अमेरिकी कंपनी Microsoft को चीन दिखाएगा बाहर का रास्ता? सरकारी सिस्टम से हटेगा Windows

चीन ने कुछ सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं से Windows हटाने का निर्देश दिया है। इसके पीछे डेटा और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं बताई जा रही हैं।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 19 अगस्त 2026 13:03 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने कुछ सरकारी संस्थाओं से Windows हटाने के निर्देश दिए
  • फैसले के पीछे डेटा और नेशनल सिक्योरिटी की चिंताएं बताई गईं
  • Windows की जगह घरेलू Linux-बेस्ड सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा

चीन सरकारी कंप्यूटरों से Windows हटाकर घरेलू ऑपरेटिंग सिस्टम को बढ़ावा दे रहा है

चीन अपनी सरकारी टेक्नोलॉजी को अमेरिकी कंपनियों पर निर्भरता से दूर करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कुछ सरकारी और सरकारी कंट्रोल वाली संस्थाओं को अपने कंप्यूटर सिस्टम से Windows हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बीजिंग लंबे समय से घरेलू टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के Ministry of State Security ने कुछ सरकारी संस्थानों और सरकारी कंपनियों को Windows 10 China Government Edition हटाने के लिए कहा है। खास बात यह है कि यह Windows का सामान्य वर्जन नहीं, बल्कि चीन की सरकारी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया खास वर्जन है। इसे भी अब तय समय से पहले हटाने की तैयारी है।

Windows 10 China Government Edition को Microsoft ने चीन की सरकारी जरूरतों के हिसाब से तैयार किया था। इसके लिए Microsoft ने चीन की सरकारी कंपनी China Electronics Technology Group (CETC) के साथ मिलकर C&M Information Technologies (CMIT) नाम की जॉइंट वेंचर कंपनी बनाई थी। Microsoft के मुताबिक, इस वर्जन में चीन की सरकार को टेलीमेट्री और अपडेट्स पर ज्यादा कंट्रोल देने के साथ अपने एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम इस्तेमाल करने की सुविधा दी गई थी।

इसके बावजूद अब चीन इस सिस्टम से भी दूरी बनाने की तैयारी कर रहा है। CMIT के मुताबिक Windows 10 CMIT Government Edition V2022-L को पांच साल के सर्विस साइकल के लिए जारी किया गया था और इसकी सपोर्ट अवधि फरवरी 2027 तक तय थी।

रिपोर्ट आगे बताती है कि इस फैसले के पीछे चीन की डेटा सिक्योरिटी और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं अहम वजह हैं। चीन पिछले कुछ समय से सरकारी कंप्यूटर और दूसरे सिस्टम में विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है।

चीन और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी को लेकर तनाव बढ़ने के बाद यह पॉलिसी और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। बीजिंग सरकारी संस्थानों में घरेलू हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है, ताकि संवेदनशील डेटा और सरकारी सिस्टम के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम की जा सके।

Windows को हटाने के बाद चीन के सरकारी संस्थानों में घरेलू Linux-बेस्ड ऑपरेटिंग सिस्टम के इस्तेमाल को बढ़ावा दिए जाने की संभावना है। चीन में पहले से कई घरेलू कंपनियां और संस्थान Linux पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार कर रहे हैं। इसका मकसद सिर्फ एक अमेरिकी कंपनी के सॉफ्टवेयर को बदलना नहीं है, बल्कि चीन के पूरे टेक इकोसिस्टम को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाना है। चीन पहले ही चिप्स, ऑपरेटिंग सिस्टम, सर्वर और दूसरे टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में घरेलू ऑप्शन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।

Microsoft के लिए भी यह फैसला अहम है। कंपनी ने चीन के सरकारी ग्राहकों के लिए खास Windows वर्जन तैयार करके वहां अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश की थी। हालांकि, हाल के वर्षों में चीन में Microsoft के कारोबार पर घरेलू टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाली नीतियों और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर पड़ा है।

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