जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख साल बरसे थे बादल! क्या है कार्नियन इवेंट? जानें

यह ऐसा समय था जब पृथ्वी टुकड़ों में नहीं बंटी थी। इसकी भूमि, या रहने लायक जगह आपस में जुड़ी हुई थी।

जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख साल बरसे थे बादल! क्या है कार्नियन इवेंट? जानें

Photo Credit: iStock

कार्नियन प्लुवियल इवेंट एक ऐसा दौर था जब पृथ्वी पर लाखों सालों तक बारिश होती रही थी।

ख़ास बातें
  • ऐसा समय था जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख सालों तक बारिश होती रही।
  • पृथ्वी के सभी बड़े भू-भाग आपस में जुड़कर 'पैंजिया' बनाते थे।
  • इस समय जीवों में विविधता आई और डायनासोरों के पनपने के लिए जगह बनी।
विज्ञापन

भारत में इन दिनों मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। कहा जा रहा है कि इस बार भारत में मानसून की बारिश कई हिस्सों में सामान्य से कम दिखाई दे रही है। प्रचंड गर्मी की मार के बीच बारिश की कमी देश के कई हिस्सों को झुलसा रही है। लेकिन क्या हो अगर यही बारिश कभी रुके ही ना? पृथ्वी पर एक ऐसा समय भी रह चुका है जब बादल लगातार 20 लाख साल बरसते रहे थे! क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आप किसी ऐसी जगह पर रह रहे हों जहां किसी के जन्म से लेकर मृत्यु तक बारिश रुके ही ना! पृथ्वी पर ऐसा हो चुका है। 

वैज्ञानिक कार्नियन प्लुवियल घटना (Carnian Pluvial Event) की बात करते हैं। यह एक ऐसा समय था जब पृथ्वी पर लगातार 20 लाख सालों तक बारिश होती रही थी। कार्नियन काल पृथ्वी के इतिहास का एक अहम दौर था। डिस्कवर मैग्जीन की रिपोर्ट के अनुसार, कार्नियन स्टेज की शुरुआत ट्राइसिक काल के दौरान हुई थी। यह लगभग 252 मिलियन से 201 मिलियन साल पहले तक चला था। उस समय, पृथ्वी के सभी बड़े भू-भाग आपस में जुड़कर 'पैंजिया' नाम के एक सिंगल महाद्वीप का हिस्सा थे। यह एक विशाल भू-भाग था जो लगभग एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक फैला हुआ था। तब का मौसम भी अलग था।

यह ऐसा समय था जब पृथ्वी टुकड़ों में नहीं बंटी थी। इसकी भूमि, या रहने लायक जगह आपस में जुड़ी हुई थी। वैज्ञानिक कहते हैं कि उस समय के मौसम के बदलाव हमारी आदतों से कहीं ज़्यादा ज़बरदस्त होते थे। कारण था कि महाद्वीप के चारों तरफ पानी होने से जो बचाव मिलता है, वो उस वक्त मौजूद नहीं था। 

कार्नियन काल में पैंजिया की जलवायु अचानक बदल गई थी। उस वक्त पूरी धरती पर बारिश होने लगी और यह बारिश करीबन 10 लाख से 20 लाख साल तक चली, जिससे जीवों में विविधता आई और डायनासोरों के पनपने के लिए जगह बनी। यह एक दिलचस्प कहानी है और मोटे तौर पर ज़्यादातर सही भी है। लेकिन यह साफ़ नहीं है कि हर जगह एक ही समय पर बारिश हुई थी या नहीं। 

भू-वैज्ञानिक ओल्सेन उस समय के इकोसिस्टम के विकास और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने वाले जीवाश्म विज्ञानी हैं। उनके अनुसार, कार्नियन एक असल समस्या है। हम इसके बारे में ज़्यादा नहीं जानते हैं। उनका कहना है कि यह दुनिया भर में बारिश वाला दौर था। रिपोर्ट कहती है कि उस समय के बारे में पक्के तौर पर जानने के लिए पर्याप्त डेटा मौजूद नहीं है। हालाँकि शोध अभी भी आगे बढ़ रहे हैं, फिर भी पृथ्वी के इतिहास के इस दौर में अभी और स्टडी करने की जरूरत है। सबसे शुरुआती डायनासोर कार्नियन काल में ही आए थे। हालाँकि उनमें से ज्यादातर के बारे में उस इलाके से पता चला है जो अब दक्षिण अमेरिका कहलाता है।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. 40W आउटपुट, लालटेन जैसा डिजाइन, JBL का नया ब्लूटूथ स्पीकर लॉन्च, IP68 रेटिंग
  2. iQOO Z11 में मिलेगा 6.8 इंच AMOLED डिस्प्ले, 40,000 रुपये से कम होगा प्राइस
  3. Redmi K100 Pro सीरीज हुई लॉन्च, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Amazon की ग्रेट फ्रीडम सेल में Sony, JBL और कई ब्रांड्स के साउंडबार पर 70 प्रतिशत तक डिस्काउंट
  5. Google के AI पर खुद DeepMind को नहीं भरोसा? नौकरी के लिए जारी किया खास अलर्ट
  6. Samsung Galaxy S26 FE में मिल सकती है 6.7 इंच AMOLED स्क्रीन, Exynos 2500 चिपसेट
  7. OnePlus Nord 6 खरीदने का बेस्ट मौका? यहां मिल रही है ₹11 हजार तक की छूट
  8. ऑनलाइन ऑर्डर ट्रैक करने के लिए Google Wallet कैसे करें इस्तेमाल
  9. AI को Gym की क्लास बुक करने को कहा, उसने वेबसाइट हैक कर वेटिंग लिस्ट ही बदल डाली!
  10. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh बैटरी, 5 कलर्स के ऑप्शन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »