• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • अंतरिक्ष में 20 अरब किलोमीटर दूर NASA ने तारों के बीच चल रहे Voyager 2 से साधा संपर्क!

अंतरिक्ष में 20 अरब किलोमीटर दूर NASA ने तारों के बीच चल रहे Voyager 2 से साधा संपर्क!

Voyager 2 को नासा द्वारा 1977 में लॉन्च किया गया था।

अंतरिक्ष में 20 अरब किलोमीटर दूर NASA ने तारों के बीच चल रहे Voyager 2 से साधा संपर्क!

Photo Credit: NASA

Voyager 2 को नासा द्वारा 1977 में लॉन्च किया गया था।

ख़ास बातें
  • Voyager 2 स्पेसक्राफ्ट से दोबारा संपर्क साधने में नासा को मिली सफलता
  • Voyager 2 को नासा द्वारा 1977 में लॉन्च किया गया था।
  • वर्तमान में यह हमसे 19.9 अरब किलोमीटर दूर है।
विज्ञापन
अंतरिक्ष के बारे में वैज्ञानिक लगातार नई खोज कर रहे हैं। इसके लिए अमेरिका की नासा के अलावा यूरोपियन स्पेस एजेंसी, और चीन भी अपने स्तर पर काम कर रहा है। NASA को इस बीच एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अंतरिक्ष एजेंसी ने वोयेजर 2 (Voyager 2) स्पेसक्राफ्ट से दोबारा संपर्क साधने में सफलता हासिल कर ली है। इसके सबसे ज्यादा पावर वाले ट्रांसमीटर का इस्तेमाल कर एजेंसी ने वोयेजर के एंटिना को सही दिशा में सेट कर दिया है। 

Voyager 2 को नासा द्वारा 1977 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद सौरमंडल से बाहर के ग्रहों के बारे में पता लगाना था। वर्तमान में यह हमसे 19.9 अरब किलोमीटर दूर है। स्पेसशिप के लिए 21 जुलाई को कई कमांड्स भेजे गए थे। इनकी वजह से इसका एंटिना धरती की दिशा से 2 डिग्री दूसरी दिशा में घूम गया था। जिसके बाद स्पेसशिप सिग्नल भेजने और रिसीव करने में सफल नहीं हो पा रहा था। उसके बाद वोयेजर 2 को ऑटोमेटेड री-एलाइनमेंट के लिए तैयार किया गया।

मंगलवार को वैज्ञानिकों ने कई ऑब्जर्वेटरी की मदद से एक डीप स्पेस नेटवर्क (DSN) तैयार किया ताकि वोयेजर की ओर से आ रहे किसी भी तरह के सिग्नल को रिसीव किया जा सके। हालांकि, यह सिग्नल इतना ज्यादा कमजोर था कि इसके माध्यम से मिल रहा डेटा रीड करना संभव नहीं हो पा रहा था। अब नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी ने नया अपडेट दिया है, जिसमें कहा गया है कि इसने वोयेजर को सही दिशा में स्थापित करने में सफलता हासिल कर ली है। इसे 'इंटरस्टेलर शाउट' कहा गया जिसे वोयेजर तक पहुंचने में 18.5 घंटे का समय लगा। जबकि जो वैज्ञानिक इस मिशन को कंट्रोल कर रहे थे, उनको 37 घंटे का समय लगा ये पता लगाने में कि कमांड ने वोयेजर के लिए अपना काम किया कि नहीं। 

4 अगस्त को इसने डेटा भेजना शुरू कर दिया। इससे वैज्ञानिकों को पता लग पाया कि यह सामान्य तरीके से काम कर रहा है, और अपने अनुमानित प्रक्षेप पथ पर बढ़ रहा है। दिसंबर 2018 में इसने अपना प्रोटेक्टिव मेग्नेटिक कवच छोड़ दिया था। अब यह तारों के बीच अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सौरमंडल से बाहर निकलने से पहले इसने बृहस्पति और शनि को एक्सप्लोर किया था। यह पहला स्पेसक्राफ्ट है जो यूरेनस और नेप्च्यून तक पहुंच पाया है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Voyager 2, Voyager 2 mission, Voyager 2 Probe, NASA
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. मध्य प्रदेश में 16 साल के लड़के ने बनाया पानी की मदद से चलने वाला चूल्हा! 20% बचाता है ईंधन
  2. Vodafone Idea का गजब ऑफर अब 5G के साथ 4G डाटा भी अनलिमिटेड, 84 दिनों तक जितना मर्जी चलाओ इंटरनेट
  3. Samsung Galaxy S26 FE vs Oppo Reno 16 vs Xiaomi 17T: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  4. Samsung लेकर आ रहा सस्ता फोन, Galaxy A08 4G आया 6000mAh बैटरी के साथ नजर, जानें
  5. WhatsApp पर बदल रहे हैं फोन नंबर, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना सारा डाटा हो जाएगा खराब
  6. Vivo ला रही नया मिडरेंज फोन, 44W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  7. Tata Punch हुई ₹20 हजार तक महंगी! जानें किन मॉडल्स के बढ़े दाम
  8. Samsung का 42 हजार वाला फोन मिल रहा ₹9000 सस्ता, यहां आई तगड़ी डील
  9. Samsung Galaxy S26 FE हुआ भारत में लॉन्च, 50MP कैमरा, 4900mAh बैटरी से लैस, जानें और क्या है खास
  10. DRDO Internship 2026: ₹30 हजार कमाने का मौका दे रहा DRDO, BTech, MSc स्टूडेंट्स ऐसे करें ऑनलाइन अप्लाई
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »