तालिबान की सुपरकार Simurgh की जिनेवा मोटर शो में धूम 

इसे अफगानिस्तान की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Entop और अफगानिस्तान टेक्निकल वोकेशनल इंस्टीट्यूट ने बनाया है

तालिबान की सुपरकार Simurgh की जिनेवा मोटर शो में धूम 

इसका फोर-सिलेंडर इंजन दो दशक पुरानी टोयोटा कोरोला से लिया गया है

ख़ास बातें
  • इसका डिजाइन अफगानिस्तान के 30 इंजीनियरों ने बनाया है
  • इस वर्ष की शुरुआत में इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिखाया गया था
  • यह पूरी तरह ब्लैक कलर में है
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पिछले कुछ वर्षों में सुपरकारों की डिमांड बढ़ी है। हालांकि, इन कारों को चुनिंदा ऑटोमोबाइल कंपनियां ही बनाती हैं। तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान में बनी एक सुपरकार Mada 9 को इस वर्ष की शुरुआत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दिखाया गया था। इस सुपरकार ने कतर में आयोजित Geneva Motor Show में एंट्री की है। हालांकि, इसे Mada 9 के बजाय Simurgh कहा जा रहा है। 

इसे अफगानिस्तान की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Entop और अफगानिस्तान टेक्निकल वोकेशनल इंस्टीट्यूट (ATVI) ने बनाया है। सबसे प्रतिष्ठित ऑटोमोटिव इवेंट्स में शामिल जिनेवा मोटर शो में इस सुपरकार को पसंद किया गया है। यह पूरी तरह ब्लैक कलर में है और इसका स्लीक डिजाइन है। ऐसा दावा किया गया है कि इस सुपरकार का डिजाइन अफगानिस्तान के 30 इंजीनियरों ने तैयार किया है। इसका फोर-सिलेंडर इंजन दो दशक पुरानी टोयोटा कोरोला से लिया गया है। हालांकि, इसके टेक्निकल स्पेसिफिकेशंस की जानकारी नहीं दी गई है। Simurgh का इंजन रियर माउंटेड है और ट्यूब चेसिस के बीच लगा है। 

इस सुपरकार को बनाने वाली Entop ने बताया है कि टोयोटा से लिए गए इंजन में इस सुपरकार के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। इसकी फ्रंट ग्रिल स्लीक LED हेडलैम्प दिए गए हैं। Simurgh में शार्प फ्रंट स्प्लिटर, बड़े ब्लैक एलॉय व्हील्स, फ्लेयर्ड फेंडर्स और बेहतर एयर इनटेक के साथ साइड प्रोफाइल है। इसमें पुशरॉड सस्पेंशन भी मिलता है। 

Simurgh के बारे में Entop का दावा है कि यह अन्य प्रोटोटाइप सुपरकारों से एक कदम आगे है। इसमें इलेक्ट्रिक पावरट्रेन भी लगाया जा सकता है। यह कार अभी प्रोटोटाइप है और इसकी कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग के लिए Entop को फंडिंग की जरूरत होगी। तालिबान के नियंत्रण के बाद से अफगानिस्तान में बहुत सी पाबंदियों को लागू किया गया है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में तालिबान की सरकार ने कुछ क्षेत्रों में पाबंदियों को घटाया है। अफगानिस्तान में ऑटोमोबाइल कंपनियों की मौजूदगी बहुत कम है। मैन्युफैक्चरिंग नही होने की वजह से अफगानिस्तान में कारों और टू-व्हीलर का इम्पोर्ट किया जाता है। इस वजह से इनके प्राइसेज अधिक होते हैं। बहुत से देशों ने अफगानिस्तान पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इससे मैन्युफैक्चरिंग पर भी बड़ा असर पड़ रहा है। हालांकि, तालिबान की सरकार ने कुछ क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी की है। 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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