गगनयान मिशन जल्द होगा टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार, ISRO ने दी जानकारी

गगनयान मिशन की सफलता के साथ भारत ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने ह्युमन स्पेस फ्लाइट को खुद डिवेलप किया है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 25 अक्टूबर 2025 21:10 IST
ख़ास बातें
  • गगनयान मिशन का लॉन्च 2027 में किया जाना है
  • इससे पहले ISRO बिना क्रू वाली तीन टेस्ट फ्लाइट को भेजेगा
  • भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है

भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है

देश की पहली ह्युमन स्पेस फ्लाइट के लिए लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। गगनयान मिशन का लॉन्च 2027 में किया जाना है। इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बिना क्रू वाली तीन टेस्ट फ्लाइट को पूरा करना होगा। इसके बाद इस फ्लाइट को ह्युमन्स के लिए तैयार घोषित किया जा सकेगा। 

गगनयान मिशन की सफलता के साथ भारत ऐसे चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने ह्युमन स्पेस फ्लाइट को खुद डिवेलप किया है। ISRO के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया, "Gangyaan मिशन की प्रगति अच्छी चल रही है। मैं यह कह सकता हूं कि इसके डिवेलपमेंट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।" नारायणन ने कहा कि भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में ले जाने का यह मिशन 2027 में लॉन्च किया जाएगा। 

इससे पहले ISRO बिना क्रू वाली तीन टेस्ट फ्लाइट को भेजेगा। इनमें से पहला बिना क्रू वाला मिशन ह्युमनॉइड Vyomitra के साथ इस वर्ष के अंत तक उड़ान भर सकता है। गगनयान मिशन की तैयारी को लेकर ISRO काफी सतर्कता बरत रहा है। इस मिशन के लॉन्च के साथ अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट्स को भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा। गगनयान मिशन में तीन एस्ट्रोनॉट्स के क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट में तीन दिन के लिए भेजा जाएगा और इसके बाद उनकी समुद्र पर सुरक्षित वापसी होगी। भारत की योजना अंतरिक्ष में अपना स्टेशन बनाने की भी है। इस स्टेशन का नाम "भारत अंतरिक्ष स्टेशन" होगा। इसकी स्थापना 2035 तक हो सकती है। 

हाल ही में ISRO ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के साथ मिलकर अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट NISAR का आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा से सफल लॉन्च किया था।  NISAR (NASA-ISRO सिंथेटिक अपार्चर राडार सैटेलाइट) के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसके डुअल-फ्रीक्वेंसी राडार एक दिन में धरती का 14 बार चक्कर लगाएंगे। इससे प्रत्येक 12 दिनों में धरती पर सभी जमीन और बर्फ की सतहों की स्कैनिंग की जाएगी। इस सैटेलाइट से मिले डेटा के जरिए वैज्ञानिकों को मिट्टी की नमी की निगरानी करने में आसानी होगी। इसके साथ ही भूस्खलन और बाढ़ जैसे खतरों का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सकेगा। ISRO और NASA के बीच इस तरह का यह पहला कोलेब्रेशन है। 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹17000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का धांसू फोन
  2. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  3. Samsung Galaxy Z Fold 8, Z Flip 8 और Galaxy Watch 9 सीरीज की कीमत लॉन्च से पहले आई सामने
#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy Unpacked 2026: ऐसे देखें लॉन्च इवेंट लाइव, ये फोन होंगे लॉन्च
  2. ₹17000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का धांसू फोन
  3. देश में जल्द शुरू हो सकता है बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट का फीचर
  4. फीचर फोन से लेकर स्मार्ट TV तक बेचने वाली वाली Cellecor का रेवेन्यू को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का टारगेट 
  5. नई Maruti कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगस्त से पहले कर लें बुकिंग, बढ़ने वाली हैं कीमतें
  6. Redmi Note 17 Pro Max जल्द हो सकता है लॉन्च, NBTC पर लिस्टिंग 
  7. CP PLUS ने लॉन्च किए नए 4G Dashcams, GPS और डुअल कैमरा के साथ कीमत ₹7,599 से शुरू
  8. किचन में पड़ी इस छोटी सी चीज से बढ़ जाती है Wi-Fi स्पीड? जानें कैसे काम करती है ये वायरल ट्रिक
  9. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट  
  10. Xiaomi Pad 9 के लॉन्च की तैयारी, 9,720mAh हो सकती है बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.