ताइवान ने OnePlus के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के लिए अरेस्ट वॉरंट जारी किया है। यह कदम इस चाइनीज स्मार्टफोन मेकर की ओर से की गई हायरिंग की वजह से उठाया गया है
चाइनीज कंपनियों की ओर से हायरिंग को लेकर ताइवान का सख्त रवैया है
बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों में शामिल OnePlus के लिए ताइवान में मुश्किल खड़ी हो गई है। ताइवान ने OnePlus के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के लिए अरेस्ट वॉरंट जारी किया है। यह कदम इस चाइनीज स्मार्टफोन मेकर की ओर से की गई हायरिंग की वजह से उठाया गया है।
Bloomberg की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ताइवान में Shilin डिस्ट्रिक्ट के प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस की ओर से यह वॉरंट OnePlus के को-फाउंडर और CEO, Pete Lau के लिए जारी किया गया है। इसके साथ ही Pete के लिए कार्य करने वाले ताइवान के दो नागरिकों को भी दोषी बताया गया है। स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली चीन की OnePlus पर ताइवान में 70 से अधिक इंजीनियर्स को गैर कानूनी तरीके से हायर करने का शक है। ताइवान को सेमीकंडक्टर्स की इंडस्ट्री में एक बड़ी ताकत माना जाता है। इसके सेमीकंडक्टर्स का इस्तेमाल स्मार्टफोन्स से लेकर व्हीकल्स तक में किया जाता है।
चीन की टेक कंपनियों में ताइवान के वर्कर्स की काफी डिमांड है। इसका कारण इन वर्कर्स के पास बेहतर टेक्निकल स्किल्स और एक्सपीरिएंस होना है। हालांकि, चाइनीज कंपनियों की ओर से हायरिंग को लेकर ताइवान का सख्त रवैया है। इस ऑटोनॉमस टेरिटरी का मानना है कि सेमीकंडक्टर और अन्य टेक सेगमेंट्स में हायरिंग से उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। पिछले वर्ष ताइवान की एजेंसियों ने चीन की 11 टेक कंपनियों की ओर से रिक्रूटमेंट की जांच के हिस्से के तौर पर 34 स्थानों पर छापे मारे थे। इन कंपनियों में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉर्प (SMIC) भी शामिल थी। ताइवान के इनवेस्टिगेशन ब्यूरो ने बताया था कि SMIC ने समोआ की एक फर्म की आड़ में लोकल टैलेंट की हायरिंग के लिए एक ब्रांच खोली है।
पिछले कुछ वर्षों में स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में OnePlus ने तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी के को-फाउंडर, Pete को क्वालिटी पर फोकस करने के लिए जाना जाता है। भारत के स्मार्टफोन मार्केट में भी OnePlus की मजबूत स्थिति है। इस बारे में वनप्लस और Pete ने टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदन का उत्तर नहीं दिया है। चीन और ताइवान के बीच वर्षों से विवाद चल रहा है। चीन इसे अपना क्षेत्र बताता है और यह इस विवाद का प्रमुख कारण है। इस विवाद को लेकर अमेरिका की ओर से चीन को चेतावनी भी दी गई है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत में मौजूदगी बढ़ाएगी Tesla, बेंगलुरु में खुलेगा कंपनी का तीसरा शोरूम
iQOO Z11 Turbo में होगा 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, 15 जनवरी को लॉन्च