Microsoft ने पाकिस्तान में 25 वर्षों के बाद बंद किया ऑफिस

कंपनी का पाकिस्तान में लायजन ऑफिस था और यह एंटरप्राइज, एजुकेशन और सरकारी क्लाइंट्स पर फोकस करती थी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 5 जुलाई 2025 21:59 IST
ख़ास बातें
  • माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वर्कफोर्स को चार प्रतिशत घटाने का फैसला किया है
  • इससे कई देशों में कंपनी के 9,000 से अधिक वर्कर्स पर असर पड़ेगा
  • AI से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने से माइक्रोसॉफ्ट की कॉस्ट बढ़ी है

इससे पहले कुछ अन्य इंटरनेशनल कंपनियां भी पाकिस्तान में अपना बिजनेस बंद कर चुकी हैं

बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी इंटरनेशनल वर्कफोर्स को घटाने की स्ट्रैटेजी के तहत पाकिस्तान में अपना कामकाज बंद कर दिया है। पिछले कई वर्षों से इकोनॉमिक मुश्किलों का सामना कर रहे रहे पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका है। इससे पहले कुछ अन्य इंटरनेशनल कंपनियां भी पाकिस्तान में अपना बिजनेस बंद कर चुकी हैं। 

Microsoft का ऑफिस 25 वर्षों से पाकिस्तान में था। कंपनी ने इस फैसले के पीछे इंटरनेशनल लेवल पर बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग और क्लाउड-बेस्ड मॉडल पर शिफ्ट का कारण बताया है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वर्कफोर्स को लगभग चार प्रतिशत घटाने का फैसला किया है। इससे कई देशों में कंपनी के 9,000 से अधिक वर्कर्स पर असर पड़ेगा। माइक्रोसॉफ्ट के पाकिस्तान में पूर्व कंट्री मैनेजर, Jawwad Rehman ने प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn पर एक पोस्ट में पाकिस्तान की सरकार और IT मिनिस्टर से टेक कंपनियों के साथ बातचीत करने का निवेदन किया है। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का जाना बिजनेस के मौजूदा माहौल को दिखाता है। रहमान का कहना था, "माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों के लिए भी बने रहना मुश्किल हो रहा है।" 

पाकिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट, Arif Alvi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के कामकाज को समेटने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, "यह हमारे इकोनॉमिक भविष्य के लिए मुश्किल का संकेत है।" इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि माइक्रोसॉफ्ट ने कभी पाकिस्तान में एक्सपैंशन पर विचार किया था लेकिन अस्थिरता की वजह से कंपनी ने वियतनाम को चुना था। कंपनी का पाकिस्तान में लायजन ऑफिस था और यह एंटरप्राइज, एजुकेशन और सरकारी क्लाइंट्स पर फोकस करती थी। 

पिछले महीने के अंत में कंपनी के पास इंटरनेशनल लेवल पर लगभग 2,28,000 वर्कर्स थे। यह इनमें से हजारों वर्कर्स को हटाने की तैयारी कर रही है। इसका सेल्स और गेमिंग जैसी डिविजंस पर विशेषतौर पर बड़ा असर होगा। Windows ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने वाली माइक्रोसॉफ्ट ने वित्त वर्ष 2025 में लगभग 80 अरब डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर करने की जानकारी दी थी। हालांकि, AI से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की कॉस्ट का इसके मार्जिन पर असर हो रहा है। कंपनी ने बताया है कि उसकी योजना मैनेजर्स की संख्या कम करने और अपने प्रोडक्ट्स और प्रोसीजर्स में सुधार करने की है। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

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