Apple ने एशिया के स्मार्टफोन मार्केट में  Xiaomi को दी मात

एशिया में 22 प्रतिशत से अधिक के मार्केट शेयर के साथ Samsung पहले स्थान पर रही। इसके बाद एपल (17.15 प्रतिशत) और शाओमी (16.19 प्रतिशत) थी

Apple ने एशिया के स्मार्टफोन मार्केट में  Xiaomi को दी मात

एशिया में एपल का मार्केट शेयर बढ़ने का बड़ा कारण कंपनी की मौजूदगी बढ़ना है

ख़ास बातें
  • स्मार्टफोन कंपनियों के लिए एशिया बहुत महत्वपूर्ण है
  • इस महाद्वीप में दो बड़े स्मार्टफोन मार्केट भारत और चीन हैं
  • एशिया में Samsung पहले स्थान पर रही
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दुनिया भर में लोकप्रिय आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी Apple पिछले महीने एशिया में Xiaomi को पीछे छोड़कर दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन गई है। स्मार्टफोन कंपनियों के लिए एशिया बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दो बड़े स्मार्टफोन मार्केट भारत और चीन हैं। एशिया में स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनियों की बड़ी संख्या है। 

StatCounter के डेटा के अनुसार, फरवरी में एशिया में 22 प्रतिशत से अधिक के मार्केट शेयर के साथ Samsung पहले स्थान पर रही। इसके बाद एपल (17.15 प्रतिशत) और शाओमी (16.19 प्रतिशत) थी। सैमसंग की लगभग पूरे एशिया में मौजूदगी है और कंपनी इस रीजन में एडवर्टाइजिंग पर काफी खर्च करती है। कंपनी अपने स्मार्टफोन्स के लॉन्च के बाद डिस्काउंट के साथ कस्टमर्स को खींचने की कोशिश करती है। एशिया में एपल का मार्केट शेयर बढ़ने का बड़ा कारण कंपनी की मौजूदगी बढ़ना है। मलेशिया और वियतनाम जैसे देशों में स्टूडेंट डिस्काउंट देने से एपल को अपना मार्केट शेयर और मजबूत करने में मदद मिल सकती है। 

एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली Foxconn ने भारत में एक नया प्लांट लगाने की योजना बनाई है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण एपल ने आईफोन और अन्य डिवाइसेज के प्रोडक्शन के एक बड़े हिस्से को चीन से शिफ्ट करने की तैयारी की है। Bloomberg को इस योजना के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि फॉक्सकॉन का नया प्लांट कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एयरपोर्ट के निकट बनेगा। इसमें आईफोन के पार्ट्स बनाए जाएंगे। यह प्लांट लगभग 300 एकड़ की साइट पर होगा और इसमें लगभग 70 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट किया जाएगा।  

इस प्लांट में एपल के स्मार्टफोन्स की असेंबलिंग भी की जा सकती है। इसके अलावा फॉक्सकॉन इसका इस्तेमाल अपने जल्द शुरू होने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस के लिए कुछ पार्ट्स बनाने में भी कर सकती है। एपल और अन्य अमेरिकी कंपनियां अपने चाइनीज सप्लायर्स पर अन्य देशों में प्रोडक्शन के विकल्प तलाशने का दबाव डाल रही हैं। इन देशों में भारत और वियतनाम शामिल हैं। इससे चीन का दुनिया में सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोड्यूसर होने का दर्जा छिन सकता है। भारत में फॉक्सकॉन के बड़े इनवेस्टमेंट्स में यह शामिल होगा। इस प्लांट से लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। 
 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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