च किया जाना था लेकिन कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई है। उन्होंने कहा, "हमारी सोच अब अलग है। हमारा मानना है कि हम जल्दबाजी नहीं करना चाहते। हमने फैसला कर लिया है। इस ह्युमन स्पेस फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य एक पूरी तरह निश्चित सुरक्षित मिशन है।" उन्होंने बताया कि इस मिशन से जुड़ी टेस्टिंग को बढ़ाया गया है। इसमें क्रू की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त ट्रायल मिशन शामिल हैं। इस तरह के दो मिशन इस वर्ष होंगे और इसके बाद अगले वर्ष की शुरुआत में मानवरहित मिशन हो सकता है। 

सोमनाथ ने कहा कि ISRO में सभी इंजन टेस्ट पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया, "आठ बड़े टेस्ट होने हैं और अगर सभी टेस्ट बिना किसी समस्या के सफलतापूर्वक होते हैं तो यह मिशन 2024 और 2025 के बीच लॉन्च हो सकता है।" भारत के मून मिशन का तीसरा एडिशन जुलाई में लॉन्च किया जा सकता है। भारतीय अंतरिक्षण अनुसंधान संगठन (ISRO) ने यह जानकारी दी है। इसके तीन उद्देश्यों में चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग, चंद्रमा पर यान के घूमने का प्रदर्शन और वैज्ञानिक प्रयोग करना है। इस मिशन को श्रीहरिकोटा में SDSC SHAR सेंटर से LVM3 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। 

चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और मूवमेंट की क्षमता के प्रदर्शन के लिए चंद्रयान 2 के बाद चंद्रयान 3 को लॉन्च किया जाना है। हाल ही में सोमनाथ ने बताया था कि चंद्रयान 3 को जुलाई में लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान 3 मिशन में देश में डिवेलप किया गया एक लैंडर मॉड्यूल, प्रोपल्शन मॉड्यूल और एक रोवर शामिल है। ISRO ने सेकेंड जेनरेशन सैटेलाइट सीरीज के NVS-01 को सफलता से जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में पहुंचाया है। आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDC SHAR) से जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल ने NVS-01 को पिछले सप्ताह लॉन्च किया था। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Space, Mission, Engine, Test, Security, ISRO, Gaganyaan, Decision, Flight, Launch, crew, Trial
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone Air 2 में दिखा खूबसूरत नया कलर, 48MP डुअल कैमरा से हो सकता है लैस
  2. Amazon Prime Day सेल में OnePlus 15R, OnePlus 13, OnePlus 13s जैसे फोन हुए 18 हजार तक सस्ते!
  3. भारत में लॉन्च हुई Revolt RVX इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, जानें प्राइस, रेंज
  4. चीन और अमेरिका आमने-सामने, Alibaba ने बैन कर दिया यूएस का Claude Code
  5. Vivo X300e आएगा 7100mAh बैटरी, 50MP Zeiss कैमरा के साथ! फीचर्स लीक
  6. Samsung ने दिखाए नए फोल्डेबल फोन के टीजर, मिलेगा काफी कुछ खास!
  7. Amazon Prime Day Sale: ₹20 हजार में आने वाले मोबाइल पर जबरदस्त डील, देखें ऑफर
  8. फेक वेबसाइट और ऐप्स को कैसे पहचानें, इन 5 बातों का रखें ध्यान
  9. iPhone 18 Pro, 18 Pro Max की बैटरी का हो गया खुलासा, मिलेगा बड़ा अपग्रेड!
  10. Amazon Prime Day Sale: ₹28 हजार से भी सस्ते में खरीदें 55 इंच स्मार्ट टीवी, मिल रहा बंपर डिस्काउंट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »