IT सेक्टर में घट सकते हैं जॉब के मौके, TCS और Infosys में होगी कम हायरिंग!

बड़ी IT कंपनियां इस वर्ष लगभग 40 प्रतिशत कम हायरिंग कर सकती हैं। इसके पीछे डिमांड को लेकर अनिश्चितता और स्लोडाउन जैसे कारण हैं

IT सेक्टर में घट सकते हैं जॉब के मौके, TCS और Infosys में होगी कम हायरिंग!

इसके पीछे डिमांड को लेकर अनिश्चितता और स्लोडाउन जैसे कारण हैं

ख़ास बातें
  • बड़ी IT कंपनियां इस वर्ष लगभग 40 प्रतिशत कम हायरिंग कर सकती हैं
  • कोरोना के दौरान IT कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था
  • पिछले एक वर्ष से इस सेक्टर के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं
विज्ञापन
पिछले कई वर्षों से IT सेक्टर में बड़ी संख्या में हायरिंग होती रही है। हालांकि, इस वर्ष इस सेक्टर में जॉब के मौके घट सकते हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और Infosys जैसी बड़ी IT कंपनियां इस वर्ष लगभग 40 प्रतिशत कम हायरिंग कर सकती हैं। इसके पीछे डिमांड को लेकर अनिश्चितता और स्लोडाउन जैसे कारण हैं। 

एक मीडिया रिपोर्ट में स्टाफिंग फर्म Xpheno के डेटा के हवाले से बताया गया है कि बड़ी IT कंपनियां मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 50,000 से 1,00,000 एंप्लॉयीज को हायर कर सकती हैं। यह पिछले वर्ष इन कंपनियों की ओर से 2.5 लाख से अधिक एंप्लॉयीज से अधिक की हायरिंग की तुलना में आधे से भी कम होगा। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में देश की टॉप सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों - Tata Consultancy Services, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra के एंप्लॉयीज की संख्या में 21,838 की कमी थी। भारत में मौजूदगी रखने वाली Accenture, Capgemini और Cognizant जैसी ग्लोबल IT का स्टाफ भी घटा है। 

कोरोना के दौरान IT कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, पिछले एक वर्ष में ग्लोबल इकोनॉमी में कमजोरी, बहुत सी कंपनियों के वर्क फ्रॉम होम को समाप्त कर एंप्लॉयीज को ऑफिस बुलाने और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण इस सेक्टर में स्लोडाउन बढ़ा है। हाल ही में JP Morgan की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इन्फ्लेशन बढ़ने, सप्लाई चेन की मुश्किलों और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से भारत की सॉफ्टवेयर कंपनियों की ग्रोथ पर लगाम लग सकती है। IT सेक्टर में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की हायरिंग भी घट रही है। इसमें अगली कुछ तिमाहियों में भी कमजोरी रह सकती है। 

इस वर्ष की शुरुआत में ग्लोबल IT कंपनी Microsoft ने हजारों वर्कर्स की छंटनी करने का फैसला किया था। कंपनी की योजना अपनी वर्कफोर्स को लगभग 5 प्रतिशत कम करने की है। माइक्रोसॉफ्ट से लगभग 11,000 वर्कर्स को बाहर किया जा सकता है। इसमें इंजीनियरिंग और ह्युमन रिसोर्सेज डिविजंस पर अधिक असर होगा। कंपनी पर अपनी क्लाउड यूनिट Azure के ग्रोथ रेट को बरकरार रखने का प्रेशर है। पिछली कुछ तिमाहियों से मंदी के कारण पर्सनल कंप्यूटर्स के मार्केट को भी नुकसान हुआ है। इससे माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और डिवाइसेज की बिक्री में भारी कमी आई है।  
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Software, Hiring, IT, Economy, Market, Russia, TCS, Ukraine, Demand, Infosys, Slowdown, Profit
आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
  2. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  3. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  4. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  5. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  6. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  7. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  8. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  9. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  10. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »