Paytm के बाद फिनटेक सेक्टर पर सख्ती करने की योजना नहीं बना रहा RBI

हाल ही में RBI ने Paytm Payments Bank के कामकाज पर रोक लगाई थी। इससे इस सेक्टर से जुड़े इनवेस्टर्स को धक्का लगा है

Paytm के बाद फिनटेक सेक्टर पर सख्ती करने की योजना नहीं बना रहा RBI

इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक Paytm पर RBI ने शिकंजा कसा है

ख़ास बातें
  • RBI ने Paytm Payments Bank के कामकाज पर रोक लगाई है
  • पेमेंट्स सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों के लिए कड़े रूल्स बनाने की आशंका थी
  • हाल ही में RBI ने क्रिप्टो सेगमेंट पर बैन लगाने की मांग को दोहराया था
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में फिनटेक कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Paytm Payments Bank के कामकाज पर रोक लगाई थी। इससे इस सेक्टर से जुड़े इनवेस्टर्स को धक्का लगा है। हालांकि, RBI का कहना है कि उसकी इस सेक्टर के लिए कड़े नियम बनाने की योजना नहीं है। 

Bloomberg की रिपोर्ट में RBI के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (एंफोर्समेंट), P Vasudevan के हवाल से बताया गया है कि फिनटेक सेक्टर के लिए कड़े नियम नहीं लागू किए जा रहे। उनका कहना था कि RBI चाहता है कि ये कंपनियां खुद से रेगुलेशन करें। हालांकि, इस सेक्टर से डेटा प्राइवेसी पर नियमों का पालन करने की उम्मीद है। इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक Paytm पर RBI ने शिकंजा कसा है। इसके पेमेंट्स ऐप और बैंकिंग यूनिट के बीच संदिग्ध ट्रांजैक्शंस को लेकर कई बार चेतावनी देने के बाद Paytm Payments Bank के लाइसेंस को कैंसल करने का फैसला किया है। इसके बाद पेमेंट्स सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों को कड़े रूल्स लागू किए जाने की आशंका है। 

इस महीने की शुरुआत में RBI के गवर्नर Shaktikanta Das ने कहा था कि RBI चाहता है कि इस सेक्टर की कंपनियां ग्रोथ करें। हालांकि, क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर RBI की पोजिशन में बदलाव नहीं हुआ है। पिछले वर्ष RBI ने इस सेगमेंट पर बैन लगाने की मांग को दोहराया था।  पिछले कुछ वर्षों में इस सेगमेंट से जुड़े स्कैम के कई मामले भी हुए है। 

दास ने कहा था, "क्रिप्टो पर हमने स्थिति कई बार स्पष्ट की है और हम उस पर कायम हैं। IMF-FSB के सिंथिसिस पेपर में भी क्रिप्टो में रिस्क की जानकारी दी गई है। रेगुलेशन शून्य से 10 के स्केल पर होता है। शून्य रेगुलेशन का मतलब होगा कि कोई रेगुलेशन नहीं है और यह सभी के लिए खुला है और 10 का मतलब है कि आप इसकी अनुमति नहीं देते। FSB को रेगुलेशन को लेकर सतर्कता से कार्य करने की जरूरत है।" इस पेपर में क्रिप्टोकरेंसीज से जुड़ी एक्टिविटीज पर पूरी तरह बैन लगाने के खिलाफ दलील दी गई है। इसमें कहा गया है कि इस तरह का कदम महंगा पड़ सकता है और इसे लागू करना तकनीकी तौर पर मुश्किल होगा। क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर कुछ अन्य देशों में रेगुलेटर भी चेतावनी दे चुके हैं.   
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S26 FE में हो सकते हैं तीन कलर्स के ऑप्शन
  2. Vivo T5 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 3D कर्व्ड डिस्प्ले
  3. Lava Virat V1 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, Unisoc T8200 हो सकता है चिपसेट
  4. JCB Hydromax: दुनिया की सबसे तेज कार! 653km प्रतिघंटा की रफ्तार, हाईड्रोजन की ताकत, जानें सबकुछ
  5. 7,000mAh की बैटरी और टैबलेट जैसे डिस्प्ले के साथ पेश हुआ Huawei Pura X View 
  6. Vivo V80 Lite 5G आ रहा 10,000mAh बैटरी, 50MP दो कैमरा के साथ, 3 सितंबर को होगा लॉन्च
  7. Apple Watch ने बचाई एथलीट की जान! इस फीचर में दिखे गंभीर बिमारी के संकेत, समय रहते हुआ इलाज
  8. TATA सीधे सैटेलाइट से प्रदान करेगा आपके मोबाइल में इंटरनेट, जानें क्या है D2D सर्विस?
  9. Mahindra ने लॉन्च किया XEV 9S इलेक्ट्रिक SUV का 6 सीटर वर्जन, जानें प्राइस, फीचर्स
  10. GST के लिए ऑनलाइन कैसे करें आवेदन, घर बैठे हो जाएगा सारा काम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »