Hydrogen Train Technology के बारे में जानें : भारत की पहली ट्रेन जो हरियाणा से चली...

हरियाणा में शुरू हुई हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन के फायदे क्या हैं।

Hydrogen Train Technology के बारे में जानें : भारत की पहली ट्रेन जो हरियाणा से चली...

Photo Credit: X/@NayabSainiBJP

हाइड्रोजन ट्रेन में CO₂ का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता है।

ख़ास बातें
  • हाइड्रोजन ट्रेन में टेलपाइप से CO₂ का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता है।
  • हाइड्रोजन ट्रेन डीजल से चलने वाली ट्रेन की तुलना में बहुत कम शोर करती है।
  • हाईड्रोजन ट्रेन में कंपन भी कम होता है, जिससे यात्रा ज्यादा सुखद होती है।
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आज भारत की पहली हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन हरियाणा में शुरू हो गई है। यह एक पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन है जो कि डीजल या बिजली से चलने वाली ट्रेन के मुकाबले में प्रदूषण और शोर दोनों ही कम कर सकती है। इस शुरुआत के साथ भारत हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। इस ट्रेन को भारत की ओर से साफ-सुथरे ट्रांसपोर्टेशन और सामान्य ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आइए हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

यह ट्रेन प्रोजेक्ट क्लीन एनर्जी, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सबसे बड़ी खासियत की बात करें तो इन ट्रेन का प्रोपल्शन सिस्टम फ्यूल सेल और हाइड्रोजन टैंक पर बेस्ड है। यह बैटरी चार्जर की तरह काम करता है और हाइड्रोजन को बिजली में बदलकर ट्रैक्शन बैटरी को पावर प्रदान करता है और उन्हें रिचार्ज करता है। एनर्जी प्रोडक्शन से लेकर ट्रेन चलाने तक कोई प्रदूषण नहीं होता है। यह पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा उचित है। 

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे करती है काम
हाइड्रोजन गैस को एक हाई प्रेशर टैंक में स्टोर किया जाता है।
एक फ्यूल सेल हाईड्रोजन को हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन के साथ मिलता है।
इससे बिजली पैदा होती है।
इससे पैदा होने वाली बिजली इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है, जिससे ट्रेन चलती है।
इससे निकलने वाली गैस साफतौर पर पानी की भाप होती है। यह डीजल इंजन के मुकाबले में बहुत साफ होती है।

हाइड्रोजन ट्रेन के फायदे

हाइड्रोजन ट्रेन में टेलपाइप से CO₂ का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए बहुत अनुकूल रहता है।
हाइड्रोजन ट्रेन आमतौर पर डीजल से चलने वाली ट्रेन के मुकाबले में बहुत कम शोर करती है।
हाइड्रोजन ट्रेन एक बार में कई बैटरी-इलेक्ट्रिक ट्रेन के मुकाबले में ज्यादा दूरी तक चल सकती है।
इलेक्ट्रिक ट्रेन में लगने वाली बड़ी बैटरी को चार्ज करने के मुकाबले में हाइड्रोजन ट्रेन में रीफ्यूलिंग तेज होती है।
हाईड्रोजन ट्रेन में कंपन भी कम होता है, जिससे यात्रा और ज्यादा सुखद हो जाती है।

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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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