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पृथ्वी से 5 गुना बड़े नए ग्रह पर मिलेगा जीवन? 48 प्रकाशवर्ष दूर नई दुनिया ने जगाई उम्मीद

वैज्ञानिकों ने कहा है कि इसका वायुमंडल मुख्य रूप से नाइट्रोजन का बना हुआ है।

पृथ्वी से 5 गुना बड़े नए ग्रह पर मिलेगा जीवन? 48 प्रकाशवर्ष दूर नई दुनिया ने जगाई उम्मीद

Photo Credit: notebookcheck

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ब्रह्मांडीय पिंड की खोज की है जिस पर एक वायुमंडल मौजूद बताया जा रहा है।

ख़ास बातें
  • खगोलविदों ने एक बौने तारे के चारों तरफ घूमते हुए एक ग्रह को खोजा है।
  • इसका नाम LHS 1140 b है।
  • नए खोजे गए एक्सोप्लेनेट का द्रव्यमान 5.6 गुना बताया गया है।
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अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ब्रह्मांडीय पिंड की खोज की है जिस पर एक वायुमंडल मौजूद बताया जा रहा है। वातावरण का होना यानी वहां पर जीवन की संभावनाओं का भी होना। यह एक एक्सोप्लेनेट बताया गया है जो एक बौने तारे के इर्द-गिर्द घूमता है। ऐसा पहली बार खोजा गया है कि किसी एग्सोप्लेनेट में वातावरण की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। हालांकि वैज्ञानिकों ने अभी इस संबंध में आगे भी खोज का विस्तार करने की बात कही है। 

पृथ्वी के बाहर जीवन की खोज में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के हाथ एक बड़ी उपलब्धी लगी है। खगोलविदों ने एक बौने तारे के चारों तरफ घूमते हुए एक ग्रह को खोजा है जिस पर वातावरण हो सकता है। स्टडी को जर्नल Science में प्रकाशित किया गया है। इसका नाम LHS 1140 b है। यह पृथ्वी से 48 प्रकाशवर्ष दूर है। अगर ब्रह्मांडीय दूरी की दृष्टि से देखा जाए तो यह पृथ्वी के काफी करीब है। 

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने कहा है कि इसका वायुमंडल मुख्य रूप से नाइट्रोजन का बना हुआ है। इसके तारे के सामने से गुजरते हुए वैज्ञानिकों ने इसे ऑब्जर्व किया। इसके लिए वार्म इंफ्रारेड इकेली स्पेक्ट्रोग्राफ का इस्तेमाल किया गया। स्टडी में पाया गया है कि इससे हीलियम अंतरिक्ष में निकल रहा था। 

नए खोजे गए एक्सोप्लेनेट का द्रव्यमान 5.6 गुना बताया गया है। यानी यह पृथ्वी से 5.6 गुना भारी है। वहीं, इसकी त्रिज्या पृथ्वी से 70 प्रतिशत बड़ी है। हालांकि, अभी भी कई अनिश्चितताएं हैं। खगोलविदों का मानना ​​है कि इसकी सतह पर विशाल महासागर हो सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। गौर करने योग्य बात यह है कि इसके वायुमंडल की बनावट के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है, और यह अनुमानित तौर पर पृथ्वी के वायुमंडल से अलग लगता है। इसलिए इसके बेहतर नतीजे पाने और ब्रह्मांड में कहीं और जीवन के सबूत खोजने के लिए और अधिक एडवांस उपकरणों का इस्तेमाल कर स्टडी को आगे बढ़ाना होगा। 
 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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