महाराष्ट्र सरकार केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदेगी, पॉल्यूशन कम करने के लिए किया फैसला

इससे पहले आदित्य ठाकरे ने पॉल्यूशन नहीं फैलाने वाले व्हीकल्स के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की घोषणा की थी

विज्ञापन
आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 जनवरी 2022 13:44 IST
ख़ास बातें
  • राज्य सरकार के इस्तेमाल के लिए केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदे जाएंगे
  • दिल्ली में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जोर दिया जा रहा है
  • कुछ अन्य राज्यों ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी बनाई हैं

इससे पहले राजधानी दिल्ली में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रोत्साहन देने के लिए उपायों की घोषणा की जा चुकी है

ट्रांसपोर्ट के जरिए होने वाले पॉल्यूशन को कम करने की कोशिश के तहत महाराष्ट्र सरकार ने अब केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने या रेंट पर लेने का फैसला किया है। राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने बताया कि इसके लिए पहले 1 अप्रैल की तिथि तय की गई थी जिसे अब इस वर्ष की शुरुआत से कर दिया गया है। राज्य सरकार और शहरी निकायों के इस्तेमाल के लिए अब केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को खरीदा या रेंट पर लिया जाएगा।

आदित्य ठाकरे ने ट्वीट कर बताया, "क्लीन मोबिलिटी और नागरिकों को प्रोत्साहित करने की हमारी प्रतिबद्धता को बरकरार रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस वर्ष की शुरुआत से केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने या किराए पर लेने का फैसला किया है।" इससे पहले उन्होंने पॉल्यूशन पर नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जोर दिया था और पॉल्यूशन नहीं फैलाने वाले व्हीकल्स के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की घोषणा की थी।

इस पॉलिसी में मुंबई, पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और नासिक में पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत करने और महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MSRTC) की कुल बसों में से 15 प्रतिशत को 2025 तक इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करना शामिल है।

इससे पहले राजधानी दिल्ली में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को प्रोत्साहन देने के लिए उपायों की घोषणा की जा चुकी है। दिल्ली सरकार ने 10 साल से पुराने डीजल इंजन वाले व्हीकल्स को इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलने की अनुमति दी है। इससे इन डीजल इंजन वाले व्हीकल्स पर बैन के फैसले से बचा जा सकेगा। नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल की ओर से 2015 और सुप्रीम कोर्ट के 2018 में जारी ऑर्डर्स के तहत दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल इंजन वाले व्हीकल्स को चलाया नहीं जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में पॉल्यूशन बड़ी समस्या बना हुआ है और सरकार इसे लेकर काफी गंभीर है। हाल ही में दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल इंजन वाले व्हीकल्स को बैन करने का फैसला लिया गया था। इसके चलते लाखों व्हीकल्स बैन के दायरे में आ गए थे। हालांकि, पुरानी डीजल कारों में इलेक्ट्रिक किट तभी लगाने की अनुमति तभी मिलगी जब टेस्टिंग एजेंसी डीजल कार के इंजन को फिट घोषित करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद ही इंजन को इलेक्ट्रिक सिस्टम के साथ बदला जा सकेगा।


 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo T4 Pro vs Realme P4 Pro 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. फ्रॉड के लिए eSIM का इस्तेमाल कर रहे स्कैमर्स, I4C ने दी चेतावनी
  2. BSNL ने गंवाए 1 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स, Reliance Jio को मिले सबसे अधिक वायरलेस कस्टमर्स
  3. NASA ने बना लिया मंगल पर घर! देखें अंदर से कैसा है ये 3D प्रिंटेड हैबिटेट
  4. Vivo T4 Pro vs Realme P4 Pro 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा है बेस्ट
  5. क्या आपका फोन हो गया है हैक? इन बातों पर दें ध्यान, ऐसे करें बचाव
  6. ट्रेन कहां पहुंची और कितनी देरी से चल रही है, लाइव स्टेटस ऐसे करें चेक
  7. दिल्ली मेट्रो का सफर होगा बिलकुल फ्री, यहां से करनी होगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग
  8. Apple ने iPhone 16 Pro Max का 'मजाक' उड़ाने वाले विज्ञापन पर Xiaomi को भेजा कानूनी नोटिस
  9. Tecno Pova Slim 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, बिना सिग्नल वाले एरिया में भी मिलेगी कनेक्टिविटी
  10. Google Pixel 10 vs Nothing Phone 3 vs OnePlus 13: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.