माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट वैल्यू हुई 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा, AI में निवेश से फायदा 

दुनिया की दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी के तौर पर माइक्रोसॉफ्ट ने अपना स्थान बरकरार रखा है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 25 जनवरी 2024 23:05 IST
ख़ास बातें
  • पिछले कुछ दिनों में माइक्रोसॉफ्ट का शेयर बढ़ा है
  • ChatGPT को डिवेलप करने वाली OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट का इनवेस्टमेंट है
  • एपल को चीन जैसे बड़े मार्केट्स में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है

अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple स्टॉक मार्केट में वैल्यू के लिहाज से पहले स्थान पर है

बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल Microsoft की मार्केट वैल्यू तीन लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई है। दुनिया की दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी के तौर पर इसने अपना स्थान बरकरार रखा है। अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple स्टॉक मार्केट में वैल्यू के लिहाज से पहले स्थान पर है। 

इस वर्ष की शुरुआत से एपल और माइक्रोसॉफ्ट के शेयर्स के बीच मार्केट कैपिटलाइजेशन में पहले स्थान को लेकर कॉम्पिटिशन है। इस महीने की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैपिटलाइजेशन दो वर्षों में पहली बार iPhone बनाने वाली एपल से अधिक हो गया था। इससे यह दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी बन गई थी। हालांकि, इसके बाद एपल ने अपनी टॉप पोजिशन दोबारा हासिल कर ली थी। माइक्रोसॉफ्ट के शेयर का प्राइस बुधवार को 1.7 प्रतिशत बढ़कर 405.63 डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन तीन लाख करोड़ डॉलर को पार कर गया था। हालांकि, इसके बाद कंपनी के शेयर प्राइस में कुछ गिरावट आई थी। एपल को चीन जैसे बड़े मार्केट्स में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। चीन में सरकारी एजेंसियों ने एंप्लॉयीज पर एपल के डिवाइसेज के इस्तेमाल को लेकर बंदिशें लगाई हैं। 

पिछले कुछ दिनों में माइक्रोसॉफ्ट का शेयर बढ़ा है। पिछले वर्ष जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ChatGPT मेकर OpenAI में इनवेस्टमेंट के जरिए बड़ा कदम उठाने से माइक्रोसॉफ्ट के शेयर में काफी तेजी आई थी। ChatGPT को डिवेलप करने वाली OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा इनवेस्टमेंट है। 

बड़ी मात्रा में डेटा के जरिए प्रशिक्षित किए गए जेनरेटिव AI से मनुष्यों के जैसा नया कंटेंट तैयार हो सकता है। इससे साइंस से जुड़े असाइनमेंट पूरे किए जा सकते हैं और नॉवेल भी लिखे जा सकते हैं। हालांकि, जेनरेटिव AI के कई नुकसान भी हैं। इसके इस्तेमाल से ठगी के मामले हो रहे हैं और जाली वीडियो भी बनाए जा रहे हैं। इस वजह से कई देशों में रेगुलेटर्स इसे लेकर सख्ती करने की तैयारी कर रहे हैं। यूरोपियन यूनियन ने अपने AI एक्ट को संशोधित किया है और अमेरिका ने AI रेगुलेशन के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। भारत में जेनरेटिव AI के इस्तेमाल से धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। इस वजह से इस पर नियंत्रण करने की मांग हो रही है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon अब Prime Video के लिए फिल्म, TV शो बनाने में AI का करेगी इस्तेमाल!
  2. परफॉर्मेंस में Red Magic से लेकर Vivo और OnePlus ने मारी बाजी, AnTuTu ने जारी की टॉप 10 फोन की लिस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. पासपोर्ट स्टेटस ऑनलाइन कैसे करें चेक, आवेदन से लेकर, पुलिस वेरिफिकेशन और डिस्पैच का मिलेगा अपडेट
  2. Amazon अब Prime Video के लिए फिल्म, TV शो बनाने में AI का करेगी इस्तेमाल!
  3. Oppo Reno 15C 5G vs Redmi Note 15 Pro+ 5G vs OnePlus Nord 5: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट
  4. Xiaomi 17 Ultra जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh हो सकती है बैटरी
  5. Oppo Reno 15c 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. iQOO 15R में मिलेगा 50 मेगापिक्सल Sony LYT कैमरा, जल्द होगा भारत में लॉन्च
  7. 10000mAh बैटरी वाला पावरबैंक Portronics Moji 10 लॉन्च, जानें कीमत
  8. realme P4 Power 5G की रिकॉर्ड सेल! 10001mAh बैटरी वाले फोन ने मचाई धूम
  9. Oppo Reno 15c 5G की सेल लाइव, 7000mAh बैटरी वाले नए ओप्पो फोन को 10% डिस्काउंट पर खरीदने का मौका!
  10. Bharat Taxi Launched: Ola, Uber, Rapido को चुनौती देने आया कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म, जानें क्या है खास
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.