ChatGPT के क्रिएटर Sam Altman की OpenAI में CEO के तौर पर वापसी

OpenAI से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद ही कंपनी में सैम की वापसी हुई है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड में भी बदलाव किया गया है

ChatGPT के क्रिएटर Sam Altman की OpenAI में CEO के तौर पर वापसी

पिछले सप्ताह OpenAI के बोर्ड ने सैम को बिना कोई कारण बताए निकाल दिया था

ख़ास बातें
  • कंपनी के बोर्ड में भी बदलाव किया गया है
  • OpenAI में सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft का बड़ा इनवेस्टमेंट है
  • सैम को माइक्रोसॉफ्ट सहित कंपनी के बड़े इनवेस्टर्स का समर्थन है
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जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी ChatGPT से मशहूर हुए Sam Altman ने OpenAI के चीफ एग्जिक्यूटिव की जिम्मेदारी दोबारा संभालेंगे। OpenAI से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद ही कंपनी में उनकी वापसी हुई है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड में भी बदलाव किया गया है। 

OpenAI में सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft का बड़ा इनवेस्टमेंट है। सैम को माइक्रोसॉफ्ट सहित कंपनी के बड़े इनवेस्टर्स का समर्थन है। इससे उन्हें इस टेक्नोलॉजी को कमर्शियल तरीके से आगे बढ़ाने में छूट मिल सकती है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर बिजनसे स्कूल में सेंटर ऑफ इनवेस्टर प्रोटेक्शन के डायरेक्टर, Mak Yuen Teen ने कहा, "सैम की वापसी से कंपनी में उथल पुथल पर लगाम लग सकती है। हालांकि, गवर्नेंस से जुड़े मुद्दे जारी रह सकते हैं। वह शक्तिशाली दिख रहे हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड उनकी निगरानी कर सकेगा या नहीं। बोर्ड केवल एक रबर स्टैम्प बनने का खतरा है।" 

कंपनी के नए बोर्ड में टॉप लेवल पर अधिक एक्सपीरिएंस होगा और यह अमेरिकी सरकार और वॉल स्ट्रीट के साथ संबंधों को मजबूत बनाने की कोशिश करेगा। पिछले सप्ताह OpenAI के बोर्ड ने सैम को बिना कोई कारण बताए निकाल दिया था। इसके बाद अंतरिम CEO को की नियुक्ति की कोशिश हुई थी। सैम के माइक्रोसॉफ्ट के साथ जुड़ने की रिपोर्ट भी आई थी। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट की ओर से प्रेशर और सैम की OpenAI के 700 से अधिक एंप्लॉयीज के साथ वफादारी के कारण कंपनी को उन्हें बहाल करना पड़ा है। 

बड़ी मात्रा में डेटा के जरिए प्रशिक्षित किए गए जेनरेटिव AI से मनुष्यों के जैसा नया कंटेंट तैयार हो सकता है। इससे साइंस से जुड़े असाइनमेंट पूरे किए जा सकते हैं और नॉवेल भी लिखे जा सकते हैं। जेनरेटिव AI के कई नुकसान भी हैं। इसके इस्तेमाल से ठगी के मामले हो रहे हैं और जाली वीडियो भी बनाए जा रहे हैं। इस वजह से कई देशों में रेगुलेटर्स इसे लेकर सख्ती करने की तैयारी कर रहे हैं। यूरोपियन यूनियन ने अपने AI एक्ट को संशोधित किया है और अमेरिका ने AI रेगुलेशन के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। भारत में जेनरेटिव AI के इस्तेमाल से धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। इस वजह से इस पर नियंत्रण करने की मांग हो रही है। केंद्र सरकार ने भी इसे लेकर इसके गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई है। 


 
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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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