भारत के IT सेक्टर में पिछले एक वर्ष में 60,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की छंटनी

यह इंडस्ट्री लगभग 194 अरब डॉलर की है। इसमें लाखों लोगों को रोजगार मिला है। इस सेक्टर में भारतीय कंपनियों का दबदबा है

भारत के IT सेक्टर में पिछले एक वर्ष में 60,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की छंटनी

IT कंपनियों को अपने बिजनेस का बड़ा हिस्सा विदेश से मिलता है

ख़ास बातें
  • यह इंडस्ट्री लगभग 194 अरब डॉलर की है।
  • इसमें लाखों लोगों को रोजगार मिला है
  • IT कंपनी Microsoft ने हजारों वर्कर्स की छंटनी करने का फैसला किया है
विज्ञापन
पिछले कुछ महीनों में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ( IT) सेक्टर के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। देश में इस सेक्टर में पिछले एक वर्ष में लगभग 60,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की छंटनी हुई है। यह इंडस्ट्री लगभग 194 अरब डॉलर की है। इसमें लाखों लोगों को रोजगार मिला है। भारत की IT कंपनियों को अपने बिजनेस का बड़ा हिस्सा विदेश से मिलता है। 

देश 120 से अधिक रिक्रूटमेंट एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट, Lohit Bhatia ने बताया, "इस सेक्टर में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की हायरिंग में गिरावट इस सेक्टर में हायरिंग में ग्लोबल स्लोडाउन के समान है।" हालांकि, इसके साथ ही उनका कहना था कि मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर्स में कंज्यूमर डिमांड अधिक होने सा हायरिंग मजबूत बनी हुई है। 

कोरोना के दौरान IT कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था। हालांकि, पिछले एक वर्ष में ग्लोबल इकोनॉमी में कमजोरी, बहुत सी कंपनियों के वर्क फ्रॉम होम को समाप्त कर एंप्लॉयीज को ऑफिस बुलाने और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण इस सेक्टर में स्लोडाउन बढ़ा है। पिछले सप्ताह JP Morgan की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इन्फ्लेशन बढ़ने, सप्लाई चेन की मुश्किलों और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से भारत की सॉफ्टवेयर कंपनियों की ग्रोथ पर लगाम लग सकती है। पिछली तिमाही में IT सेक्टर में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की हायरिंग तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 6 प्रतिशत घटी है। इसमें अगली कुछ तिमाहियों में भी कमजोरी रह सकती है। 

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के अनुसार, देश की बेरोजगारी दर अप्रैल में लगातार चौथे महीने बढ़कर 8.11 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह इससे पिछले महीने 7.8 प्रतिशत पर थी। इस वर्ष की शुरुआत में ग्लोबल IT कंपनी Microsoft ने हजारों वर्कर्स की छंटनी करने का फैसला किया था। कंपनी की योजना अपनी वर्कफोर्स को लगभग 5 प्रतिशत कम करने की है। माइक्रोसॉफ्ट से लगभग 11,000 वर्कर्स को बाहर किया जा सकता है। इसमें इंजीनियरिंग और ह्युमन रिसोर्सेज डिविजंस पर अधिक असर होगा। माइक्रोसॉफ्ट पर अपनी क्लाउड यूनिट Azure के ग्रोथ रेट को बरकरार रखने का प्रेशर है। पिछली कुछ तिमाहियों से मंदी के कारण पर्सनल कंप्यूटर्स के मार्केट को नुकसान हुआ है और इससे माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और डिवाइसेज की बिक्री में भारी कमी आई है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Razr सीरीज में नया फ्लिप फोल्डेबल फोन होगा लॉन्च, 5G, NFC जैसे फीचर्स!
  2. Maruti Suzuki की e-Vitara को जापान की सेफ्टी रेटिंग में मिले 4-स्टार
  3. Vivo X500 Ultra में बड़े सेंसर के साथ मिल सकता है 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा
  4. Oura Ring 5 लॉन्च, हेल्थ और मेडिकेशन दोनों की ट्रैकिंग, 7 दिनों तक चलेगी बैटरी
  5. OnePlus Turbo Pro के जल्द लॉन्च की तैयारी, 200 मेगापिक्सल हो सकता है प्राइमरी कैमरा
  6. Vivo Y600 होगा 30 अक्टूबर को लॉन्च, 10,000mAh की मिलेगी बैटरी
  7. Oppo Reno 16 हुआ ₹12 हजार महंगा, नया बेस स्टोरेज वेरिएंट भी पेश
  8. सोनिया गांधी की इंस्टाग्राम पर एंट्री, पहली वीडियो पर लाखों व्यूज
  9. Vivo लेकर आया नए TWS ईयरबड्स, 2 दिन तक चलेगी बैटरी, हवा का शोर भी नहीं आएगा
  10. iQOO 16R ग्लोबल मार्केट में जल्द हो सकता है लॉन्च, 10,000mAh बैटरी!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »