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CBI का सायबर क्राइम के खिलाफ बड़ा अभियान, जब्त की 3 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसीज

CBI ने सायबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई के लिए वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को ट्रैक और जब्त करने की अपनी क्षमता विकसित की है

CBI का सायबर क्राइम के खिलाफ बड़ा अभियान, जब्त की 3 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसीज

पिछले कुछ वर्षों में सायबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़े हैं

ख़ास बातें
  • CBI ने सायबर क्राइम करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है
  • यह गिरोह अमेरिका और कुछ अन्य देशों में लोगों को निशाना बनाता था
  • CBI ने सायबर अपराधियों के खिलाफ 'Chakra-V' अभियान चलाया है
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पिछले कुछ वर्षों में सायबर क्राइम की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस पर लगाम लगाने के लिए जांच एजेंसियां कोशिशें कर रही हैं। इसी कड़ी में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) ने सायबर क्राइम करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह सरकारी अधिकारी और टेक सपोर्ट एग्जिक्यूटिव्स की जाली पहचान के साथ अमेरिका और कुछ अन्य देशों में लोगों को निशाना बनाता था। 

CBI के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में आरोपी Rahul Arora को कुछ जगहों पर छापे मारकर गिरफ्तार किया गया है। इस आरोपी के पास से लगभग 2.8 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसीज और लगभग 22 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है। CBI ने सायबर अपराधियों के खिलाफ 'Chakra-V' अभियान चलाया है। अमेरिका और कुछ अन्य देशों में सरकारी अधिकारियों और प्रतिष्ठित टेक सपोर्ट कंपनियों के प्रतिनिधियों की जाली पहचान बताकर लोगों को ठगने की सूचना मिलने के बाद CBI ने एक मामला दर्ज किया था। इस गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों की निगरानी करने के बाद उनके ठिकानों पर छापे मारे गए थे। 

इन छापों में गिरोह की गतिविधियों के बारे में सबूत मिले थे। इनमें पहचान छिपाने वाली कॉलर आइडेंटिटी के साथ इंटरनेशनल कॉल्स के लिए टूल्स और अन्य सबूत शामिल थे। CBI ने सायबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई के लिए वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को ट्रैक और जब्त करने की अपनी क्षमता विकसित की है। 

क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget ने अपनी एंटी-स्कैम रिपोर्ट में बताया है कि पिछले वर्ष इंटरनेशनल क्रिप्टो स्कैम्स में लगभग 4.6 अरब डॉलर (लगभग 39,364 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कैमर्स के ठगी के तरीकों में भी बदलाव हो रहा है और ये सोशल इंजीनियरिंग स्कैम्स के साथ डीपफेक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। Bitget की CEO, Gracy Chen ने बताया कि AI ने स्कैम्स को तेज, सस्ता और यहां तक कि पकड़ने में अधिक मुश्किल बना दिया है। उदाहरण के लिए, स्कैमर्स AI-जेनरेटेड फेक स्टेकिंग ऑफर्स और फिशिंग बॉट्स के इस्तेमाल से इनवेस्टर्स को ठग रहे हैं। इस रिपोर्ट में डीपफेक वीडियोज से जुड़े कुछ मामलों की जानकारी दी गई है जिनमें बिलिनेयर Elon Musk और सिंगापुर के प्रधानमंत्री Lee Hsien Loong जैसी सार्वजनिक हस्तियों के इंटरनेट पर डीपफेक वीडियोज पोस्ट कर इनवेस्टमेंट की जाली स्कीमों का प्रचार किया गया था। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

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