Apple के iPhone हो सकते हैं महंगे, मेमोरी कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने का असर!

इस वर्ष की पहली तिमाही में स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में शिपमेंट्स में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर छह प्रतिशत की कमी हुई है। इंटरनेशनल मार्केट में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में Apple का पहला रैंक है

Apple के iPhone हो सकते हैं महंगे, मेमोरी कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने का असर!

आईफोन की कुल वैल्यू में मेमोरी कंपोनेंट की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 45 प्रतिशत हो सकती है

ख़ास बातें
  • AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में मेमोरी कंपोनेंट्स की डिमांड बढ़ रही है
  • इससे मेमोरी कंपोनेंट्स के प्राइसेज में भी बढ़ोतरी हुई है
  • इंटरनेशनल मार्केट में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में Apple का पहला रैंक है
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बड़ी डिवाइसेज कंपनियों में शामिल Apple को सप्लाई चेन से जुड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से कंपनी जल्द ही iPhones के प्राइस बढ़ा सकती है। अगले वर्ष तक आईफोन की कुल वैल्यू में मेमोरी कंपोनेंट की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 45 प्रतिशत हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स में मेमोरी कंपोनेंट्स की डिमांड बढ़ना स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक बड़ी चुनौती है। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में मेमोरी कंपोनेंट्स की डिमांड बढ़ रही। इससे इन कंपोनेंट्स के प्राइसेज में भी बढ़ोतरी हुई है। आमतौर पर, एक स्मार्टफोन की कॉस्ट में मेमोरी कंपोनेंट की हिस्सेदारी 10-15 प्रतिशत की होती है। एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि यह आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है। एपल के लिए इस कॉस्ट का पूरा भार उठाना मुश्किल होगा। इस वजह से कंपनी के आईफोन्स के प्राइसेज बढ़ाए जा सकते हैं। यह अमेरिकी कंपनी ने ज्यादा कॉस्ट पर भी मेमोरी कंपोनेंट्स को खरीद रही है। इससे मार्केट में बदलती हुई स्थिति के साथ एडजस्ट करने की कंपनी की स्ट्रैटेजी का संकेत मिल रहा है। 

पिछले कुछ वर्षों में एपल ने चीन पर अपनी निर्भरता को घटाने की कोशिश की है। इसके लिए भारत और अमेरिका में कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ा रही है। हालांकि, मेमोरी जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के लिए एपल की सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा कुछ इंटरनेशनल सप्लायर्स पर निर्भर है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया था कि इस वर्ष की पहली तिमाही में स्मार्टफोन्स के चिप की इंटरनेशनल शिपमेंट्स में लगभग आठ प्रतिशत की कमी हुई है। इसका बड़ा कारण मेमोरी कंपोनेंट्स की शॉर्टेज है। हालांकि, एपल और दक्षिण कोरिया की Samsung की चिप से जुड़ी शिपमेंट्स में बढ़ोतरी हुई है। 

इस वर्ष की पहली तिमाही में स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में शिपमेंट्स में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर छह प्रतिशत की कमी हुई है। इंटरनेशनल मार्केट में स्मार्टफोन्स की शिपमेंट में Apple का पहला रैंक है। इस मार्केट में एपल की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत की है। इस कंपनी को वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग पांच प्रतिशत की ग्रोथ मिली है। यह पहली बार है कि जब एपल ने एक वर्ष की पहली तिमाही में सबसे अधिक मार्केट शेयर हासिल किया है। कंपनी की iPhone 17 सीरीज को मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है। भारत सहित एशिया-पैसिफिक के मार्केट्स में एपल की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। 

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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